Wednesday , August 12 2026

लैंडिंग से ठीक पहले इंडिगो विमान का इंजन फेल, चेन्नई एयरपोर्ट पर फुल इमरजेंसी के बीच 224 यात्रियों की हुई सुरक्षित लैंडिंग

चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उस समय अफरा-तफरी और खौफ का माहौल बन गया जब उतरने (Landing) से महज कुछ मिनट पहले इंडिगो एयरलाइंस के एक वाणिज्यिक विमान का इंजन अचानक ठप पड़ गया। हवा में ही इंजन फेल होने की सूचना जैसे ही कॉकपिट क्रू को मिली, विमान में सवार 224 यात्रियों और क्रू मेंबर्स की सांसें अटक गईं। हालांकि, पायलटों की त्वरित बुद्धिमत्ता, पेशेवर अनुभव और चेन्नई एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के त्वरित तालमेल के बदौलत विमान को सुरक्षित रूप से रनवे पर उतार लिया गया। विमान के सुरक्षित उतरते ही यात्रियों और हवाई अड्डा प्रशासन ने राहत की सांस ली। घटना के तुरंत बाद डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।

चेन्नई एयरपोर्ट पर फुल इमरजेंसी: पायलट की सूझबूझ से बची 224 यात्रियों की जान

मिली जानकारी के मुताबिक, इंडिगो की यह नियमित उड़ान अपने निर्धारित गंतव्य चेन्नई हवाई अड्डे की ओर बढ़ रही थी और लैंडिंग की शुरुआती प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी। विमान जमीन से कुछ ही हजार फीट की ऊंचाई पर था और रनवे से महज कुछ किलोमीटर दूर था, तभी कॉकपिट में लगे सेंसर ने एक इंजन के अचानक बंद (Engine Shutting Down/Failure) होने का चेतावनी संकेत दिया। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए कैप्टन और फर्स्ट ऑफिसर ने बिना समय गंवाए तुरंत चेन्नई एटीसी से संपर्क किया और ‘मेडे’ (Mayday) कॉल या इमरजेंसी लैंडिंग की अनुमति मांगी।

एटीसी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चेन्नई एयरपोर्ट पर ‘फुल इमरजेंसी’ (Full Emergency) की घोषणा कर दी। रनवे को अन्य सभी उड़ानों के लिए तुरंत खाली करा लिया गया और दमकल की गाड़ियों, त्वरित प्रतिक्रिया टीमों (QRT), एम्बुलेंस और मेडिकल टीमों को रनवे के किनारे तैनात कर दिया गया। एयरबस श्रेणी के इस विमान को केवल एक ही काम कर रहे इंजन (Single-Engine Landing) के सहारे रनवे पर बेहद कुशलतापूर्वक उतारा गया। लैंडिंग के वक्त विमान में जरा भी असंतुलन नहीं हुआ और वह सुरक्षित रूप से रुक गया, जिसके बाद सभी यात्रियों को आपातकालीन द्वारों और सीढ़ियों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया।

हवा में कैसे बंद हुआ इंडिगो विमान का इंजन? जानिए तकनीकी खराबी की पूरी कहानी

विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, आधुनिक दोहरे इंजन वाले जेट विमानों (Twin-Engine Aircraft) को इस तरह से डिजाइन किया जाता है कि यदि उड़ान के दौरान या लैंडिंग के समय एक इंजन पूरी तरह काम करना बंद भी कर दे, तब भी विमान केवल एक इंजन के बल पर सुरक्षित रूप से उड़ सकता है और लैंड कर सकता है। हालांकि, लैंडिंग के क्रिटिकल फेज (Approach Phase) के दौरान जब विमान की गति कम होती है और ऊंचाई भी कम होती है, तब इंजन का फेल होना बेहद जोखिम भरा माना जाता है।

प्रारंभिक तकनीकी आकलनों के अनुसार, यह समस्या इंजन में अचानक तेल के दबाव (Oil Pressure) में आई गिरावट, फ्यूल सप्लाई में गड़बड़ी या किसी आंतरिक यांत्रिक खराबी (Mechanical Failure) के कारण हो सकती है। इंडिगो एयरलाइंस के इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने विमान को एप्रन (Apron) में ले जाकर गहन जांच शुरू कर दी है। विमान के ब्लैक बॉक्स यानी कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) को सुरक्षित निकाल लिया गया है ताकि घटना के समय विमान के मापदंडों और पायलटों की एटीसी से हुई बातचीत का सही विश्लेषण किया जा सके।

