1 अगस्त मौसम अपडेट: गुजरात में रेड अलर्ट, दिल्ली-बिहार समेत 21 राज्यों में मूसलाधार बारिश और थंडरस्क्वॉल का तांडव, जानें आपके शहर का हाल

मानसून का महीना आमतौर पर अपने साथ राहत और ठंडक लेकर आता है, लेकिन कई बार इसका उग्र और आक्रामक रूप जनजीवन के लिए बड़ी मुसीबत बन जाता है। अगस्त महीने की शुरुआत के साथ ही देश के एक बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज बेहद खतरनाक और डरावना हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा वेदर बुलेटिन में चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि आज यानी शनिवार, 1 अगस्त को देश के 21 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मूसलाधार बारिश, भयंकर आंधी-तूफान और थंडरस्क्वॉल का तांडव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिम विदर्भ और उससे सटे दक्षिण मध्य प्रदेश के ऊपर एक मजबूत डिप्रेशन बना हुआ है, जो लगातार पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस वेदर सिस्टम के प्रभाव से देश के मैदानी, तटीय और पहाड़ी इलाकों में व्यापक पैमाने पर तूफानी बारिश का दौर शुरू हो चुका है, जिससे प्रशासन और आम जनता दोनों पूरी तरह सतर्क हो गए हैं।

गुजरात में मंडरा रहा है सबसे बड़ा खतरा, अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी

आज के मौसम के लिहाज से गुजरात राज्य सबसे ज्यादा प्रभावित होता नजर आ रहा है। आईएमडी के मुताबिक गुजरात क्षेत्र, सौराष्ट्र और कच्छ के इलाकों में मानसून का सबसे भयंकर रूप देखने को मिलेगा। इस पूरे क्षेत्र में भारी से बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है, और कुछ चुनिंदा हिस्सों में 21 सेंटीमीटर से भी अधिक अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इस तरह की मूसलाधार बारिश के चलते निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात, गंभीर जलभराव और सड़कों पर पानी भरने की पूरी आशंका है। जलभराव के कारण सड़क और रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हो सकता है, इसलिए स्थानीय प्रशासन ने लोगों को बेहद जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलने की सलाह दी है।

मुंबई और कोंकण-गोवा में भारी बारिश का दौर, महाराष्ट्र के घाट इलाकों में चेतावनी

महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में भी बादलों का डेरा लगा हुआ है और भारी बारिश का सिलसिला जारी है। वित्तीय राजधानी मुंबई समेत कोंकण और गोवा के तटीय इलाकों में बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों और मध्य महाराष्ट्र के कई जिलों में भारी से अत्यधिक बारिश का पूर्वानुमान है। हालांकि, मराठवाड़ा के कुछ छिटपुट इलाकों में केवल हल्की से मध्यम बारिश होने की ही उम्मीद है, जिससे वहां के लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है। लगातार हो रही बारिश के चलते पहाड़ी और घाट वाले रास्तों पर भूस्खलन (Landslide) का खतरा भी बढ़ गया है, जिसके चलते यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

उत्तर भारत में मौसम का मिजाज: पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश और दिल्ली में छाएंगे बादल

उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में भी मानसून की रफ्तार कम होने का नाम नहीं ले रही है। पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है, जिससे खेतों और जलाशयों में पानी भर सकता है। वहीं, देश की राजधानी दिल्ली में आज आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे। सुबह से लेकर दोपहर के वक्त के बीच दिल्ली के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के एक या दो दौर देखने को मिल सकते हैं। राजधानी में आज तापमान 24 से 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है, जबकि दोपहर के समय दक्षिण-पूर्वी हवाएं 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं, जिससे उमस से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिम राजस्थान के कुछ चुनिंदा स्थानों पर भी भारी बारिश का येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

बिहार, बंगाल और पूर्वोत्तर भारत में मूसलाधार बारिश और 50 किमी/घंटे की आंधी

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी बादलों की गडग़ड़ाहट और मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा। बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह के कई हिस्सों में भारी बारिश होने का अनुमान है। पूर्वी भारत के इन इलाकों में बारिश के साथ-साथ तेज गरज-चमक देखने को मिलेगी और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं बढ़कर 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। पूर्वोत्तर के राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है, जिससे नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है।

दक्षिण भारत में तूफानी हवाओं का प्रकोप, 70 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगे झोंके

दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश के साथ-साथ अत्यंत तेज और तूफानी हवाओं का भयंकर प्रकोप देखने को मिल सकता है। तटीय कर्नाटक, केरल, माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और लक्षद्वीप में भी ठीकठाक बारिश का अनुमान है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में हवाओं का रुख बेहद आक्रामक रहेगा और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज तूफानी हवाएं चलेंगी, जो तेज झोंकों के साथ 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक भी पहुंच सकती हैं। दक्षिण भारत के अन्य तटीय और अंदरूनी हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली हवाएं जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं। मौसम विभाग की इस चेतावनी को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने और आम जनता को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सख्त हिदायत दी गई है।