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सरकार ने दिया बड़ा अपडेट, जानें 14.2 किलो सिलेंडर पर क्यों लगी अस्थायी रोक और क्या हैं नए नियम

देशभर में नए घरेलू रसोई गैस (LPG) कनेक्शन का इंतजार कर रहे लाखों उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और तेल विपणन कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) ने स्थिति स्पष्ट की है। यदि आप इंडेन, भारत गैस या एचपी गैस का नया 14.2 किलोग्राम का घरेलू सिलेंडर कनेक्शन लेने के लिए आवेदन कर रहे हैं, तो वर्तमान में डिस्ट्रीब्यूटर स्तर पर नई बुकिंग और कनेक्शन आवंटन को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। मंत्रालय के अनुसार, वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और पश्चिम एशिया में जारी आपूर्ति गतिशीलता को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। सरकार का प्राथमिक उद्देश्य देश के मौजूदा करोड़ों उपभोक्ताओं को बिना किसी रुकावट के समय पर रिफिल सिलेंडर उपलब्ध कराना है, ताकि आवश्यक घरेलू ईंधन आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुचारू बनी रहे।

ऑयल मार्केटिंग कंपनियों का मौजूदा ध्यान पूरी तरह से घरेलू गैस वितरण नेटवर्क की री-स्ट्रक्चरिंग और पारदर्शिता पर केंद्रित है। देश भर में एलपीजी उपभोक्ताओं के बायोमेट्रिक और फेस-आरडी आधारित ई-केवाईसी (e-KYC) वेरिफिकेशन का व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इस प्रक्रिया का मुख्य लक्ष्य सिस्टम में मौजूद फर्जी, डुप्लीकेट और निष्क्रिय गैस कनेक्शनों की पहचान कर उन्हें डेटाबेस से बाहर करना है। जब तक यह राष्ट्रव्यापी सत्यापन कार्य पूरा नहीं हो जाता और मौजूदा ग्राहकों का कोटा स्थिर नहीं होता, तब तक नए घरेलू कनेक्शन के पोर्टल को सीमित रखा गया है। जैसे ही आपूर्ति श्रृंखला और उपभोक्ता डेटाबेस का संतुलन पूरी तरह स्थापित होगा, नए कनेक्शनों के लिए आवेदन प्रक्रिया दोबारा सामान्य रूप से शुरू कर दी जाएगी।

सरकार ने ‘एक परिवार, एक गैस कनेक्शन’ की नीति को कड़ाई से लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। नए नियमों के तहत जिन शहरी सोसायटियों, मोहल्लों और रिहायशी कॉलोनियों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की पाइपलाइन पहुंच चुकी है, वहां रहने वाले नागरिकों को पीएनजी कनेक्शन अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। नियामक दिशानिर्देशों के अनुसार, एक ही पते पर पीएनजी और सब्सिडी वाला एलपीजी सिलेंडर दोनों रखना प्रतिबंधित है। यदि किसी क्षेत्र में पीएनजी नेटवर्क चालू हो चुका है और उपभोक्ता निर्धारित नोटिस के बाद भी पीएनजी पर शिफ्ट नहीं होते हैं या अपना एलपीजी सिलेंडर सरेंडर नहीं करते हैं, तो उनका एलपीजी कनेक्शन स्वतः निरस्त किया जा सकता है। इसके लिए जिला स्तर पर पीएनजी समन्वय समितियां गठित की गई हैं ताकि निर्बाध ट्रांजिशन सुनिश्चित हो सके।

जिन परिवारों या किराएदारों को तुरंत कुकिंग गैस की आवश्यकता है और जिनका पक्का 14.2 किलो का कनेक्शन रुका हुआ है, उनके लिए तेल कंपनियों ने वैकल्पिक समाधान उपलब्ध कराए हैं। ऐसे उपभोक्ता स्थानीय गैस एजेंसियों से 5 किलोग्राम वाले फ्री-ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर या 10 किलोग्राम वाले लाइटवेट कंपोजिट सिलेंडर की सुविधा ले सकते हैं। इन सिलेंडरों को लेने के लिए जटिल कागजी औपचारिकताओं या लंबे इंतजार की जरूरत नहीं होती है और इन्हें तुरंत खरीदा जा सकता है। इसके अलावा, जिन लोगों के पुराने कनेक्शन किसी कारणवश निष्क्रिय (Inactive) हो गए थे, वे अपनी नजदीकी गैस एजेंसी पर जाकर तुरंत बायोमेट्रिक ई-केवाईसी कराकर अपने पुराने कनेक्शन को पुनः सक्रिय (Reactivate) करवा सकते हैं।

पेट्रोलियम मंत्रालय के आधिकारिक बयानों और डिस्ट्रीब्यूटर संघों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, नए घरेलू कनेक्शनों पर लगी यह रोक केवल एक अल्पकालिक और एहतियाती व्यवस्था है। जैसे ही अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति मार्ग पूरी तरह स्थिर होंगे और घरेलू रिफिल की बफर इन्वेंट्री मजबूत हो जाएगी, 14.2 किलोग्राम वाले रेगुलर सिलेंडरों के नए आवंटन फिर से शुरू कर दिए जाएंगे। तेल कंपनियों का अनुमान है कि सत्यापन प्रक्रिया पूरी होते ही आने वाले कुछ महीनों में ऑनलाइन पोर्टल (Indane, HP Pay, Hello BPCL) और गैस एजेंसियों पर नए कनेक्शन के फॉर्म सामान्य रूप से स्वीकार किए जाने लगेंगे।