लगातार हार के बाद क्या कप्तानी छोड़ने वाले थे अजिंक्य रहाणे? केकेआर कप्तान ने दिया जवाब

कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के लिए इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) का सफर बेहद निराशाजनक रहा। डिफेंडिंग चैंपियन रही केकेआर इस सीजन में सिर्फ 13 अंकों तक ही सीमित रह गई। रविवार को जब राजस्थान रॉयल्स ने मुंबई इंडियंस को मात दी, तो उसी के साथ केकेआर की प्लेऑफ (Playoffs) में पहुंचने की बची-कुची उम्मीदें भी पूरी तरह खत्म हो गईं। टीम को अपने आखिरी लीग मैच में दिल्ली कैपिटल्स से भी करारी शिकस्त झेलनी पड़ी।

इस पूरे सीजन में 37 वर्षीय अनुभवी कप्तान अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) आलोचकों के निशाने पर रहे। शुरुआत में कोलकाता की टीम अपने पहले 6 मैचों में से 5 मैच हारकर बैकफुट पर आ गई थी। रहाणे का खुद का बल्ला भी खामोश था और टीम भी लगातार हार रही थी। ऐसे में कयास लगाए जा रहे थे कि क्या रहाणे बीच सीजन में ही कप्तानी छोड़ने का मन बना चुके थे? दिल्ली से मिली हार के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में रहाणे ने खुद इस राज से पर्दा उठाया है।

“मैं चुनौतियों से पीछे हटने वालों में से नहीं हूं”  अजिंक्य रहाणे

दबाव के क्षणों में कप्तानी छोड़ने के सवाल पर अजिंक्य रहाणे ने बेहद कड़ा और स्पष्ट जवाब दिया। उन्होंने साफ किया कि उन्होंने कभी भी मुश्किल समय में जिम्मेदारी से भागने के बारे में नहीं सोचा।

अजिंक्य रहाणे ने कहा: “अपनी बात करूं तो, मैंने हमेशा पॉजिटिव सोच के साथ क्रिकेट खेला है। मेरे लिए कैरेक्टर (चरित्र) बहुत जरूरी है। मैं पीछे हटने वालों में से नहीं हूं। जब टीम संघर्ष करती है, तो वहीं आप अपना असली कैरेक्टर दिखाते हैं। प्रेशर आएगा, यह बहुत नैचुरल है। प्रेशर हमेशा उन लोगों पर होता है जिन्हें प्रिविलेज (विशेषाधिकार) मिलता है। हर कोई प्रेशर नहीं झेल सकता। मेरे लिए सबसे ज़रूरी बात यह थी कि मैं मानसिक रूप से मज़बूत रहूं और घबराऊं नहीं। इसलिए कप्तानी छोड़ने का विचार मेरे मन में कभी नहीं आया।”

आलोचना और लगातार हार पर रहाणे का नजरिया

रहाणे ने स्वीकार किया कि टूर्नामेंट के पहले हाफ में टीम अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाई, जिसके कारण उनकी आलोचना होना लाजिमी था।

  • फैंस की प्रतिक्रिया पर: रहाणे ने कहा, “हम क्रिकेटर आज जहां हैं, फैंस की वजह से हैं। जब हम अच्छा करते हैं तो वे तारीफ करते हैं और जब हम बुरा करते हैं तो बुराई भी करते हैं। यह खेल का हिस्सा है और हर क्रिकेटर इसे समझता है।”

  • पल में जीना जरूरी: लगातार 5-6 मैच हारने के बाद दिमाग भटकना आसान होता है। रहाणे ने बताया, “आपके लिए वर्तमान (Present) में रहना जरूरी है। चीजें कभी भी बदल सकती हैं। मैंने टीम के सभी खिलाड़ियों से कहा था कि पासा पलटने के लिए सिर्फ एक बेहतरीन गेम की जरूरत होती है। हमें बस खुद पर विश्वास रखना था।”

  • कमियों को स्वीकारना: कप्तान ने बेबाकी से कहा, “हमने माना कि हम अपनी क्षमता के हिसाब से नहीं खेले और आलोचना भी हुई। जब आप अपनी गलतियों और चीज़ों को स्वीकार नहीं करते, तो परेशानियां और ज्यादा बढ़ जाती हैं।”

केकेआर का आईपीएल 2026 सफर (क्विक एनालिसिस)

केकेआर को अगले सीजन के लिए चाहिए नई सोच

भले ही रहाणे ने कप्तानी के दबाव को मानसिक मजबूती से झेलने की बात कही हो, लेकिन क्रिकेट समीक्षकों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कोलकाता नाइट राइडर्स को अगले सीजन (IPL 2027) के लिए एक आक्रामक (Aggressive) और नई सोच वाले युवा कप्तान की जरूरत है। मेंटोर गौतम गंभीर के जाने के बाद टीम में जो लीडरशिप का वैक्यूम पैदा हुआ है, उसे भरने के लिए केकेआर को आगामी मेगा ऑक्शन या ट्रेड विंडो में एक मजबूत विकल्प तलाशना होगा।