UPSC CSE Prelims 2026: सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को लेकर प्रशासन सख्त, केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में धारा 163 लागू

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित की जाने वाली देश की सबसे प्रतिष्ठित सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा, 2026 को पूरी तरह शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए देश भर के सभी जिला प्रशासनों ने अपनी कमर कस ली है। परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, हाई-टेक नकल या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति से सख्ती से निपटने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। इसी कड़ी में प्रशासन ने सुरक्षा को चाक-चौबंद करते हुए सभी परीक्षा केंद्रों के आसपास 100 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 (जो पहले CrPC की धारा 144 थी) लागू करने का बड़ा आदेश जारी किया है।

सुबह से रात तक लागू रहेंगे कड़े प्रतिबंध; 4 से अधिक लोगों के जुटने पर रोक

परीक्षा केंद्रों के आसपास सुरक्षा घेरे को अभेद्य बना दिया गया है। जिला प्रशासन द्वारा जारी यह निषेधाज्ञा परीक्षा वाले दिन यानी रविवार, 24 मई 2026 को रात 12:00 बजे से ही शुरू हो चुकी है, जो शाम (रात) 8:00 बजे तक पूरी तरह प्रभावी रहेगी। इस आदेश के तहत परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में चार या उससे अधिक व्यक्तियों के एक साथ इकट्ठा होने, समूह बनाने या किसी भी तरह की भीड़ लगाने पर पूरी तरह से पाबंदी रहेगी।

हालांकि, प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि यह प्रतिबंध परीक्षा देने आ रहे वास्तविक उम्मीदवारों, आयोग द्वारा अधिकृत निरीक्षकों, परीक्षा ड्यूटी पर तैनात सरकारी अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों पर लागू नहीं होगा। इस अग्रिम और सख्त कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य गैर-कानूनी रूप से लोगों के इकट्ठा होने, सार्वजनिक उपद्रव, अनुचित साधनों के उपयोग (नकल) और परीक्षा की शुचिता को प्रभावित करने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि को रोकना है।

हाई-टेक सुरक्षा का पहरा: परीक्षा केंद्रों पर लगाए गए इलेक्ट्रॉनिक जैमर्स

आज के डिजिटल और एआई (AI) युग में हाई-टेक नकल, ब्लूटूथ डिवाइस के इस्तेमाल और पेपर लीक जैसी किसी भी अप्रिय या अवैध घटना को रोकने के लिए प्रशासन ने कड़े तकनीकी इंतजाम किए हैं। इसके तहत सभी संवेदनशील और सामान्य परीक्षा केंद्रों पर विशेष इलेक्ट्रॉनिक जैमर्स (Electronic Jammers) स्थापित कर दिए गए हैं। इन जैमर्स के सक्रिय होने से परीक्षा हॉल के भीतर कोई भी मोबाइल नेटवर्क, ब्लूटूथ, वाई-फाई या अन्य कोई भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह ब्लॉक हो जाएगा और काम नहीं कर सकेगा। इसके साथ ही, परीक्षा केंद्रों के एंट्री गेट पर पर्याप्त संख्या में पुरुष और महिला पुलिस बलों की तैनाती की गई है, जो उम्मीदवारों की गहन शारीरिक और बायोमेट्रिक चेकिंग के बाद ही उन्हें परीक्षा केंद्र के भीतर प्रवेश दे रहे हैं।

दो शिफ्टों में आयोजित हो रही है परीक्षा: जानिए सटीक टाइमिंग

UPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा हमेशा की तरह आज दो अलग-अलग सत्रों (शिफ्टों) में आयोजित की जा रही है, जिसका विवरण इस प्रकार है:

  • प्रथम प्रश्नपत्र (General Studies – Paper I): यह सुबह 9:30 बजे से लेकर 11:30 बजे तक आयोजित किया गया, जिसमें उम्मीदवारों की सामान्य ज्ञान और समसामयिक विषयों की समझ को परखा गया।

  • द्वितीय प्रश्नपत्र (CSAT – Paper II): यह दोपहर 2:30 बजे से लेकर शाम 4:30 बजे तक आयोजित किया जाएगा। यह एक क्वालिफाइंग पेपर होता है, जिसमें रीजनिंग, मैथ्स और एप्टीट्यूड से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं।

प्रीलिम्स के तुरंत बाद जारी होगी प्रोविजनल आंसर-की; 31 मई तक दर्ज करा सकेंगे आपत्ति

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) इस बार परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए सिविल सेवा प्रीलिम्स परीक्षा के तुरंत बाद इसकी आधिकारिक प्रोविजनल आंसर-की (Provisional Answer Key) जारी करने जा रहा है। आंसर-की जारी होने के बाद यदि किसी भी अभ्यर्थी को किसी प्रश्न या उसके उत्तर पर कोई संदेह या आपत्ति है, तो वे 31 मई 2026 की शाम 6:00 बजे तक अपनी आपत्तियां ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे।

उम्मीदवारों को अपनी आपत्ति दर्ज कराने के लिए यूपीएससी के विशेष डिजिटल पोर्टल ‘ऑनलाइन क्वेश्चन पेपर रिप्रेजेंटेशन पोर्टल (QPRep)’ का उपयोग करना होगा। यह पोर्टल यूपीएससी की आधिकारिक लॉगिन वेबसाइट https://upsconline.nic.in/login पर उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध करा दिया जाएगा। तय समय सीमा के बाद किसी भी माध्यम से भेजी गई आपत्तियों पर आयोग द्वारा विचार नहीं किया जाएगा।