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10 साल के लिए 20 लाख रुपये का होम लोन लेने पर कितनी बनेगी हर महीने की EMI

अपना खुद का आशियाना खरीदना हर मध्यमवर्गीय परिवार का सबसे बड़ा और प्यारा सपना होता है, जिसके लिए लोग जीवनभर की कमाई जोड़ते हैं और जरूरत पड़ने पर बैंकों से होम लोन का सहारा लेते हैं। यदि आप भी अगले कुछ हफ्तों या महीनों में अपना घर खरीदने का प्लान बना रहे हैं और आपके मन में यह सवाल बार-बार आ रहा है कि अगर आप किसी बैंक से 10 साल की अवधि के लिए 20 लाख रुपये का होम लोन लेते हैं, तो आपको हर महीने बैंक को कितनी ईएमआई (EMI) चुकानी होगी, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी और काम की है। मौजूदा समय में देश के तमाम सरकारी और प्राइवेट बैंक जैसे एसबीआई (SBI), एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank), आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) और बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) ग्राहकों को बहुत ही आकर्षक ब्याज दरों पर होम लोन उपलब्ध करा रहे हैं। होम लोन लेते समय सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि रीपेमेंट का फाइनेंशियल बोझ हमारी जेब पर कितना पड़ेगा और इसके लिए सटीक कैलकुलेशन क्या होनी चाहिए ताकि हमारा बजट न बिगड़े।

आज के समय में जब आप होम लोन के लिए किसी बैंक या हाउसिंग फाइनेंस कंपनी (HFC) के पास जाते हैं, तो ब्याज दरें मुख्य रूप से आपके सिबिल स्कोर (CIBIL Score), आपकी मासिक आय, नौकरी या बिजनेस के प्रकार और लोन की कुल राशि पर निर्भर करती हैं। यदि आपका सिबिल स्कोर 750 या उससे अधिक है, तो अधिकांश बैंक आपको सबसे कम और किफायती ब्याज दरों पर होम लोन ऑफर करते हैं। वर्तमान में देश के प्रमुख बैंक होम लोन की शुरुआत लगभग 8.50 प्रतिशत से लेकर 9.50 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर के आसपास कर रहे हैं। मान लीजिए कि आपको अपनी अच्छी क्रेडिट प्रोफाइल और बैंक के साथ अच्छे संबंधों के कारण औसतन 8.5 प्रतिशत या 9 प्रतिशत की सालाना ब्याज दर पर होम लोन मिल जाता है, तो इसी आधार पर आपकी मंथली किस्त यानी ईएमआई तय की जाएगी। वित्तीय जानकारों का हमेशा यही सुझाव रहता है कि लोन के लिए आवेदन करने से पहले बाजार के अलग-अलग बैंकों की ब्याज दरों की तुलना जरूर कर लेनी चाहिए ताकि लंबे समय में आपको लाखों रुपये की बचत हो सके।

आइए अब सीधे अंकों के खेल और गणित पर बात करते हैं ताकि आपको हर महीने जेब से जाने वाली रकम का साफ-साफ अंदाजा हो सके। यदि आप ठीक 10 साल यानी 120 महीनों की अवधि के लिए किसी बैंक से 20,00,000 रुपये का होम लोन लेते हैं और बैंक आप पर सालाना 9.0 प्रतिशत की ब्याज दर लागू करता है, तो स्टैंडर्ड ईएमआई फॉर्मूला के तहत आपकी हर महीने की किस्त लगभग 25,335 रुपये बनेगी। इस पूरी अवधि यानी 10 वर्षों के सफर के दौरान आप बैंक से मूलधन के रूप में 20 लाख रुपये लेंगे, लेकिन जब आप 120वीं किस्त चुकाएंगे, तब तक आप बैंक को कुल ब्याज के रूप में लगभग 10,40,265 रुपये का भुगतान कर चुके होंगे। इस तरह से देखा जाए तो 10 साल की अवधि खत्म होने पर आप बैंक को मूलधन और ब्याज मिलाकर कुल मिलाकर लगभग 30,40,265 रुपये चुकाएंगे। यह आंकड़ा इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि लोन की अवधि जितनी लंबी होगी, आपको ब्याज के रूप में बैंक को उतनी ही भारी-भरकम रकम चुकानी पड़ेगी, इसलिए वित्तीय अनुशासन बनाए रखना बहुत जरूरी है।

होम लोन लेते समय बहुत से लोग इस बात पर ध्यान नहीं देते कि फ्लोटिंग इंटरेस्ट रेट (Floating Interest Rate) होने के कारण आने वाले सालों में आरबीआई (RBI) की रेपो रेट नीतियों के चलते ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव आ सकता है। यदि मान लीजिए कि बैंक द्वारा दी जाने वाली ब्याज दर 9 प्रतिशत से बढ़कर 9.5 प्रतिशत हो जाती है, तो आपकी मंथली ईएमआई बढ़कर लगभग 25,845 रुपये हो जाएगी और कुल ब्याज का बोझ भी उसी अनुपात में बढ़ जाएगा। इसके विपरीत, यदि आपकी आर्थिक स्थिति बेहतर होती है और आप हर साल अपनी मूलधन राशि का एक हिस्सा प्री-पेमेंट (Pre-payment) के जरिए चुकाते रहते हैं, तो लोन की अवधि या आपकी ईएमआई का बोझ काफी हद तक कम हो जाता है। इसलिए होम लोन लेने वाले हर समझदार ग्राहक को यह हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि जैसे ही उनके पास साल में कभी भी अतिरिक्त बोनस या इंसेंटिव आए, उन्हें उसे लोन अकाउंट में जमा करके मूलधन के बोझ को घटाने का प्रयास करना चाहिए।

अपने सपनों का घर खरीदने के लिए जब आप 20 लाख रुपये का लोन लें, तो कुछ बेहद असरदार वित्तीय रणनीतियों को अपनाकर आप अपने ऊपर आने वाले कुल खर्च को काफी हद तक नियंत्रित कर सकते हैं। सबसे पहला कदम यह होना चाहिए कि आप ऑनलाइन होम लोन ईएमआई कैलकुलेटर (Home Loan EMI Calculator) का उपयोग करके पहले से ही अपने बजट का मिलान कर लें ताकि आपकी मंथली इनकम का 40 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा ईएमआई में न जाए। दूसरा, लोन लेते वक्त प्रोसेसिंग फीस, लीगल चार्ज और इंश्योरेंस से जुड़े छुपे हुए शुल्कों (Hidden Charges) की पूरी जानकारी बैंक से लिखित में जरूर ले लें। तीसरा, महिलाओं के नाम पर यदि प्रॉपर्टी रजिस्टर्ड कराई जाती है या लोन लिया जाता है, तो कई बैंक ब्याज दरों में 0.05 प्रतिशत तक की विशेष छूट भी देते हैं, जिसका लाभ उठाया जा सकता है। अंत में, अपनी वित्तीय सेहत को मजबूत रखते हुए सही समय पर किस्तों का भुगतान करने से आपका सिबिल स्कोर भी शानदार बनता है, जो भविष्य में किसी भी दूसरे लोन की जरूरत पड़ने पर सबसे बड़ा मददगार साबित होता है।