संगम नगरी में आशियाने का सपना होगा पूरा: प्रयागराज में ₹20 लाख से फ्लैट्स की शुरुआत

धार्मिक, ऐतिहासिक और प्रशासनिक पहचान रखने वाले प्रयागराज में अपना घर बसाने की चाहत रखने वाले मध्यमवर्गीय परिवारों और युवा नौकरीपेशा लोगों के लिए रियल एस्टेट मार्केट से बेहद उत्साहजनक खबर सामने आई है। प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) की किफायती आवासीय योजनाओं और निजी डेवलपर्स के नए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के तहत शहर में मात्र 20 लाख रुपये की शुरुआती कीमत में 1BHK और कॉम्पैक्ट 2BHK फ्लैट्स की विस्तृत श्रृंखला उपलब्ध कराई जा रही है। पिछले कुछ वर्षों में कुंभ और महाकुंभ के अंतर्गत हुए बुनियादी ढांचे के कायाकल्प, नए फोर-लेन और सिक्स-लेन फ्लाईओवर्स, गंगा और यमुना पर बने नए ब्रिजों तथा रिंग रोड नेटवर्क ने प्रयागराज के उपनगरीय इलाकों को मुख्य शहर के बराबर ला खड़ा किया है। सीमित बजट वाले खरीदार अब किराए के मकानों पर निर्भर रहने के बजाय खुद की छत हासिल करने के इस मौके का खुलकर लाभ उठा रहे हैं।

प्रयागराज में विकसित हो रहे इन किफायती हाउसिंग प्रोजेक्ट्स की सबसे बड़ी यूएसपी इनकी सुगम रेल और सड़क कनेक्टिविटी है। ये आवासीय कॉलोनियां मुख्य रेलवे स्टेशनों—जैसेप्रयागराज जंक्शनClick to open side panel for more information,सूबेदार गंजClick to open side panel for more information और छिवकी रेलवे स्टेशन—से मात्र 15 से 25 मिनट की सीधी दूरी पर स्थित हैं। नियमित रूप से लखनऊ, कानपुर, दिल्ली, वाराणसी या पटना की यात्रा करने वाले नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों के लिए यह लोकेशन कनेक्टिविटी बेहद मुफीद साबित हो रही है। इन प्रोजेक्ट्स से प्रयागराज एयरपोर्ट (बमरौली) और प्रमुख व्यावसायिक केंद्रसिविल लाइन्सClick to open side panel for more information तक पहुंचना भी सिग्नल-फ्री चौड़े मार्गों के चलते बेहद आसान हो गया है। ई-रिक्शा, सिटी बस सेवा और कैब की 24 घंटे उपलब्धता ने दैनिक आवागमन की चिंता को पूरी तरह खत्म कर दिया है।

प्रयागराज के रियल एस्टेट मैप पर तीन प्रमुख इलाके मध्यम वर्ग के लिए सबसे बड़े अफोर्डेबल हब के रूप में उभरे हैं। इनमें सबसे पहला नामनैनीClick to open side panel for more information का है, जो नए यमुना ब्रिज के माध्यम से मुख्य शहर से सीधे जुड़ा हुआ है और यहां औद्योगिक विकास व शैक्षणिक संस्थानों के कारण ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट्स तेजी से बढ़े हैं। दूसरा प्रमुख क्षेत्रझलवाClick to open side panel for more information और देवघाट का है, जहां ट्रिपल आईटी (IIIT) के आसपास नियोजित कॉलोनियों में 20 से 28 लाख रुपये के दायरे में आधुनिक फ्लैट्स मिल रहे हैं। इसके अलावा कालिंदीपुरम और राजापुर एक्सटेंशन के इलाकों में भी सरकारी और निजी सोसायटियों के तहत किफायती आवास उपलब्ध हैं। इन सोसायटियों में 24 घंटे सुरक्षा, पावर बैकअप, कम्युनिटी हॉल, किड्स प्ले एरिया और ग्रीन पार्क्स जैसी जरूरी बुनियादी नागरिक सुविधाएं भी दी जा रही हैं।

त्योहारी सीजन (दशहरा, करवा चौथ और दिवाली) के उपलक्ष्य में डेवलपर्स और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों ने घर खरीदारों को आकर्षित करने के लिए ऑफर्स की झड़ी लगा दी है। प्रोजेक्ट्स पर 18 प्रतिशत तक का सीधा एकमुश्त कैश डिस्काउंट (Upfront Discount) दिया जा रहा है। इसके साथ ही कई प्रोजेक्ट्स में ‘नो ईएमआई टिल पजेशन’ (No EMI till Possession), फ्री मॉड्यूलर किचन, शून्य क्लब मेंबरशिप फीस और मुफ्त कार पार्किंग स्पेस जैसे अतिरिक्त वित्तीय लाभ भी शामिल किए गए हैं। कुछ बिल्डर्स रजिस्ट्री शुल्क (स्टाम्प ड्यूटी) का खर्च स्वयं वहन करने का ऑफर भी दे रहे हैं, जिससे खरीदार के कुल बजट में 2 से 3 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सीधी बचत हो रही है।

मध्यमवर्गीय खरीदार के लिए 20 लाख रुपये के फ्लैट का वित्तीय ढांचा बेहद सुविधाजनक है। राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों द्वारा इस बजट के फ्लैट्स पर कुल लागत का 80 से 90 प्रतिशत तक होम लोन आसानी से स्वीकृत किया जा रहा है। इसका अर्थ यह है कि खरीदार को मात्र 2 से 3 लाख रुपये का डाउन पेमेंट करना होता है और शेष राशि आसान मासिक किश्तों (EMI) में तब्दील हो जाती है। 8.5% से 9% की मौजूदा ब्याज दर पर 20 साल के कार्यकाल के लिए मासिक ईएमआई लगभग 15,000 से 16,500 रुपये के दायरे में आती है, जो आमतौर पर शहर में 2BHK फ्लैट के किराए के बराबर ही है।

सस्ते फ्लैट्स के आकर्षण में आने से पहले खरीदारों को कुछ महत्वपूर्ण कानूनी व तकनीकी पहलुओं की जांच अवश्य कर लेनी चाहिए। सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (UP RERA) के आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकृत हो और उसका वैध रेरा रजिस्ट्रेशन नंबर मौजूद हो। इसके अलावा प्रोजेक्ट के लेआउट प्लान को प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) से स्वीकृति मिली हो। बैंक से अप्रूव्ड प्रोजेक्ट्स (APF Number) में निवेश करना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है क्योंकि बैंक पहले से ही टाइटल डीड और कानूनी दस्तावेजों की जांच कर चुके होते हैं। सभी दस्तावेजों की पुष्टि के बाद ही टोकन अमाउंट जमा करें ताकि जीवन भर की पूंजी पूरी तरह सुरक्षित रहे।