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लश्कर के खूंखार आतंकी आबिद के घर लहराया तिरंगा, माता-पिता ने खुद हाथों में थामकर दिया देश के नाम बड़ा संदेश

भारत आज अपनी आजादी के 80वें वर्ष पूरे होने का जश्न पूरे हर्षोल्लास के साथ मना रहा है। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक हर तरफ तिरंगे की शान दिखाई दे रही है। इसी बीच, जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। यहां प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैएबा के खूंखार कमांडर आबिद रमजान शेख के माता-पिता ने अपने पुश्तैनी घर पर शान से राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया है। सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, आबिद इस समय पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) से बैठकर घाटी में आतंकी गतिविधियों का संचालन करता है और उसका नाम देश के सबसे वांछित (Most Wanted) आतंकवादियों की सूची में शामिल है।

घाटी में आतंक फैलाने वाले कमांडर के घर गूंजा राष्ट्रप्रेम

सुरक्षा बलों से मिली जानकारी के मुताबिक, आबिद रमजान शेख घाटी में सक्रिय रहकर लगातार आतंकवादी साजिशों को अंजाम देता रहा है। उसका नाम विशेष रूप से उन कायराना हमलों से जुड़ा है जो जम्मू-कश्मीर में बाहरी राज्यों से आए नागरिकों को निशाना बनाकर किए गए थे। सुरक्षा एजेंसियां उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। ऐसे में, एक खूंखार आतंकी के पारिवारिक सदस्यों द्वारा अपने घर पर तिरंगा फहराना और इस राष्ट्रीय पर्व के जश्न में शामिल होना सुरक्षा और राजनीतिक गलियारों में खासी चर्चा का विषय बन गया है। इस दौरान आबिद के माता-पिता दोनों ही इस ध्वजारोहण कार्यक्रम में शामिल नजर आए, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्ट्स में तेजी से वायरल हो रही हैं।

पहले भी आ चुके हैं ऐसे मामले सामने

यह कोई पहला मौका नहीं है जब जम्मू-कश्मीर में किसी आतंकवादी के घर पर तिरंगा फहराया गया हो। इससे पहले सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए कुख्यात हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर बुरहान वानी के पिता ने भी वर्ष 2021 में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया था। बुरहान वानी को आतंकी संगठनों ने एक समय अपना पोस्टर बॉय बना रखा था, लेकिन उसके सरकारी शिक्षक पिता ने इन तमाम चर्चाओं से परे देश के पर्व पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर अपनी देशभक्ति और राष्ट्र के प्रति सम्मान का परिचय दिया था। इस तरह की घटनाएं यह दर्शाती हैं कि आम कश्मीरी अवाम अब मुख्यधारा से जुड़ने और देश के राष्ट्रीय पर्वों में पूरे उत्साह के साथ भाग लेने लगी है।

जम्मू-कश्मीर में धूमधाम से मनाया गया स्वतंत्रता दिवस

शोपियां की इस घटना के अलावा पूरे जम्मू-कश्मीर केंद्रशासित प्रदेश में स्वतंत्रता दिवस का यह राष्ट्रीय पर्व अत्यंत हर्षोल्लास और भव्य तरीके से मनाया गया। इस पावन अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपने आधिकारिक स्वतंत्रता दिवस संबोधन के दौरान कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा और अन्य प्रमुख संवैधानिक गारंटियों को बहाल कराने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है, जिन्हें अगस्त 2019 में वापस ले लिया गया था। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में रह रहे लोगों पर हो रहे जुल्म और अत्याचारों का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जब हम सीमा पार के वर्तमान हालात और वहां के लोगों की स्थिति को देखते हैं, तो यह पूरी तरह स्पष्ट हो जाता है कि हमारे पूर्वजों ने भारत के साथ रहने का जो ऐतिहासिक फैसला लिया था, वह बिल्कुल सही और दूरदर्शी था।

एलजी मनोज सिन्हा ने फहराया लोक भवन में राष्ट्रीय ध्वज

इस स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोहों के क्रम में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को श्रीनगर स्थित लोक भवन में बड़े शान के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अवसर पर अपने संबोधन में उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि राज्य के सभी नागरिकों को मिलकर एक ऐसा समावेशी और सशक्त समाज बनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए जो सर्वहित और जनहित को सर्वोपरि प्राथमिकता दे तथा समाज के वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों के प्रति सच्ची सहानुभूति रखे।