विनोद कश्यप हत्याकांड: बैरागीवाला में 25 से ज्यादा मुस्लिम परिवारों ने छोड़ा घर, इलाके में सन्नाटा

विकासनगर के सहसपुर के बैरागीवाला में बीजेपी नेता विनोद कश्यप की हत्या के बाद पूरे इलाके में सांप्रदायिक तनाव है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बैरागीवाला में 25 से ज्यादा मुस्लिम परिवारों ने रातों रात अपना घर छोड़ अपने रिश्तेदारों के घर चले गए हैं। हत्या और हत्या के बाद हुए हंगामे, आगजनी और तोड़फोड़ की घटना के बाद से हालात ये हैं कि अब इस इलाके कि गलियों में बस सन्नाटा पसरा हुआ है।

बैरागीवाला में 25 से ज्यादा मुस्लिम परिवारों ने छोड़ा अपना घर

विकासनगर के बैरागीवाला में बीजेपी नेता विनोद कश्यप हत्या के बाद पूरे इलाके में ऐसा बवाल हुआ जिसने बैरागीवाला की पूरी तस्वीर ही बदलकर रख दी। खेत में पानी लगाने को लेकर हुई विनोद कुमार की हत्या के बाद बैरागीवाला में सांप्रदायिक ताना बाना झुलस गया। आरोपियों के घरों में आगजनी हुई। प्रशासन की ओर से आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाया गया। पुरानी रंजिश ने विनोद कश्यप की जान ले ली और इसी मौत से उपजी नफरत ने पूरे इलाके का सुख चैन छीन लिया।

इस वजह से थी विनोद कश्यप से रंजिश

बताया जा रहा है कि विनोद की हत्या के मुख्य आरोपी मासूम अली के परिवार के कई लोगों ने बैरागीवाला की सरकारी जमीनों पर कब्जा किया था। जिसकी शिकायत विनोद कश्यप ने पुलिस से लेकर स्थानीय प्रशासन से भी की थी। विवाद के एक वजह ये भी थी। जिस वजह से विनोद कश्यप की हत्या कर दी गई। बीजेपी नेता विनोद कश्यप की हत्या के बाद लोगों के अंदर इतना गुस्सा भर गया कि बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद जैसे कई संगठनों के साथ ही स्थानीय लोग भी सड़कों पर उतर आए।

हिंदूवादी संगठनों ने आरोपियों के घरों को किया आग के हवाले

प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि आरोपियों के घरों पर कार्रवाई होनी चाहिए। जब प्रशासन ने हिंदूवादी नेताओं की बात अनसुनी की तो नाराज हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओ ने खुद ही दो आरोपियों के घरों में आग लगा दी। जिसके बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई और सांप्रदायिक तनाव ऐसा फैला कि मुस्लिम परिवार रात के अंधेरे में ही अपने घरों पर ताले लगाकर अपने रिश्तेदारों के घर चले गए। डर का आलम ये था कि कुछ परिवार तो जल्दबाज़ी में घर का दरवाजा तक खुला छोड़ गए।

हिंदूवादी संगठनों के निशाने पर BJP विधायक मुन्ना सिंह चौहान

विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने मामला शांत कराने के लिए बयान दिया कि जो भी कार्रवाई हो कानून के दायरे में हो और कानून सख्त से सख्त एक्शन ले। लेकिन कानून के दायरे से बाहर कुछ भी नहीं किया जाए। उनके इस बयान के बाद वो भी इन हिंदूवादी संगठनों के निशाने पर आ गए।