आपातकालीन लैंडिंग के दौरान कैसा था विमान के अंदर का माहौल? यात्रियों ने बयां किया खौफनाक मंजर

सुरक्षित बाहर निकलने के बाद विमान में सवार यात्रियों ने हवा में बीते उन कुछ मिनटों के खौफनाक अनुभव को साझा किया। यात्रियों के अनुसार, जब विमान लैंडिंग के लिए नीचे आ रहा था, तभी अचानक एक जोर का झटका लगा और विमान के एक तरफ से अजीब सी आवाज आने लगी। इसके तुरंत बाद केबिन की लाइटें कुछ सेकंड के लिए डिम हो गईं और एयर-कंडीशनिंग का दबाव बदल गया।

हालांकि, क्रू मेंबर्स ने बेहद धैर्य का परिचय दिया और यात्रियों को शांत रहने तथा अपनी-अपनी सीट बेल्ट कसकर बांधे रखने के निर्देश दिए। एक यात्री ने बताया, “हमें लगा कि कुछ सामान्य टर्बुलेंस (Turbulence) है, लेकिन जब केबिन क्रू ने इमरजेंसी लैंडिंग की घोषणा की और खिड़की से बाहर देखा कि नीचे फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तैयार खड़ी हैं, तो सब सहम गए। कई लोग प्रार्थना करने लगे थे। लेकिन जैसे ही पहियों ने रनवे को छुआ और विमान सुरक्षित रुका, पूरा केबिन तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। हम पायलट और क्रू के बेहद आभारी हैं जिन्होंने हमारी जान बचाई।”

डीजीसीए (DGCA) ने दिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश, बेड़े की सुरक्षा पर उठे सवाल

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने इस गंभीर घटना का संज्ञान लेते हुए एक स्वतंत्र जांच समिति का गठन किया है। डीजीसीए के अधिकारियों ने बताया कि इंडिगो के इस विशिष्ट विमान को फिलहाल परिचालन से बाहर (Grounded) कर दिया गया है और जब तक इसकी पूर्ण सुरक्षा समीक्षा और इंजन की मरम्मत नहीं हो जाती, तब तक इसे उड़ान भरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

नागरिक उड्डयन सुरक्षा के लिहाज से यह घटना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल के महीनों में भारतीय एयरलाइंस के विमानों में मिड-एयर तकनीकी गड़बड़ियों (Mid-Air Technical Snags) के मामलों में इजाफा देखा गया है। डीजीसीए यह भी जांच कर रहा है कि क्या विमान का नियमित रखरखाव (Preventive Maintenance) तय मानकों के अनुरूप हुआ था या नहीं। इसके अलावा, एयरलाइन कंपनी से इस बेड़े के अन्य विमानों की भी सुरक्षा जांच रिपोर्ट मांगी गई है।

इंडिगो एयरलाइंस का आधिकारिक बयान और यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था

घटना के बाद इंडिगो एयरलाइंस की ओर से एक आधिकारिक बयान जारी किया गया। प्रवक्ता ने कहा, “चेन्नई जाने वाली हमारी उड़ान में लैंडिंग के करीब आते समय एक तकनीकी खराबी का अनुभव हुआ। हमारे पायलटों ने निर्धारित मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOPs) का पालन करते हुए एटीसी को सतर्क किया और चेन्नई में सुरक्षित लैंडिंग कराई। यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। घटना के कारण यात्रियों को हुई असुविधा के लिए हमें खेद है।”

कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन यात्रियों की आगे की कनेक्टिंग फ्लाइट्स थीं, उनके लिए वैकल्पिक उड़ानों की व्यवस्था की गई है और जिन यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचना था, उनके सामान को सुरक्षित हैंडओवर कर दिया गया है। फिलहाल चेन्नई एयरपोर्ट पर उड़ानों का परिचालन पूरी तरह सामान्य हो गया है।