
सोशल मीडिया की दुनिया में इन दिनों एक दिल को छू लेने वाला और साथ ही आंखें खोल देने वाला पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है। यह पोस्ट एक ऐसे व्यक्ति का है, जिसके घर में पिछले 4 साल से काम कर रही कुक (हाउस हेल्प) ने महज दो मिनट की बातचीत में अचानक नौकरी छोड़ दी। इस घटना ने उस शख्स को तो हैरान किया ही, साथ ही इंटरनेट पर रिश्तों की अहमियत, उम्मीदों और नौकरी बदलने के फैसलों को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ दी है। लोग इस पोस्ट को कॉर्पोरेट लाइफ और एम्प्लॉई रिटेंशन (कर्मचारियों को रोक कर रखने) से जोड़कर देख रहे हैं।
“भैया, कल से नहीं आऊंगी…” जब 15% सालाना हाइक और बोनस भी पड़ गए कम
वायरल पोस्ट में उस व्यक्ति ने अपने घर की हाउस हेल्प के साथ बीते 4 सालों के सफर और उन्हें दी जाने वाली सुविधाओं का जिक्र किया है। शख्स ने लिखा, “आज हमारी कुक आंटी घर आईं और बेहद सहजता से बोलीं, ‘भैया, कल से काम पर नहीं आऊंगी।’ उन्होंने हमारे साथ 4 साल तक काम किया। इस दौरान मैंने हर साल उनकी सैलरी में 15% की बढ़ोतरी की और वर्तमान में उनकी तनख्वाह ₹15,500 प्रति माह थी।”
शख्स ने आगे बताया कि वह केवल सैलरी ही नहीं, बल्कि एक परिवार की तरह उनका ख्याल रखता था। होली, दिवाली, रक्षाबंधन और नवरात्रि जैसे बड़े त्योहारों पर उन्हें सुंदर साड़ियां, मिठाइयां, गिफ्ट्स, बोनस और नकद राशि अलग से दी जाती थी। हद तो तब है जब वह साल में 10 से 15 दिनों के लिए अपने गांव या बाहर जाती थीं, तब भी उनकी सैलरी में से एक रुपया भी नहीं काटा जाता था।
4 साल का साथ और सिर्फ 2 मिनट की बातचीत, कुक के फैसले ने किया हैरान
इस बेहतरीन व्यवहार, सम्मान और भरोसे के कारण उस व्यक्ति को पूरा विश्वास था कि उनके बीच एक मजबूत पारिवारिक रिश्ता बन चुका है। लेकिन जब कुक आंटी ने अचानक जाने का फैसला सुनाया, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
शख्स ने आगे लिखा, “मुझे लगता था कि सालों से बने इन रिश्तों की भी कोई कीमत होती है। मैंने हैरान होकर उनसे पूछा, ‘आंटी, क्या कोई परेशानी है या हमसे कोई गलती हुई?’ इस पर उन्होंने साफ कहा, ‘नहीं भैया, मुझे दूसरी जगह इससे ज्यादा सैलरी मिल रही है।’ मैंने तुरंत कहा, ‘मैं भी आपको उतनी सैलरी देने के लिए तैयार हूँ, आप मत जाइए।’ लेकिन वह मुस्कुराईं और बोलीं, ‘नहीं भैया, मैंने वहां से पहले ही एडवांस ले लिया है। अब आप किसी दूसरे कुक को ढूंढ़ लीजिए।’ और इस तरह हमारा 4 साल का रिश्ता महज 2 मिनट की बातचीत में हमेशा के लिए खत्म हो गया।”
“लोग हमेशा बुरा व्यवहार होने पर ही साथ नहीं छोड़ते”- शख्स को मिली बड़ी सीख
इस अप्रत्याशित विदाई ने उस व्यक्ति को जीवन का एक बहुत बड़ा और व्यावहारिक पाठ सिखा दिया। पोस्ट के अंत में अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने लिखा, “आज मुझे एक कड़वी सच्चाई समझ आई कि लोग हमेशा इसलिए साथ नहीं छोड़ते क्योंकि उनके साथ बुरा व्यवहार हुआ हो। कई बार वे सिर्फ इसलिए आगे बढ़ जाते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि बाहर उनके लिए बेहतर आर्थिक अवसर मौजूद हैं। किसी रिश्ते को लेकर हमारी सोच और उसकी अहमियत, सामने वाले व्यक्ति की सोच से बिल्कुल अलग हो सकती है।”
इंटरनेट पर आई कमेंट्स की बाढ़, यूजर्स बोले- “यह तो शुद्ध कॉर्पोरेट बिहेवियर है”
यह पोस्ट देखते ही देखते सोशल मीडिया के हर प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गई और नेटिजंस ने इस पर मजेदार और व्यावहारिक कमेंट्स करने शुरू कर दिए। जहां कुछ लोगों ने मकान मालिक के प्रति सहानुभूति जताई, वहीं अधिकांश यूजर्स ने इसकी तुलना कॉर्पोरेट जगत के ‘शॉर्ट नोटिस रेजिग्नेशन’ से कर दी।
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कॉर्पोरेट से तुलना: एक यूजर ने लिखा, “यह पूरी तरह से एक कॉर्पोरेट कर्मचारी के नौकरी बदलने जैसा है। कुक आंटी ने बस बिना नोटिस पीरियड के कंपनी स्विच कर ली, क्योंकि उन्हें बेहतर हाइक (सैलरी बढ़ोतरी) मिल रही थी। इसमें कुछ भी पर्सनल नहीं है, यह सिर्फ बिजनेस है।”
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वापस न जाने की सलाह: दूसरे यूजर ने मजाकिया लहजे में टिप्पणी की, “अगर यही कहानी किसी आईटी प्रोफेशनल की होती, तो लिंक्डइन पर सब उसे सलाह दे रहे होते कि काउंटर-ऑफर स्वीकार करके पुराने ऑफिस में रुकने की गलती मत करना, आगे बढ़ जाओ। आंटी ने बिल्कुल सही किया!”
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सैलरी देखकर हैरान हुए लोग: वहीं, एक अन्य यूजर ने चुटकी लेते हुए कहा, “भाई साहब! एक कुक को ₹15,500 महीना, त्योहारों पर साड़ी, बोनस और पेड लीव्स? कृपया मुझे अपने घर का पता भेजें, कल से खाना बनाने मैं ही आ जाता हूं!”
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