5 बार बदल चुके हैं नौकरी? आपके EPF अकाउंट और उसके पैसे का क्या होगा? फंस गया तो? ऐसे करें प्रॉब्लम सॉल्व

प्राइवेट और कॉर्पोरेट सेक्टर में करियर ग्रोथ, बेहतर पैकेज और नए अवसरों के लिए बार-बार नौकरियां बदलना आम बात है। अमूमन 8 से 10 साल के करियर में कई प्रोफेशनल्स चार से पांच अलग-अलग कंपनियां बदल चुके होते हैं। लेकिन इस जॉब-हॉपिंग के चक्कर में एक गंभीर अनदेखी जो अधिकांश नौकरीपेशा लोग करते हैं, वह है अपने पिछले एम्प्लॉई प्रॉविडेंट फंड (EPF) खातों को नए खाते के साथ मर्ज न कराना। जब आप 5 अलग-अलग संस्थानों में काम करते हैं, तो अक्सर हर कंपनी द्वारा ईपीएफओ (EPFO) के तहत एक नया मेंबर आईडी (Member ID) अलॉट कर दिया जाता है। यदि इन पुराने खातों को ट्रैक करके एक साझा यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) के तहत मर्ज नहीं किया गया, तो आपकी गाढ़ी कमाई का लाखों रुपया अलग-अलग खातों में बिखरकर निष्क्रिय होने के कगार पर पहुंच जाता है। ऐसे में खाताधारकों के मन में सवाल उठता है कि क्या पुराने खातों में पड़े पैसे पर ब्याज मिलता रहेगा, क्या वह पैसा हमेशा के लिए फंस गया है, और इसे सुरक्षित रूप से एक जगह कैसे लाया जाए?

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के नियमों के अनुसार, जब कोई कर्मचारी नौकरी छोड़ता है और उसके पुराने पीएफ खाते में नई कंपनी से मासिक अंशदान जमा होना बंद हो जाता है, तो उस खाते की स्थिति बदल जाती है।

  • कब तक मिलता है ब्याज? पहले नियम था कि 36 महीने (3 साल) तक कोई अंशदान न आने पर खाता ‘इनऑपरेटिव’ (Inoperative) घोषित हो जाता था और उस पर ब्याज बंद हो जाता था। लेकिन ईपीएफओ के संशोधित नियमों के तहत, यदि किसी खाते में पैसा पड़ा है, तो कर्मचारी की उम्र 58 वर्ष होने तक उस पर सरकार द्वारा घोषित आधिकारिक ब्याज दर (वर्तमान में 8.25% वार्षिक) जुड़ती रहती है। 58 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद यदि 36 महीनों तक कोई निकासी नहीं होती, तब खाता पूरी तरह इनऑपरेटिव होकर ब्याज मिलना बंद होता है।

  • सबसे बड़ा वित्तीय नुकसान – टैक्स का झटका: भले ही 58 साल की उम्र तक ब्याज मिलता रहे, लेकिन टैक्स का नियम बेहद सख्त है। जब किसी पीएफ खाते में एक्टिव सर्विस बंद हो जाती है, तो उस निष्क्रिय खाते में जमा रकम पर मिलने वाला वार्षिक ब्याज आयकर नियमों के तहत ‘Income from Other Sources’ मानकर पूरी तरह टैक्सेबल (Taxable) हो जाता है। इसका मतलब है कि आप जिस भी इनकम टैक्स स्लैब में आते हैं (चाहे 20% या 30%), आपको उस ब्याज पर सरकार को भारी टैक्स चुकाना होगा, जबकि एक्टिव सर्विस वाले पीएफ खाते का ब्याज पूरी तरह टैक्स-फ्री रहता है।

जब कोई कर्मचारी 5 बार संस्थान बदलता है, तो ईपीएफ सिस्टम में मुख्य रूप से तीन पेचीदगियां खड़ी होती हैं:

  1. मल्टीपल UAN का झंझट: आदर्श स्थिति में हर कर्मचारी का पूरे जीवनकाल में केवल एक ही UAN होना चाहिए। लेकिन कई बार पिछली कंपनी का यूएएन नंबर साझा न करने या एचआर की लापरवाही से नई कंपनी नया UAN जेनरेट कर देती है। 5 नौकरियों के बाद किसी के पास 2 या 3 अलग-अलग यूएएन हो जाते हैं, जिससे खातों को ट्रैक करना सिरदर्द बन जाता है।

  2. डेट ऑफ एग्जिट (Date of Exit) दर्ज न होना: पुरानी कंपनी छोड़ने पर यदि नियोक्ता ने ईपीएफओ पोर्टल पर आपकी नौकरी छोड़ने की तारीख (DOE) दर्ज नहीं की है, तो सिस्टम उस खाते को ‘कंटिन्यूइंग सर्विस’ मानता है। इसके चलते आप न तो उस खाते से पैसा ट्रांसफर कर सकते हैं और न ही निकासी का दावा कर सकते हैं।

  3. केवाईसी और नाम में मिसमैच: अलग-अलग कंपनियों के रिकॉर्ड में नाम की स्पेलिंग, पिता का नाम, जन्मतिथि या आधार विवरण में हल्का सा भी अंतर होने पर ईपीएफओ का ऑटोमेटेड सिस्टम क्लेम रिजेक्ट कर देता है।

