ब्रिस्टल टी20: इंग्लैंड ने भारत को 26 रनों से हराया, सीरीज 1-1 से बराबर; हरमनप्रीत का ‘रिटायर-आउट’ दांव पड़ा उल्टा

ब्रिस्टल में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में इंग्लैंड की महिला टीम ने भारतीय टीम को 26 रनों से शिकस्त दे दी है। इस जीत के साथ ही तीन मैचों की यह टी20 सीरीज अब 1-1 की रोमांचक बराबरी पर आ खड़ी हुई है। मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लिश टीम ने भारत के सामने 169 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा था। जवाब में रनों का पीछा करने उतरी भारतीय टीम दबाव को संभाल नहीं पाई और निर्धारित 20 ओवरों में 9 विकेट के नुकसान पर महज 142 रन ही बना सकी।

हरमनप्रीत का ‘रिटायर-आउट’ वाला दांव पड़ा उल्टा

इस मुकाबले का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट और चर्चा का विषय कप्तान हरमनप्रीत कौर का एक अनोखा फैसला रहा। पारी के दौरान यास्तिका भाटिया क्रीज पर थोड़ा संघर्ष कर रही थीं और गेंद को ठीक से कनेक्ट नहीं कर पा रही थीं। ऐसे में टीम मैनेजमेंट ने एक बड़ा जोखिम लेते हुए यास्तिका को वापस बुलाने यानी ‘रिटायर आउट’ कराने का फैसला किया, ताकि उनकी जगह फॉर्म में चल रही जेमिमा रॉड्रिग्स को क्रीज पर भेजा जा सके और रन गति को बढ़ाया जा सके।

हार के बाद कप्तान हरमनप्रीत ने खुद माना कि यह रणनीति पूरी तरह फेल रही। जेमिमा उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकीं और सिर्फ 1 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। क्रिकेट के मैदान पर बहुत कम दिखने वाला यह दांव चलने के बजाय टीम इंडिया के लिए आत्मघाती साबित हुआ।

वर्ल्ड कप से पहले मिडिल ऑर्डर की कमजोरी आई सामने

आगामी टी20 वर्ल्ड कप के नजरिए से देखा जाए तो यह हार भारतीय टीम के लिए एक बड़े वेक-अप कॉल की तरह है। मैच में टॉप ऑर्डर ने तो ठीक-ठाक शुरुआत दिलाई, लेकिन मिडिल ऑर्डर पूरी तरह से ताश के पत्तों की तरह ढह गया।

  • स्मृति मांधना: 25 गेंदों में 32 रन

  • यास्तिका भाटिया: 36 गेंदों में 33 रन

  • हरमनप्रीत कौर: 22 गेंदों में 28 रन

  • शेफाली वर्मा: 14 गेंदों में 22 रन

इन चारों के अलावा टीम इंडिया का कोई भी दूसरा बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा तक नहीं छू सका। जेमिमा रॉड्रिग्स (1 रन), ऋचा घोष (8 रन), दीप्ति शर्मा (2 रन) और श्रेयंका पाटिल (6 रन) जैसी बल्लेबाजों के सस्ते में आउट होने से साफ हो गया कि दबाव के समय हमारा मिडिल ऑर्डर बिखर जाता है। वर्ल्ड कप में यह कमजोरी टीम को भारी पड़ सकती है।

फ्रेया कैंप बनीं इंग्लैंड की जीत की असली स्टार

इससे पहले, भारतीय गेंदबाजों ने मैच में शानदार शुरुआत की थी। श्री चरणी ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट झटके और इंग्लैंड के टॉप ऑर्डर को मुश्किल में डाल दिया। सोफी डंकले (10 रन), डेनी व्याट, एमी जोंस और हीथर नाइट जैसी स्टार खिलाड़ी बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहीं। 126 रन पर इंग्लैंड के 5 विकेट गिर चुके थे और लग रहा था कि भारत मैच पर पकड़ बना चुका है।

लेकिन इसके बाद मैदान पर आईं फ्रेया कैंप ने अकेले दम पर पासा पलट दिया। उन्होंने भारतीय गेंदबाजों पर चौके-छक्कों की बारिश करते हुए सिर्फ 13 गेंदों में ताबड़तोड़ 39 रनों की नाबाद पारी खेली और टीम के स्कोर को 168 तक पहुंचा दिया। इसके बाद गेंदबाजी में भी कमाल करते हुए उन्होंने महज 15 रन देकर 2 कीमती विकेट चटकाए, जिसके लिए उन्हें मैच की सबसे बड़ी स्टार माना जा रहा है।