Wednesday , September 16 2026

विश्वकर्मा जयंती 2026: घर बैठे इन 5 मशीनों और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की करें पूजा, साल भर बरसेगा धन और कारोबार में तरक्की

सनातन धर्म की पावन और समृद्ध परंपरा में हर वर्ष कन्या संक्रांति के पावन अवसर पर सृष्टि के प्रथम वास्तुकार, ब्रह्मांडीय शिल्पी और तकनीकी विद्या के आदि प्रणेता भगवान विश्वकर्मा की जयंती अत्यंत हर्षोल्लास और भक्तिभाव से मनाई जाती है। हिंदू धर्मग्रंथों में भगवान विश्वकर्मा को समस्त ब्रह्मांडीय निर्माण, अस्त्र-शस्त्र, भव्य नगरों, दिव्य विमानों, कल-कारखानों, मशीनों और तकनीकी कौशल का अधिष्ठाता देव स्वीकार किया गया है। मान्यता है कि स्वर्ग लोक, इंद्रपुरी, भगवान श्रीकृष्ण की स्वर्ण द्वारका नगरी, लंका और जगन्नाथ पुरी के विग्रहों का निर्माण स्वयं देवशिल्पी विश्वकर्मा के दिव्य हाथों से ही संपन्न हुआ था। आधुनिक युग में विश्वकर्मा पूजा केवल बड़े औद्योगिक संयंत्रों, कारखानों, निर्माण स्थलों और ऑटोमोबाइल वर्कशॉप्स तक ही सीमित नहीं रह गई है, बल्कि इसका महत्व हमारे दैनिक गृहस्थ जीवन से भी गहराई से जुड़ चुका है। हमारे घरों में सुबह से शाम तक उपयोग में आने वाली हर छोटी-बड़ी मशीन, तकनीकी गैजेट और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण वास्तव में देवशिल्पी की ही ऊर्जा और विद्या के प्रत्यक्ष प्रतीक हैं। जिन भौतिक साधनों और औजारों के माध्यम से हमारे परिवार का भरण-पोषण होता है, आजीविका चलती है और रोजमर्रा की जिंदगी सुगम बनती है, उनके प्रति कृतज्ञता और आदर प्रकट करना ही विश्वकर्मा पूजा का मूल आध्यात्मिक मर्म है।

मध्यमवर्गीय और आधुनिक गृहस्थ परिवारों में वाहन केवल आने-जाने की सुविधा मात्र नहीं होता, बल्कि वह परिवार की सुरक्षा, प्रतिष्ठा और दैनिक गतिशीलता की जीवनरेखा माना जाता है। चाहे आपके घर में चार पहिया कार हो, मोटरसाइकिल, स्कूटी, ऑटो या फिर बच्चों की साइकिल, विश्वकर्मा पूजा के दिन उसका विधिपूर्वक पूजन करना शास्त्रों में अत्यंत कल्याणकारी बताया गया है। इस दिन प्रातःकाल उठकर सबसे पहले अपने सभी वाहनों को जल से धोकर पूरी तरह स्वच्छ और चमकीला बनाना चाहिए। इसके उपरांत वाहन के मुख्य बोनट, हैंडल या स्टीयरिंग पर कुमकुम, हल्दी और अक्षत से शुभ ‘स्वास्तिक’ का चिह्न अंकित करें। वाहन पर ताजे लाल या पीले गेंदे के फूलों की माला अर्पित करें और धूप-दीप दिखाकर भगवान विश्वकर्मा का ध्यान करें। पूजन के दौरान ‘ॐ श्री विश्वकर्मणे नमः’ मंत्र का 11 बार जप करते हुए यह प्रार्थना अवश्य करनी चाहिए कि यह वाहन परिवार के सदस्यों को सदैव सुरक्षित रखे, मार्गों की बाधाओं को दूर करे और किसी भी प्रकार की आकस्मिक दुर्घटना, कलह या तकनीकी खराबी से रक्षा करे।