यदि आपके पास 5 कंपनियों के अलग-अलग पीएफ खाते हैं, तो उन्हें घर बैठे ऑनलाइन एक जगह समेटने की चरणबद्ध प्रक्रिया इस प्रकार है:

चरण जरूरी एक्शन ध्यान रखने योग्य बिंदु
1. UAN डी-डुप्लिकेशन यदि 2 या अधिक UAN हैं, तो वर्तमान कंपनी वाले UAN को मुख्य बनाएं। पुराने UAN को डिएक्टिवेट कराने के लिए ईपीएफओ हेल्पडेस्क ([email protected]) को ईमेल करें या पोर्टल पर ‘One Member One EPF’ रिक्वेस्ट डालें।
2. Date of Exit अपडेट करें ‘Unified Member Portal’ पर लॉगिन कर ‘Manage > Mark Exit’ पर जाएं। नौकरी छोड़ने के कम से कम 2 महीने (60 दिन) बाद कर्मचारी खुद आधार ओटीपी के जरिए अपनी एग्जिट डेट दर्ज कर सकता है।
3. ऑनलाइन ट्रांसफर क्लेम पोर्टल के ‘Online Services’ टैब में जाकर ‘One Member – One EPF Account (Transfer Request)’ चुनें। अपनी पिछली 4 कंपनियों की मेंबर आईडी एक-एक करके दर्ज करें और अटेस्टेशन के लिए ‘Current Employer’ का विकल्प चुनें।
4. ट्रैकिंग और अप्रूवल फॉर्म 13 (Form 13) डाउनलोड करें और एचआर से अप्रूव कराएं। ‘Track Claim Status’ में जाकर स्टेटस देखें। वर्तमान कंपनी द्वारा डिजिटल सिग्नेचर (DSC) से अप्रूव करते ही 7 से 15 दिनों में पुराना फंड नए खाते में शिफ्ट हो जाता है।

पुराने पीएफ खातों को एक साथ मर्ज कराने का केवल वित्तीय ही नहीं, बल्कि भारी कानूनी और सामाजिक सुरक्षा लाभ भी है:

  • TDS और टैक्स से पूर्ण छूट: आयकर कानून के तहत यदि किसी कर्मचारी की कुल निरंतर सेवा (Continuous Service) 5 वर्ष (60 महीने) से कम होती है और वह पीएफ निकालता है, तो उसकी पूरी रकम पर टीडीएस (TDS) कटता है और वह राशि टैक्सेबल हो जाती है। लेकिन जब आप अपने सभी 5 पुराने खातों को मर्ज कर लेते हैं, तो ईपीएफओ उन सभी कंपनियों की सेवा अवधि को आपस में जोड़ देता है। यदि कुल सर्विस 5 साल से अधिक हो जाती है, तो निकासी पूरी तरह टैक्स-फ्री हो जाती है।

  • आजीवन पेंशन (EPS) की पात्रता: कर्मचारी पेंशन योजना (EPS-95) के तहत 58 वर्ष की आयु के बाद आजीवन मासिक पेंशन पाने के लिए न्यूनतम 10 वर्ष (120 महीने) की अंशदायी सेवा होना अनिवार्य है। जब तक आप अपने पिछले 5 संस्थानों का रिकॉर्ड ‘स्कीम सर्टिफिकेट’ (Scheme Certificate) या ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए लिंक नहीं करेंगे, तब तक आपकी 10 साल की सेवा अवधि साबित नहीं हो पाएगी और आप पेंशन के अधिकार से वंचित रह सकते हैं।

यदि आपकी 5 पुरानी कंपनियों में से कोई एक या दो कंपनियां हमेशा के लिए बंद हो चुकी हैं, दिवालिया हो गई हैं या पुराना एम्प्लॉयर आपकी ट्रांसफर रिक्वेस्ट अटेस्ट करने से इनकार कर रहा है, तो भी आपका पैसा नहीं डूबेगा। इस स्थिति में:

  1. ईपीएफओ पोर्टल पर ट्रांसफर रिक्वेस्ट डालते समय अटेस्टेशन के लिए ‘Previous Employer’ के बजाय हमेशा ‘Present Employer’ (वर्तमान कंपनी) का विकल्प चुनें। वर्तमान नियोक्ता के डिजिटल हस्ताक्षर से क्लेम सीधा ईपीएफओ फील्ड ऑफिस को चला जाता है।

  2. यदि वर्तमान कंपनी भी न हो, तो आप फॉर्म 13 को फिजिकली डाउनलोड करके अपने बैंक मैनेजर (जिस बैंक में आपका सैलरी खाता है), किसी राजपत्रित अधिकारी (Gazetted Officer), या मजिस्ट्रेट से अटेस्ट करवाकर संबंधित क्षेत्रीय ईपीएफओ कार्यालय (Field Office) में सीधे जमा कर सकते हैं।

  3. किसी भी अनावश्यक देरी या अड़चन की स्थिति में ईपीएफओ के आधिकारिक ग्रीवेंस पोर्टल ‘EPFiGMS’ (epfigms.gov.in) पर शिकायत दर्ज करें। ईपीएफओ नियमों के अनुसार ऐसी शिकायतों का निपटारा 15 से 20 कार्यदिवसों के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाता है। इसलिए घबराने के बजाय आज ही अपने ‘सेवा पासबुक’ (Passbook) पोर्टल पर लॉगिन करें और अपनी पुरानी सभी पांचों मेंबर आईडी को एक मुख्य यूएएन में ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू करें।