
सरकारी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी कम करने और चालू वित्त वर्ष के विनिवेश लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। सरकार खनन क्षेत्र की प्रमुख सार्वजनिक उपक्रम (PSU) कंपनी हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (Hindustan Copper Ltd – HCL) में ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए 3% तक हिस्सेदारी बेचने जा रही है।
निवेश एवं लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस ओएफएस के लिए फ्लोर प्राइस ₹514 प्रति शेयर तय किया गया है। छोटे और खुदरा निवेशकों को बढ़ावा देने के लिए कुल ऑफर का 10% हिस्सा रिटेल इनवेस्टर कोटा (Retail Investors) के रूप में आरक्षित रखा गया है।
ऑफर फॉर सेल (OFS) का पूरा ढांचा और ग्रीन-शू विकल्प
सरकार इस ओएफएस के जरिए कंपनी में अपनी शेयरधारिता का विनिवेश दो चरणों में कर रही है:
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बेस साइज (Base Offer): सरकार शुरू में कंपनी की कुल चुकता इक्विटी पूंजी का 1.5% हिस्सा (करीब 1.45 करोड़ इक्विटी शेयर) बाजार में बेचेगी।
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ग्रीन-शू ऑप्शन (Green-shoe Option): संस्थागत और बड़े निवेशकों की ओर से भारी मांग और ओवरसब्सक्रिप्शन आने की स्थिति में अतिरिक्त 1.5% हिस्सेदारी बेचने का विकल्प (Oversubscription option) भी खुला रखा गया है।
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कुल बिक्री: दोनों हिस्सों को मिलाकर सरकार हिंदुस्तान कॉपर की कुल 3% हिस्सेदारी बेचेगी, जिससे सरकारी खजाने को करीब ₹1,500 करोड़ से अधिक का राजस्व मिलने की उम्मीद है।
कब और कैसे खुलेगी बिडिंग विंडो?
शेयर बाजार के ओएफएस नियमों के तहत बोली प्रक्रिया दो अलग-अलग दिनों में संपन्न होगी:
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पहला दिन (Day 1) – नॉन-रिटेल इनवेस्टर (Non-Retail): पहले दिन केवल गैर-खुदरा निवेशक—जैसे म्यूचुअल फंड्स, बीमा कंपनियां, विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) और बड़े कॉरपोरेट्स—फ्लोर प्राइस या उससे ऊपर की कीमत पर बोली लगा सकेंगे।
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दूसरा दिन (Day 2) – रिटेल निवेशक (Retail Investors): दूसरे दिन व्यक्तिगत खुदरा निवेशक (जिनका कुल निवेश ₹2 लाख तक होता है) बोली लगा सकेंगे।
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अनसब्सक्राइब्ड कोटा ट्रांसफर: यदि गैर-खुदरा श्रेणी से कोई शेयर बचता है, तो उसे भी रिटेल निवेशकों के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है।
फ्लोर प्राइस और मौजूदा बाजार भाव की स्थिति
सरकार द्वारा निर्धारित ₹514 प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस मौजूदा बाजार मूल्य से एक निर्धारित डिस्काउंट पर तय किया गया है, ताकि संस्थागत और खुदरा दोनों श्रेणियों के निवेशकों को शेयर में भाग लेने के लिए आकर्षक अवसर मिल सके।
वर्तमान में हिंदुस्तान कॉपर में भारत सरकार (प्रमोटर) की कुल हिस्सेदारी करीब 66.14% है। 3% की इस पूरी बिक्री के बाद भी कंपनी में सरकार का नियंत्रण और बहुलांश हिस्सेदारी (Majority Stake) 63% से अधिक बनी रहेगी।
रिटेल निवेशक कैसे ले सकते हैं हिस्सा?
खुदरा निवेशकों के लिए इस ओएफएस में भाग लेने की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और सरल है:
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निवेशक अपने मौजूदा डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट (Demat & Trading Account) के जरिए अपने ब्रोकर के ट्रेडिंग ऐप/वेबसाइट पर ‘OFS’ सेक्शन में जाकर सीधे ऑर्डर प्लेस कर सकते हैं।
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रिटेल कोटे के तहत अधिकतम ₹2,00,000 तक की बोली लगाई जा सकती है।
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शेयरों का आवंटन फ्लोर प्राइस या उससे ऊपर की कट-ऑफ कीमत के आधार पर ‘टी+1’ सेटलमेंट साइकिल के तहत सीधे डीमैट खाते में कर दिया जाएगा।
वैश्विक बाजार में तांबे (Copper) की बढ़ती औद्योगिक मांग, इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में इसके बढ़ते उपयोग को देखते हुए बाजार के जानकारों का मानना है कि हिंदुस्तान कॉपर के इस ओएफएस को निवेशकों की ओर से मजबूत प्रतिक्रिया मिल सकती है।
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