
बिहार के समस्तीपुर जिले से इस वक्त एक बहुत बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है, जिसने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। भ्रष्टाचार और घूसखोरी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करने वाली राज्य की निगरानी अन्वेषण ब्यूरो यानी विजिलेंस टीम (Vigilance Department) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। समस्तीपुर जिले के रोसड़ा अनुमंडल क्षेत्र में तैनात डीसीएलआर (DCLR) के सरकारी आवास पर निगरानी विभाग की विशेष टीम ने अचानक छापा मार दिया है। सुबह-सुबह हुई इस अचानक छापेमारी की कार्रवाई से न केवल प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों में बल्कि पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ हुई इस कार्रवाई की भनक लगते ही आसपास के लोगों की भीड़ भी मौके पर जुटने लगी, हालांकि सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच विजिलेंस की टीम लगातार अपने काम में जुटी हुई है और आवास के भीतर दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है।
क्या है पूरा मामला और किस भ्रष्टाचार के आरोप में हुई छापेमारी
प्राप्त शुरुआती जानकारियों के अनुसार, रोसड़ा डीसीएलआर के पद पर तैनात अधिकारी के खिलाफ पिछले कुछ दिनों से आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने और जमीनी मामलों तथा म्यूटेशन के नाम पर भारी रिश्वतखोरी (Bribery) की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। आम जनता और कुछ स्थानीय लोगों ने इस संबंध में निगरानी विभाग के उच्च अधिकारियों को पुख्ता सबूतों के साथ लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए निगरानी ब्यूरो ने अंदरखाने पूरे मामले की गोपनीय तरीके से जांच कराई, जिसमें भ्रष्टाचार के प्राथमिक साक्ष्य सही पाए गए। इसके बाद अदालत से वारंट और उचित अनुमति मिलने के बाद विजिलेंस की एक बड़ी टीम ने योजनाबद्ध तरीके से रोसड़ा स्थित डीसीएलआर के सरकारी आवास पर एक साथ धावा बोल दिया। इस अचानक हुई कार्रवाई से अधिकारी और उनके आवास पर मौजूद अन्य लोग पूरी तरह से सन्न रह गए और उन्हें संभालने का मौका तक नहीं मिला।
आवास के अंदर दस्तावेजों की गहन छानबीन और कैश मिलने की सुगबुगाहट
निगरानी विभाग की टीम जब रोसड़ा डीसीएलआर के सरकारी आवास के अंदर दाखिल हुई, तो वहां कागजातों और बैंक खातों के अलावा अलमारियों की सघन तलाशी ली जाने लगी। सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार, विजिलेंस के अधिकारी इस बात का पता लगाने में जुटे हैं कि डीसीएलआर महोदय द्वारा अपने कार्यकाल के दौरान अवैध तरीकों से कितनी संपत्ति अर्जित की गई है। आवास के अंदर रखे बक्से, लॉकर और डिजिटल दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है, साथ ही बैंक खातों से जुड़े लेन-देन के कागजात भी जब्त किए जा रहे हैं। स्थानीय चर्चाओं के अनुसार इस छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में नकदी और बेनामी संपत्तियों के कागजात मिलने की भी सुगबुगाहट तेज हो गई है, हालांकि निगरानी विभाग के आधिकारिक बयानों के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी कि टीम के हाथ क्या-क्या सबूत लगे हैं।
बिहार में भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ विजिलेंस का लगातार शिकंजा
बिहार सरकार और निगरानी ब्यूरो द्वारा भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ पिछले कुछ समय से चलाए जा रहे इस प्रकार के ताबड़तोड़ छापों से उन तमाम अधिकारियों में भारी खौफ का माहौल है जो अपने पद का दुरुपयोग कर अवैध कमाई करने में लगे रहते हैं। समस्तीपुर के रोसड़ा में हुई इस हाई-प्रोफाइल छापेमारी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि कानून का हाथ कितना लंबा होता है और भ्रष्टाचार की सीमाएं कितनी भी मजबूत क्यों न हों, एक दिन जांच की आंच तक पहुँच ही जाती है। इस पूरी कार्रवाई के बाद से समस्तीपुर जिले के अन्य प्रशासनिक कार्यालयों में भी सुगबुगाहट तेज हो गई है और अधिकारी अपनी फाइलों को दुरुस्त करने में जुट गए हैं। निगरानी विभाग की यह टीम फिलहाल आवास के अंदर कागजी कार्रवाई पूरी करने में जुटी है और तलाशी अभियान समाप्त होने के बाद डीसीएलआर को अपने साथ पूछताछ के लिए भी ले जा सकती है, जिस पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।
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