
देश के करीब 1.1 करोड़ से ज्यादा सेवारत केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) से जुड़ी बड़ी खबरें लगातार सामने आ रही हैं। 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन हुए लगभग 9 महीने का समय बीत चुका है। नवंबर 2025 में पूर्व जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित यह आयोग अब अपनी कुल 18 महीने की समय-सीमा के आधे सफर पर पहुंच गया है। अगस्त 2026 के पहले हफ्ते में आयोग के 9 महीने पूरे होने के साथ ही इसके दूसरे चरण का काम बेहद तेजी से शुरू होने जा रहा है। आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर परामर्श, बैठकों और कर्मचारियों की शिकायतों को लेकर कई नए नोटिफिकेशन जारी किए गए हैं। आइए जानते हैं कि आयोग के इन हालिया अपडेट्स का आपकी सैलरी, पेंशन और भत्तों पर क्या सीधा असर पड़ने वाला है।
संसद में वित्त मंत्रालय की बड़ी सफाई और कार्यप्रगति
हाल ही में संसद के उच्च सदन यानी राज्यसभा में वित्त मंत्रालय से 8वें वेतन आयोग की कार्यप्रगति को लेकर सवाल पूछा गया था। इस पर वित्त मंत्रालय ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि आयोग के लिए यह कतई अनिवार्य नहीं है कि वह सरकार को अपनी आंतरिक प्रगति या अंदरूनी चर्चाओं की समय-समय पर रिपोर्ट सौंपे। केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा जारी किए गए ‘टर्म्स ऑफ रेफरेंस’ (ToR) के नियमों के अनुसार, आयोग को अपनी बैठकों का दौर तय करने, विभिन्न पक्षों से फीडबैक लेने और अपनी कार्यप्रणाली की रूपरेखा बनाने की पूरी आजादी दी गई है। आधिकारिक अनुमानों के मुताबिक, यह आयोग अपनी अंतिम और विस्तृत सिफारिशें मई-जून 2027 तक केंद्र सरकार को सौंप सकता है।
फिटमेंट फैक्टर को लेकर क्या चल रही हैं मांगें?
केंद्रीय कर्मचारियों की निगाहें सबसे ज्यादा फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) पर टिकी हुई हैं। विभिन्न प्रमुख कर्मचारी यूनियनों जैसे NCJCM, BPMS और AIDEF की ओर से 8वें वेतन आयोग के समक्ष यह जोरदार मांग उठाई जा रही है कि फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.8x से 4.0x के बीच किया जाए। यदि सरकार यूनियनों की इस मांग पर विचार करते हुए लगभग 3.83 के आसपास का फिटमेंट फैक्टर स्वीकार कर लेती है, तो केंद्रीय कर्मचारियों का न्यूनतम बेसिक वेतन मौजूदा ₹18,000 से बढ़कर सीधे लगभग ₹68,900 से ₹69,000 प्रति माह के स्तर पर पहुंच सकता है। हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि फिटमेंट फैक्टर या सैलरी में होने वाली इस भारी बढ़ोतरी के आधिकारिक आंकड़ों पर अभी तक आयोग या सरकार की तरफ से कोई अंतिम मुहर नहीं लगाई गई है। कर्मचारी यूनियनों के साथ बैठकों का दौर पूरा होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो सकेगी।
कर्मचारियों को कब से मिलेगी बढ़ी हुई सैलरी और एरियर?
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि उन्हें वित्तीय लाभ कब से मिलना शुरू होगा। भले ही आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट साल 2027 के मध्य तक सौंपे और सरकार को इसे आधिकारिक रूप से लागू करने तथा गजट नोटिफिकेशन जारी करने में कुछ महीनों का अतिरिक्त समय लगे, लेकिन नियम के मुताबिक 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों को 1 जनवरी 2026 से ही प्रभावी माना जाएगा। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं में देरी होने के बावजूद कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को जनवरी 2026 से लेकर लागू होने की तारीख तक का पूरा एरियर (Arrears) एकमुश्त नकद रूप में दिया जाएगा। फिलहाल आयोग की वेबसाइट पर चल रहे परामर्श और बैठकों के दौर से यह साफ हो गया है कि आने वाले दिनों में केंद्रीय कर्मचारियों के लिए कई बड़े फैसले सामने आ सकते हैं।
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