Gold Silver Rate Today: दो महीने के निचले स्तर पर आया सोना चांदी भी औंधे मुंह गिरी

वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच इंटरनेशनल मार्केट में सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना टूटकर दो महीने के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया, जबकि चांदी की कीमतों में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली है। इस बड़ी गिरावट की मुख्य वजह अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए नए हमले और डॉलर इंडेक्स में आई मजबूती है, जिसने निवेशकों को बेचैन कर दिया है।

स्पॉट गोल्ड दो महीने के निचले स्तर पर, चांदी भी 1.7% टूटी

इंटरनेशनल मार्केट में गुरुवार को स्पॉट गोल्ड (हाजिर सोना) की कीमतों में 1.1% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद सोना फिसलकर 4,406.81 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। यह पिछले दो महीनों में सोने का सबसे निचला स्तर है। सोने के साथ-साथ चांदी की चमक भी फीकी पड़ी है; स्पॉट सिल्वर (हाजिर चांदी) 1.7% की कमजोरी के साथ 73.34 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई।

अमेरिकी हमलों के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ा तनाव

इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया में भड़का नया विवाद है। एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ईरान में एक सैन्य ठिकाने पर नए हवाई हमले किए हैं। इस ठिकाने को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में अमेरिकी सेना और व्यापारिक जहाजों के लिए बड़ा खतरा माना जा रहा था। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के उस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि इस रणनीतिक जलमार्ग पर यातायात बहाल करने के लिए दोनों देशों के बीच समझौता हो गया है। इन हमलों के बाद क्रूड ऑयल (कच्चे तेल) के दाम बढ़ गए हैं, जिससे दुनिया भर में महंगाई बढ़ने की आशंका गहरा गई है।

मजबूत डॉलर और अन्य कीमती धातुओं का हाल

सोने और चांदी के टूटने की दूसरी बड़ी वजह अमेरिकी डॉलर (Dollar Index) में आई मजबूती है। डॉलर के मजबूत होने से अन्य देशों की मुद्रा वाले खरीदारों के लिए डॉलर में बिकने वाला सोना काफी महंगा हो गया है, जिससे इसकी मांग प्रभावित हुई है। सोने-चांदी के अलावा अन्य कीमती धातुओं की बात करें तो:

  • प्लेटिनम: 0.5% गिरकर 1,909.15 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।

  • पैलेडियम: 0.7% कमजोर होकर 1,381.64 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।

फेड अधिकारियों के बयानों से बाजार में बढ़ी बेचैनी

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने अमेरिकी केंद्रीय बैंक ‘फेडरल रिजर्व’ (Federal Reserve) की ब्याज दरों की नीति को लेकर अनिश्चितता और बढ़ा दी है। फेडरल रिजर्व की गवर्नर लिसा कुक ने कहा कि केंद्रीय बैंक को फिलहाल कम अवधि के ब्याज दरों में बदलाव नहीं करना चाहिए, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि नए टैरिफ, ईरान संघर्ष और एआई (AI) निवेश के चलते दबाव बढ़ रहा है और जरूरत पड़ने पर दरों में बढ़ोतरी संभव है। वहीं, फेड अधिकारी फिलिप जेफर्सन ने मौजूदा मौद्रिक नीति को उपयुक्त बताया है। अब बाजार की नजर आज देर शाम जारी होने वाले अमेरिकी पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) डेटा पर है, जिससे आगे की ब्याज दरों का रुख साफ होगा।

क्या हैं सोने के लिए अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल्स?

कमोडिटी एक्सपर्ट और एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर के अनुसार, कॉमेक्स (COMEX) पर गोल्ड फिलहाल 4,500 से 4,540 डॉलर के दायरे में कारोबार कर रहा है। आने वाले दिनों के लिए उन्होंने सोने के कुछ महत्वपूर्ण स्तर बताए हैं:

  • तत्काल रेजिस्टेंस (तेजी के लिए): सोने के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 4,560–4,600 डॉलर है। अगर कीमतें इस स्तर के ऊपर टिकती हैं, तो बाजार में बड़ी तेजी आ सकती है और भाव 4,660–4,700 डॉलर तक जा सकते हैं।

  • तत्काल सपोर्ट (गिरावट के लिए): सोने को फिलहाल 4,500–4,460 डॉलर प्रति औंस पर मजबूत सपोर्ट हासिल है। यदि इंटरनेशनल मार्केट में सोना इस स्तर से नीचे फिसलता है, तो गिरावट गहरा सकती है और कीमतें 4,400–4,350 डॉलर के स्तर तक आ सकती हैं।