सादे खाने में भी आ जाएगा अमृत का स्वाद घर पर बनाएं ऑथेंटिक आलू की भुजिया, याद रखें ये 4 सीक्रेट टिप्स

भारतीय खानपान में कई बार बेहद सादा और कम मसालों वाला खाना भी ऐसा स्वाद दे जाता है कि बड़े से बड़े पकवान उसके आगे फीके लगने लगते हैं। ‘बिहारी स्टाइल आलू की भुजिया’ इसका सबसे परफेक्ट और सटीक उदाहरण है। दोपहर में गरमा-गरम दाल-चावल हो या सुबह-शाम के रोटी-पराठे, आलू की यह क्रिस्पी भुजिया हर कॉम्बिनेशन के साथ लाजवाब लगती है।

इस भुजिया की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें गरम मसाला, धनिया या जीरा पाउडर जैसे भारी मसालों का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं होता। सरसों के तेल की सोंधी खुशबू और खास अंदाज में कटे हुए आलू ही इसे बच्चों से लेकर बड़ों तक सबका पसंदीदा बनाते हैं। वैसे तो इसे बनाना बेहद आसान है, लेकिन अगर आपको वही पारंपरिक और ऑथेंटिक बिहारी स्वाद चाहिए, तो आपको बनाते समय कुछ छोटी लेकिन बेहद जरूरी बातों का ध्यान रखना होगा। आइए जानते हैं आलू की परफेक्ट भुजिया बनाने के वो सीक्रेट्स।

1. फ्रेंच फ्राइज जैसी कटिंग और स्टार्च निकालना है जरूरी

बिहारी स्टाइल आलू भुजिया के बेहतरीन टेक्सचर के लिए आलू को काटने का तरीका सबसे अलग होता है।

  • टिप: आलू को हमेशा लंबा और पतला काटें, बिल्कुल वैसे ही जैसे फ्रेंच फ्राइज बनाने के लिए काटा जाता है। आप चाहें तो आलू को छिलके समेत काट सकते हैं या छिलका उतारकर, यह पूरी तरह आपकी पसंद पर निर्भर करता है।

  • धोने का तरीका: काटने के बाद आलुओं को 5 से 10 मिनट के लिए पानी में भिगोकर छोड़ दें। इससे आलुओं का अतिरिक्त स्टार्च (Starch) निकल जाता है। इसके बाद इन्हें 2-3 बार साफ पानी से अच्छी तरह धो लें। ऐसा करने से भुजिया आपस में चिपकती नहीं और एकदम खिली-खिली बनती है।

2. सिर्फ और सिर्फ सरसों के तेल का ही करें इस्तेमाल

आजकल लोग खाना पकाने के लिए रिफाइंड या ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल करने लगे हैं, लेकिन अगर आपको असली बिहारी स्वाद चाहिए तो तेल के चुनाव में कोई समझौता न करें।

  • टिप: इस पारंपरिक भुजिया को हमेशा ‘सरसों के तेल’ (Mustard Oil) में ही बनाएं। सरसों के तेल की तीखी और सोंधी खुशबू भुजिया के स्वाद को कई गुना बढ़ा देती है और इससे आलू बेहद कुरकुरे (Crispy) बनते हैं। तड़का लगाने से पहले तेल को धुआं निकलने तक अच्छी तरह गर्म कर लें ताकि उसका कच्चापन निकल जाए।

3. भूलकर भी न लगाएं जीरे का तड़का, राई और सूखी लाल मिर्च है असली राज

आमतौर पर आलू की सूखी सब्जी में लोग जीरे या हरी मिर्च का तड़का लगाते हैं, लेकिन बिहारी भुजिया का नियम थोड़ा अलग है।

  • टिप: इस भुजिया में जीरे का तड़का बिल्कुल नहीं लगाया जाता। गरम सरसों के तेल में हमेशा सरसों के दाने (राई) और साबुत सूखी लाल मिर्च डालकर चटकाया जाता है। स्वाद के लिए सिर्फ यही दो चीजें काफी हैं। इसमें हरी मिर्च डालने की गलती न करें, क्योंकि इससे पारंपरिक स्वाद बदल जाता है। अगर आपको ज्यादा तीखा पसंद है, तो आप सूखी लाल मिर्च की मात्रा बढ़ा सकते हैं।

4. नमक और हल्दी डालने की सही टाइमिंग (Timing)

भुजिया में मसालों के नाम पर सिर्फ हल्दी पाउडर और नमक का इस्तेमाल होता है। लेकिन इन्हें किस वक्त कड़ाही में डालना है, यही सबसे बड़ा गेम-चेंजर है।

  • टिप: कड़ाही में आलू डालने के बाद शुरुआती 5-6 मिनट तक उन्हें बिना ढके बीच-बीच में चलाते हुए हल्का पका लें। इसके बाद इसमें सिर्फ हल्दी पाउडर डालें और मिक्स करें।

  • खास बात: हल्दी के साथ तुरंत नमक बिल्कुल न डालें। शुरुआत में ही नमक डाल देने से आलू पानी छोड़ देते हैं, जिससे वे चिपचिपे हो जाते हैं और चलाते समय बीच से टूट जाते हैं। नमक हमेशा तब डालें जब भुजिया लगभग पूरी तरह पक चुकी हो और कुरकुरी होने वाली हो।

स्वाद की बोनस टिप (Bonus Tip)

बिहारी स्टाइल आलू की भुजिया में पकते समय पानी की एक बूंद भी नहीं डाली जाती है। यह पूरी तरह से तेल और भाप में पकती है। इसलिए अगर आप इसे लोहे की कड़ाही या साधारण पैन (नॉन-स्टिक के अलावा) में बना रहे हैं, तो इसे थोड़ी-थोड़ी देर में लगातार चलाते रहें ताकि आलू तली में चिपके और जले नहीं।