
विदेशों में बैठकर भारतीय कानून से भाग रहे वांछित अपराधियों और भगोड़ों के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। सीबीआई ने विदेश मंत्रालय (MEA), गृह मंत्रालय (MHA) और अंतरराष्ट्रीय पुलिस संस्था इंटरपोल (INTERPOL) के साथ मिलकर दो अलग-अलग अभियानों में दो बड़े भगोड़ों को भारत वापस लाने में सफलता हासिल की है। हत्या और गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल आरोपी मुहम्मदअली कन्नीर पल्लीयालिल को जहां सऊदी अरब से डिपोर्ट कर भारत लाया गया है, वहीं करोड़ों के वित्तीय घोटाले के आरोपी अविनाश अर्जुन राठौड़ को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से शिकंजे में लिया गया है। आइए एक क्राइम और लीगल रिपोर्टर के नजरिए से समझते हैं दोनों मामलों की पूरी रिपोर्ट।
1. सऊदी अरब से लाया गया हत्या और गैरकानूनी गतिविधियों का आरोपी
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के अनुसार, आरोपी मुहम्मदअली कन्नीर पल्लीयालिल हत्या और आतंकवादी/गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़े एक गंभीर मामले में काफी समय से फरार चल रहा था।
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वारदात और साजिश: जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर एक खौफनाक साजिश रची थी। उसने एक दुकान में घुसकर एक व्यक्ति पर धारदार हथियारों से जानलेवा हमला किया था, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
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रेड नोटिस और गिरफ्तारी: घटना के बाद आरोपी विदेश भाग गया था। एनआईए के अनुरोध पर सीबीआई ने इंटरपोल के जरिए उसके खिलाफ ‘रेड नोटिस’ (Red Notice) जारी कराया। सऊदी अरब में उसकी लोकेशन ट्रेस होने के बाद वहां के सुरक्षा बलों ने उसे गिरफ्तार कर लिया और कानूनी औपचारिकताओं के बाद गुरुवार को भारत डिपोर्ट कर दिया।
2. यूएई से डिपोर्ट हुआ पोंजी स्कीम का वित्तीय ठग अविनाश राठौड़
एक अन्य बड़ी सफलता में, सीबीआई ने यूएई (UAE) की अथॉरिटी के साथ तालमेल बिठाकर बड़े पैमाने पर फाइनेंशियल फ्रॉड करने वाले भगोड़े अविनाश अर्जुन राठौड़ को 23 जुलाई 2026 को भारत डिपोर्ट करवाया।
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फर्जी इन्वेस्टमेंट स्कीम: सीबीआई के अनुसार, राठौड़ ने अपने साथियों के साथ मिलकर निवेशकों को हर महीने तय और बड़ा रिटर्न (Fixed Monthly Return) देने का झांसा दिया।
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करोड़ों का गबन: उसने धोखाधड़ी से निवेशकों का पैसा इकट्ठा किया और कई फर्जी बैंक खातों व डीमैट अकाउंट्स के जरिए रकम को डायवर्ट कर दिया।
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महाराष्ट्र पुलिस ने लिया हिरासत में: इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर यूएई से पकड़े जाने के बाद राठौड़ जैसे ही मुंबई एयरपोर्ट पहुंचा, वहां पहले से मुस्तैद महाराष्ट्र पुलिस की टीम ने उसे हिरासत में ले लिया।
इंटरपोल के जरिए 170 से ज्यादा भगोड़े लाए गए भारत
सीबीआई के आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि वैश्विक कानून प्रवर्तन एजेंसियों और इंटरपोल चैनलों के साथ मजबूत तालमेल के चलते पिछले कुछ सालों में 170 से अधिक वांछित अपराधियों और भगोड़ों को दुनिया के अलग-अलग कोनों से सफलतापूर्वक भारत वापस लाया जा चुका है। भारत सरकार का यह कड़ा रुख स्पष्ट करता है कि अपराध करके विदेश भागने वाले अपराधियों के लिए अब दूसरे देश भी सुरक्षित ठिकाना नहीं रहे हैं।
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