
देश की राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध-प्रदर्शन और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के लंबे अनशन के बीच सोशल मीडिया पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की एक पुरानी पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है। इस वायरल तस्वीर में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, सोनम वांगचुक और उनकी पत्नी गीतांजलि एंग्मो के साथ बेहद सौहार्दपूर्ण माहौल में नजर आ रहे हैं। करीब तीन साल पहले साझा की गई इस सोशल मीडिया पोस्ट में केंद्रीय मंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में सुधार और अभिनव प्रयोगों के लिए वांगचुक दंपती की जमकर सराहना की थी, जो मौजूदा राजनीतिक हालातों के बीच चर्चा का केंद्र बन गया है।
पुरानी पोस्ट में धर्मेंद्र प्रधान ने की थी सोनम वांगचुक और उनकी पत्नी की तारीफ
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर तीन साल पहले शेयर किए गए इस संदेश में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोनम वांगचुक और उनकी पत्नी गीतांजलि एंग्मो के साथ अपनी बातचीत को बेहद शानदार बताया था। प्रधान ने अपने आधिकारिक हैंडल से वांगचुक को टैग करते हुए लिखा था कि वे उनके जुनून, विचारों और शिक्षा व्यवस्था को बदलने की इच्छाशक्ति की बेहद सराहना करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने पर्यावरणविद के प्रयोगवादी शिक्षण तरीकों और विकास की दिशा में किए जा रहे बेहतर कार्यों की भी खुलकर प्रशंसा की थी, जो अब छात्रों के आंदोलन और सियासी खींचतान के बीच अचानक इंटरनेट पर चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।
कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन जारी और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़े नेता
एक तरफ जहां यह पुरानी तस्वीर वायरल हो रही है, वहीं दूसरी तरफ कॉकरोच जनता पार्टी का विरोध-प्रदर्शन जंतर-मंतर पर लगातार जारी है। पार्टी के नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की अपनी मांग को एक बार फिर पुरजोर तरीके से दोहराया है। सीजेपी का आरोप है कि सरकार की ओर से पेपर लीक मामलों पर जितनी भी बातें कही जा रही हैं, उनमें जवाबदेही तय करने वाले मुख्य बिंदुओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पेपर लीक के दोषियों को सजा दिलाने के लिए त्वरित अदालतें गठित करने की घोषणा की है, जिस पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
सोनम वांगचुक की तबीयत और अस्पताल में इलाज की पूरी स्थिति
पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को पिछले हफ्ते जंतर-मंतर से हटाकर पहले सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था और बाद में दिल्ली हाईकोर्ट की अनुमति मिलने के बाद उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया। वांगचुक और उनके परिवार की ओर से सफदरजंग अस्पताल में उन्हें कथित तौर पर नजरबंद रखे जाने के आरोप भी लगाए गए थे। फिलहाल अस्पताल में उनका इलाज जारी है, जबकि दूसरी ओर जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन और राजनीतिक बयानों के चलते देश की सियासत में हलचल लगातार तेज बनी हुई है।
girls globe