Chipkali Shubh ya Ashubh: छिपकलियों की लड़ाई और मरी हुई छिपकली का दिखना क्यों माना जाता है अशुभ, एक्सपर्ट से समझें

घर की दीवार पर अचानक छिपकली रेंगती दिख जाए, तो ज्यादातर लोग डर या अजीब सी झिझक के मारे दूर हट जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारतीय शकुन शास्त्र, ज्योतिष और वास्तु विज्ञान में छिपकली को केवल एक साधारण जीव नहीं माना गया है? सनातन परंपराओं में इसे घर की ऊर्जा और आने वाले समय के बदलावों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है।

अक्सर हमारे घर के बुजुर्ग कहते हैं कि छिपकली का दिखना साक्षात माता लक्ष्मी के आगमन का संकेत होता है, तो वहीं कुछ विशेष परिस्थितियों में यह हमें आने वाले संकटों के प्रति सचेत भी करती है। वास्तु विशेषज्ञ पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा के अनुसार, छिपकली घर के किस कोने में और किस स्थिति में दिख रही है, इसी से उसके शुभ या अशुभ होने का निर्धारण होता है।

कब-कब शुभ होता है छिपकली का दिखना?

1. पूजा घर या मंदिर के पास दिखना

यदि आपके घर के मंदिर या पूजा स्थल के आसपास छिपकली घूमती हुई नजर आए, तो इसे अत्यंत सकारात्मक और भाग्यशाली माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, यह संकेत बताता है कि घर में सुख-समृद्धि आने वाली है और धन की तंगी दूर होगी। खासकर दिवाली, अक्षय तृतीया जैसे बड़े त्योहारों या किसी मांगलिक कार्य के दिन इसका दिखना सीधे तौर पर मां लक्ष्मी की असीम कृपा का प्रतीक माना जाता है।

2. फर्श पर चलती हुई छिपकली

अगर छिपकली दीवार के बजाय जमीन या फर्श पर चलती हुई दिखाई दे, तो यह आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होने का इशारा है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, यह इस बात का संकेत है कि आपका कहीं रुका हुआ धन वापस मिल सकता है या आपको आय के नए साधन मिलने वाले हैं। ग्रामीण इलाकों में इसे किसी आने वाले अच्छे और सुखद समाचार से भी जोड़कर देखा जाता है।

3. अनाज रखने की जगह (रसोईघर) के पास

जहां गेहूं, चावल या राशन का अन्य सामान रखा जाता है, उस जगह के आसपास छिपकली का दिखना बरकत का प्रतीक माना जाता है। पुरानी मान्यताओं के अनुसार, इससे घर में अन्न और धन का भंडार हमेशा भरा रहता है और परिवार में कभी किसी चीज की कमी नहीं होती।

4. नए घर में पहली बार दिखना

जब आप किसी नए मकान में गृह प्रवेश (Griha Pravesh) कर रहे हों और वहां पहली बार छिपकली दिखाई दे, तो इसे अपने पूर्वजों का आशीर्वाद मानना चाहिए। वास्तु के अनुसार, यह संकेत बताता है कि नए घर में आपका जीवन शांति, उन्नति और खुशहाली से बीतेगा।

छिपकली की स्थिति और उसके संकेत: एक नजर में

आपके घर में दिखने वाली छिपकली आपके भविष्य के बारे में क्या इशारा करती है, इसे आप नीचे दी गई तालिका से आसानी से समझ सकते हैं:

छिपकली दिखने का स्थान / स्थिति मिलने वाला संभावित संकेत (Vastu Sign) प्रकृति (Nature)
पूजा घर या मंदिर के पास धन लाभ, सुख-समृद्धि और मां लक्ष्मी की विशेष कृपा। अत्यंत शुभ
जमीन या फर्श पर रेंगना रुका हुआ पैसा वापस मिलना, आय के नए स्रोत खुलना। शुभ
अनाज के बर्तनों के आसपास घर में बरकत बने रहना, अन्न-धन की प्रचुरता। शुभ
गृह प्रवेश के समय दिखना पितरों और पूर्वजों का आशीर्वाद, नए घर में शांति। शुभ
दो छिपकलियों की आपसी लड़ाई परिवार में कलह, आपसी विवाद या मानसिक तनाव। अशुभ
घर में मरी हुई छिपकली मिलना घर के भीतर नकारात्मक ऊर्जा का बढ़ना, सेहत खराब होना। अशुभ
अचानक बहुत ज्यादा संख्या में दिखना कुंडली में राहु का कमजोर होना, मानसिक भ्रम बढ़ना। अशुभ

कब माना जाता है इसे अशुभ संकेत?

हर स्थिति में छिपकली का दिखना अच्छा ही हो, ऐसा जरूरी नहीं है। शकुन शास्त्र में कुछ ऐसी परिस्थितियां भी बताई गई हैं जब आपको थोड़ा सावधान हो जाना चाहिए:

  • दो छिपकलियों का आपस में लड़ना: अगर घर की दीवार पर दो छिपकलियों को आपस में झगड़ते या लड़ते हुए देखें, तो यह घर के सदस्यों के बीच आने वाले मानसिक तनाव, मनमुटाव या पारिवारिक कलह का संकेत हो सकता है।

  • मरी हुई छिपकली का दिखना: घर में किसी कोने या अलमारी के पीछे मरी हुई छिपकली का मिलना अच्छा नहीं माना जाता। यह घर में नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) के बढ़ने का प्रतीक है, जो परिवार के किसी सदस्य की सेहत पर बुरा असर डाल सकती है।

  • अचानक बहुत ज्यादा संख्या में आना: यदि अचानक से आपके घर में छिपकलियों की संख्या बहुत ज्यादा बढ़ जाए, तो वास्तु के अनुसार यह कुंडली में राहु के कमजोर होने या उसके अशुभ प्रभाव की ओर इशारा करता है। इससे व्यक्ति के मन में बिना वजह का भ्रम और अनजाना डर पैदा हो सकता है।

  • गहरे काले रंग की छिपकली: ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, सामान्य छिपकली के मुकाबले गहरे काले रंग की छिपकली का दिखना जीवन में आने वाली किसी परेशानी या अप्रिय घटना का पूर्व संकेत हो सकता है।

विशेषज्ञ की राय:

वास्तु विशेषज्ञ पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा के अनुसार, इन संकेतों को किसी डर या अंधविश्वास के चश्मे से देखने के बजाय हमारे पूर्वजों द्वारा प्रकृति को समझने के एक पारंपरिक तरीके के रूप में देखना चाहिए। जीव-जंतुओं की गतिविधियां हमारे आसपास के वातावरण की ऊर्जा को दर्शाती हैं, इसलिए इनसे घबराने की जगह अपने घर की साफ-सफाई और सकारात्मकता पर ध्यान देना ही सबसे सही और सटीक उपाय है।