21वीं सदी के डिजिटल क्रांति के दौर में लैपटॉप, डेस्कटॉप कंप्यूटर, टैबलेट और स्मार्टफोन हर पेशेवर, उद्यमी, फ्रीलांसर और विद्यार्थी के जीवन का अविभाज्य अंग बन चुके हैं। वर्क फ्रॉम होम करने वाले आईटी प्रोफेशनल्स से लेकर ऑनलाइन ट्रेडिंग, ई-कॉमर्स बिजनेस या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं तक, सभी की बौद्धिक और आर्थिक तरक्की इन्हीं डिजिटल उपकरणों पर टिकी हुई है। ऐसे में विश्वकर्मा जयंती के पावन पर्व पर अपने कार्यक्षेत्र में रखे लैपटॉप और कंप्यूटर की पूजा करना असाधारण परिणाम देता है। पूजन से पूर्व अपने कंप्यूटर टेबल, कीबोर्ड, मॉनिटर और माउस की धूल अच्छी तरह साफ करें। कंप्यूटर की स्क्रीन के किनारे या बाहरी बॉडी पर रोली या शुद्ध चंदन से हल्का तिलक लगाएं और उस पर पीले पुष्प तथा थोड़े अक्षत अर्पित करें। भगवान विश्वकर्मा के साथ-साथ विद्या की देवी मां सरस्वती का स्मरण करते हुए हाथ जोड़कर प्रार्थना करें कि आपके डिजिटल प्रोजेक्ट्स बिना किसी रुकावट के सफल हों, सॉफ्टवेयर या हार्डवेयर क्रैश की समस्या न आए और आपका करियर नई तकनीकी ऊंचाइयों को स्पर्श करे।

घर में रखी सिलाई मशीन, वॉशिंग मशीन, वाटर प्यूरीफायर (RO), इन्वर्टर और अन्य घरेलू यांत्रिक उपकरण घर के वास्तु और आर्थिक संपन्नता से सीधे तौर पर जुड़े होते हैं। विशेष रूप से जिन परिवारों में सिलाई, कढ़ाई, बुटीक संचालन या किसी छोटे कुटीर उद्योग से घर का चूल्हा जलता है, उनके लिए सिलाई मशीन साक्षात अन्नपूर्णा और लक्ष्मी का रूप होती है। विश्वकर्मा पूजा के दिन सिलाई मशीन में तेल डालकर, उसकी सुई और धागों को सुव्यवस्थित करके उसे साफ कपड़े से पोछें। मशीन के मुख्य पहिए और बेस पर सिंदूर का टीका लगाएं और उस पर रक्षासूत्र (मौली) बांधें। इसी प्रकार घर की वॉशिंग मशीन और इन्वर्टर जैसी बड़ी मशीनों को भी गंगाजल मिश्रित जल से शुद्ध करके धूप दिखाएं। जिस उपकरण से परिवार की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आय जुड़ी होती है, उसे इस दिन सम्मान देने से कार्यक्षेत्र में आ रही मंदी दूर होती है और व्यापार में अप्रत्याशित वृद्धि के द्वार खुलते हैं।

रसोईघर किसी भी घर का सबसे पवित्र और ऊर्जावान केंद्र होता है, जहां बनने वाले अन्न से पूरे परिवार की सेहत और मानसिक शांति तय होती है। आधुनिक रसोई में मिक्सर-ग्राइंडर, माइक्रोवेव ओवन, इंडक्शन कुकटॉप, चिमनी, फ्रिज और गैस बर्नर जैसे इलेक्ट्रॉनिक साधन समय और श्रम दोनों की बचत करते हैं। विश्वकर्मा पूजा के दिन इन उपकरणों की गहरी सफाई करनी चाहिए। रसोई के इन आधुनिक यंत्रों पर कुमकुम का तिलक लगाकर अगरबत्ती दिखाएं। इस दिन परिवार के सदस्यों को यह दृढ़ संकल्प लेना चाहिए कि वे अपने घर के सभी यांत्रिक और बिजली उपकरणों का इस्तेमाल पूरी सावधानी, संयम और अनुशासन के साथ करेंगे। मशीनों को व्यर्थ में चालू छोड़कर बिजली या ऊर्जा की बर्बादी न करना ही भगवान विश्वकर्मा के प्रति सच्ची निष्ठा है। जो जातक श्रद्धापूर्वक इन घरेलू उपकरणों का पूजन करते हैं, उनके घर में कभी तकनीकी खराबी का अनावश्यक आर्थिक बोझ नहीं पड़ता और साल भर सुख-समृद्धि बनी रहती है।