एशिया में एक और ‘होर्मुज’ बनने की तैयारी! ईरान संकट के बीच साउथ चाइना सी में चीन की बड़ी घेराबंदी; स्कारबोरो शोल पर लगाया ‘फ्लोटिंग बैरियर’

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मनीला/बीजिंग: दुनिया की नजरें इस समय मध्य पूर्व (Middle East) में तेल के सबसे अहम रास्ते, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर टिकी हैं, जहाँ अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है। लेकिन इस वैश्विक अस्थिरता के बीच चीन ने एशिया के दूसरे छोर पर अपनी चाल चल दी है। ताज़ा सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा हुआ है कि चीन ने साउथ चाइना सी (South China Sea) के विवादित स्कारबोरो शोल (Scarborough Shoal) के एंट्री पॉइंट को लगभग बंद कर दिया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जब अमेरिका का पूरा ध्यान ईरान पर केंद्रित है, चीन इस मौके का फायदा उठाकर दक्षिण चीन सागर में अपनी पकड़ को और अधिक आक्रामक तरीके से मजबूत कर रहा है।

क्या है चीन का ‘फ्लोटिंग बैरियर’ प्लान?

स्कारबोरो शोल फिलीपींस और चीन के बीच लंबे समय से तनाव का केंद्र रहा है। हालिया घटनाक्रम में चीन ने यहाँ सामरिक घेराबंदी तेज कर दी है:

एंट्री ब्लॉक: चीन ने स्कारबोरो शोल के प्रवेश द्वार पर करीब 350 मीटर लंबा फ्लोटिंग बैरियर लगाया है।

मैरीटाइम मिलिशिया: बैरियर के साथ-साथ चीन ने दर्जनों फिशिंग बोट्स और कोस्ट गार्ड के जहाजों को तैनात किया है, जिसे फिलीपींस अपनी संप्रभुता पर हमला बता रहा है।

मछुआरे संकट में: यह क्षेत्र मछली पकड़ने के लिए बेहद समृद्ध है। फिलीपींस के मछुआरों को चीनी कोस्ट गार्ड द्वारा डरा-धमका कर वहां से भगाया जा रहा है।

फिलीपींस बनाम चीन: आमने-सामने की जंग के संकेत

फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने चीन के इस आक्रामक रवैये के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है।

जवाबी तैनाती: फिलीपींस ने भी अपने कोस्ट गार्ड और नौसेना के जहाजों को स्कारबोरो शोल की ओर रवाना कर दिया है, जिससे समुद्री टकराव की आशंका बढ़ गई है।

अदालती फैसला बेअसर: गौरतलब है कि 2016 में अंतरराष्ट्रीय अदालत ने इस क्षेत्र पर फिलीपींस के अधिकार को सही ठहराया था, लेकिन चीन ने इसे ‘कागज का रद्दी टुकड़ा’ बताकर मानने से इनकार कर दिया है।

अमेरिका की भूमिका: ईरान के बाद अब पैसिफिक की बारी?

चीन की इस चाल ने अमेरिका को भी सतर्क कर दिया है। अमेरिका और फिलीपींस ने हाल ही में इस इलाके के पास संयुक्त सैन्य अभ्यास (Joint Military Drill) किया है। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि वह अपने सहयोगी फिलीपींस की समुद्री सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। हालांकि, कूटनीतिज्ञों का कहना है कि चीन यह अच्छी तरह जानता है कि अमेरिका फिलहाल दो मोर्चों (यूक्रेन और ईरान) पर फंसा हुआ है, इसलिए वह ‘तनाव का फायदा’ उठाने की रणनीति पर काम कर रहा है।

क्यों अहम है स्कारबोरो शोल?

स्कारबोरो शोल न केवल संसाधनों (मछली और खनिज) के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह एक रणनीतिक स्थान भी है।

व्यापारिक मार्ग: दक्षिण चीन सागर से होकर खरबों डॉलर का वैश्विक व्यापार गुजरता है।

सैन्य नियंत्रण: यहाँ नियंत्रण पाकर चीन पूरे क्षेत्र में फिलीपींस और अमेरिकी नौसेना की आवाजाही पर नजर रख सकता है।

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