
‘बॉलीवुड के सबसे शालीन, बुद्धिमान और परफेक्ट कपल्स में से एक आशुतोष राणा और रेणुका शहाणे के विवाह को 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं। अपनी सिल्वर जुबली (Silver Jubilee) के इस खास मौके पर इस प्यारे जोड़े ने एक-दूसरे को दोबारा जयमाला पहनाकर अपनी शादी की यादों को तरोताजा किया। सोशल मीडिया पर इस सेलिब्रेशन के वीडियोज और तस्वीरें जमकर वायरल हो रही हैं, और फैंस इस जोड़ी पर खूब प्यार बरसा रहे हैं।
भले ही आज लोग इन्हें ‘परफेक्ट कपल’ कहते हों, लेकिन एक वक्त ऐसा भी था जब खुद आशुतोष राणा को लगता था कि उनकी और रेणुका की शादी दो दिन भी नहीं चल पाएगी। आइए जानते हैं उनकी इस बेहद दिलचस्प और लीक से हटकर बनी प्रेम कहानी के बारे में।
25 साल पूरे होने पर आशुतोष राणा का भावुक पोस्ट: ‘दांव लगाना सीख लो…’
शादी की 25वीं वर्षगांठ पर आशुतोष राणा ने सोशल मीडिया पर एक बेहद खूबसूरत और दार्शनिक पोस्ट साझा किया। उन्होंने लिखा:
“आनंद से पूर्ण समय तेजी से बीत जाता है, उसके गुजरने का पता ही नहीं चलता। देखते ही देखते आज मेरे और परमप्रिय रेणुका जी के विवाह के 25 वर्ष पूर्ण हो गए। आदरणीय रेणुका जी के साथ बीते 25 वर्षों के अनुभव के आधार पर कहता हूं कि विवाह एक दूसरे के व्यक्तित्व को बदलने का नहीं बल्कि एक दूसरे के व्यक्तित्व को बढ़ाने और परिष्कृत करने का कार्य करता है।”
उन्होंने सुखी वैवाहिक जीवन का मूलमंत्र देते हुए आगे लिखा कि पति-पत्नी के बीच केवल प्रेम ही नहीं, बल्कि परस्पर सम्मान भी उतना ही आवश्यक है। विवाह एक ऐसी दिव्य घटना है जो यह समझाती है कि—’आधी दुनिया आपकी और आधी दुनिया आपकी। दांव लगाना सीख लो तो सारी दुनिया आपकी।’ जिस तरह दो नदियों का संगम पवित्र तीर्थ होता है, वैसे ही गृहस्थाश्रम भी एक तीर्थ है जहां दो भिन्न चेतनाएं अग्नि को साक्षी मानकर एक हो जाती हैं।
रेणुका की दूसरी शादी: जब आशुतोष को लगा कि ‘विचार नहीं मिलते’
रेणुका शहाणे और आशुतोष राणा की प्रेम कहानी आम कपल्स जैसी नहीं थी। रेणुका शहाणे की पहली शादी असफल रही थी, जिसके कारण वह दोबारा शादी के नाम से बेहद डरी हुई थीं। लेकिन आशुतोष के सौम्य और सुरक्षित व्यवहार ने धीरे-धीरे उनके मन के इस डर को दूर कर दिया।
एक इंटरव्यू में आशुतोष राणा ने खुलासा किया था कि जब वे दोनों एक-दूसरे को डेट कर रहे थे, तब उनके पिता ने उन्हें रेणुका से शादी की बात करने की सलाह दी। इस पर आशुतोष ने अपने पिता से कहा था:
“हमारे विचार आपस में बहुत ज्यादा नहीं मिलते हैं। मुझे डर है कि हमारी शादी शायद दो दिन भी ना चले।”
शुरुआत में दोनों ही शादी के बंधन में नहीं बंधना चाहते थे, वे बस एक-दूसरे के प्रति दोस्तों की तरह कमिटेड (प्रतिबद्ध) रहना चाहते थे। उन्हें डर था कि शादी के सामाजिक दबाव के बाद उनका रिश्ता बदल जाएगा, लेकिन समय के साथ ऐसा कुछ नहीं हुआ और उनका प्यार गहराता चला गया।
शादी की दो सबसे मजेदार और अनोखी वजहें
इस शादी के पीछे कुछ ऐसे दिलचस्प किस्से भी हैं जो आमतौर पर सुनने को नहीं मिलते:
1. गुरुदेव की इच्छा और मां की चिंता
आशुतोष राणा के परमपूज्य गुरुदेव भगवान दद्दाजी ने भी रेणुका को अपने घर की बहू के रूप में पहले ही चुन लिया था। जब आशुतोष, रेणुका का हाथ मांगने उनके घर गए, तो रेणुका की मां यह जानकर हैरान थीं। उन्होंने पूछा, “क्या तुम सिर्फ इसलिए शादी कर रही हो क्योंकि गुरुजी ने ऐसा कहा है?” इसके अलावा रेणुका की मां इस बात को लेकर भी चिंतित थीं कि आशुतोष का परिवार बहुत बड़ा था, जिसमें 12 लोग एक साथ रहते थे, जबकि रेणुका एक छोटे और अलग माहौल से थीं।
2. रेणुका का ‘मजेदार लालच’
रेणुका शहाणे ने खुद एक बार बताया था कि आशुतोष से शादी करने के पीछे उनका एक बेहद स्वाभाविक ‘लालच’ था। रेणुका एक स्टेबल (स्थिर) फैमिली चाहती थीं और माँ बनना चाहती थीं। उन्हें साफ दिख रहा था कि आशुतोष राणा बेहद ‘फैमिली ओरिएंटेड’ (परिवार को महत्व देने वाले) इंसान हैं। रेणुका को लगा कि उनके होने वाले बच्चों के लिए आशुतोष से बेहतर और कोई पिता हो ही नहीं सकता।
आशुतोष और रेणुका के रिश्ते से मिलने वाले 3 बड़े लाइफ लेसन (Lessons)
1.व्यक्तित्व को बदलें नहीं, निखारें:लेसन 1.
विवाह का अर्थ पार्टनर को अपने रंग में ढालना नहीं है, बल्कि उसके मूल व्यक्तित्व का सम्मान करते हुए उसे आगे बढ़ने में मदद करना है।
2.प्रेम से बड़ा है आपसी सम्मान:लेसन 2.
रोमांस और आकर्षण समय के साथ बदल सकते हैं, लेकिन एक-दूसरे के प्रति आदर और सम्मान ही रिश्ते को 25 साल या उससे ज्यादा समय तक जिंदा रखता है।
3.परिपक्वता से डर पर जीत:लेसन 3.
बीते कल के बुरे अनुभव (जैसे असफल शादी) के डर को वर्तमान पर हावी न होने दें। सही जीवनसाथी के आने पर सारे डर अपने आप दूर हो जाते हैं।
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