‘स्वागत करेंगे, बस आकर साइन कर दें…’, धर्मेंद्र प्रधान को जंतर-मंतर का खुला न्योता; CJP का अल्टीमेटम

देश की राजधानी नई दिल्ली में इन दिनों सियासी पारा सातवें आसमान पर है। सोनम वांगचुक के अनशन खत्म होने के बाद भी कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी (CJP) के तेवर पूरी तरह तल्ख बने हुए हैं। संगठन ने साफ कर दिया है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कम उन्हें कुछ भी मंजूर नहीं है। इसी कड़ी में सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को सीधे तौर पर जंतर-मंतर आने का न्योता दे डाला है। पार्टी ने दो टूक शब्दों में कह दिया है कि वे मंत्री का स्वागत करने के लिए तैयार हैं, बस उन्हें वहां आकर अपने इस्तीफे के कागजात पर दस्तखत करने होंगे।

जंतर-मंतर पर आइए, हम खुद तैयार कर देंगे इस्तीफा: अभिजीत दीपके

हाल ही में एक मीडिया चैनल से बातचीत के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को खुद जंतर-मंतर आकर छात्रों और जनता के बीच स्थिति साफ करनी चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हम उनका पूरी गर्मजोशी से स्वागत करेंगे और उनका त्यागपत्र भी हमारी टीम तैयार रखेगी, उन्हें सिर्फ आकर वहां हस्ताक्षर करने होंगे। सीजेपी ने यह भी चेतावनी दी है कि जब तक शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक उनका यह राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन किसी भी कीमत पर रुकने वाला नहीं है।

प्रधानमंत्री के ऐलान को बताया अस्पष्ट, कहा- नहीं बहना चाहिए और खून

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के ऐलान पर प्रतिक्रिया देते हुए सीजेपी प्रमुख ने इसे बेहद अस्पष्ट करार दिया। उनका कहना था कि इस घोषणा में सीधे तौर पर असली जिम्मेदार माने जा रहे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ किसी भी तरह के कड़े एक्शन लेने की कोई बात नहीं कही गई है। अभिजीत दीपके ने दो टूक कहा कि छात्रों की सुरक्षा और न्याय के लिए हमारी मांग बिल्कुल साफ है कि शिक्षा मंत्री को पद छोड़ना ही होगा। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि छात्रों के भविष्य और जान की कीमत पर अब और राजनीति नहीं होनी चाहिए।

निष्पक्ष जगह पर होगी सरकार से आर-पार की बैठक, कॉन्स्टिट्यूशन क्लब का चुनाव

इस सियासी घमासान के बीच आज सरकार और सीजेपी के बीच बातचीत के आसार काफी तेज हो गए हैं। समाचार एजेंसी एएनआई के सूत्रों के मुताबिक, दोपहर 12:30 बजे सीजेपी का प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय मंत्रियों के साथ अहम बैठक कर सकता है। इससे पहले केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने बैठक का प्रस्ताव अपने आवास या कार्यालय में रखा था, जिसे सीजेपी ने खारिज कर दिया था। संगठन की जिद थी कि बैठक किसी न्यूट्रल यानी निष्पक्ष जगह पर होनी चाहिए। इसके बाद चर्चा के लिए ‘कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया’ को चुना गया है। सीजेपी के प्रवक्ता सौरभ दास ने उम्मीद जताई है कि सरकार खुले मन से जनता की आवाज सुनेगी।

सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन, जेपी नड्डा ने अस्पताल में पिलाई सूप

दूसरी तरफ, सोनम वांगचुक ने कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले राजधानी के जंतर-मंतर पर 28 जून से अनशन का आगाज किया था। स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें पहले सफदरजंग और फिर दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश पर मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने अस्पताल पहुंचकर उनसे मुलाकात की थी। अंततः सरकार की ओर से प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ कोई भी कानूनी कार्रवाई न करने के आश्वासन के बाद, सोनम वांगचुक ने शुक्रवार को अस्पताल में सूप पीकर अपना लंबा अनशन आखिरकार समाप्त कर दिया।