
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सेहतमंद रहना किसी चुनौती से कम नहीं है। जिम जाने का वक्त न हो और महंगे सप्लीमेंट्स पर पैसे खर्च नहीं करने हों, तो हेल्थ एक्सपर्ट्स अब एक बेहद अनोखा और असरदार तरीका अपनाने की सलाह दे रहे हैं। सुबह उठकर टूथब्रश करना हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का एक सामान्य हिस्सा है, लेकिन अगर आप इसी 2 मिनट की एक्टिविटी में एक छोटा सा बदलाव कर लें, तो यह आपकी पूरी सेहत को सुधार सकता है। डॉक्टरों और फिटनेस गुरुओं के अनुसार, रोजाना सुबह एक पैर पर खड़े होकर ब्रश करने से शरीर को ऐसे गजब के फायदे मिलते हैं, जिनकी कल्पना भी सामान्य तौर पर नहीं की जा सकती।
दिमाग और शरीर का संतुलन होगा मजबूत, न्यूरोलॉजिकल हेल्थ के लिए है वरदान
जब आप सुबह उठकर अपने एक पैर को जमीन से ऊपर उठाते हैं और दूसरे पैर पर पूरे शरीर का संतुलन बनाकर ब्रश करते हैं, तो आपका दिमाग तुरंत एक्टिव मोड में आ जाता है। न्यूरोलॉजिस्ट्स के मुताबिक, यह साधारण सी दिखने वाली एक्टिविटी असल में एक बेहतरीन ‘ब्रेन एक्सरसाइज’ है। एक पैर पर टिकने के लिए हमारे मस्तिष्क को मांसपेशियों के साथ गहरा तालमेल बिठाना पड़ता है। इससे एकाग्रता (Focus) बढ़ती है, मानसिक सतर्कता आती है और बढ़ती उम्र के साथ होने वाली अल्जाइमर या भूलने की बीमारी का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।
रीढ़ की हड्डी और कोर मसल्स होंगी फौलादी, उठने-बैठने का पॉश्चर सुधरेगा
घंटों ऑफिस में कुर्सी पर बैठे रहने या गलत तरीके से लेटने की वजह से आजकल ज्यादातर लोग कमर दर्द और खराब बॉडी पॉश्चर (Body Posture) से परेशान हैं। एक पैर पर खड़े होकर ब्रश करने की यह 2 मिनट की आदत आपकी कोर मसल्स (पेट और पीठ के निचले हिस्से की मांसपेशियां) को एक्टिवेट करती है। संतुलन बनाए रखने के चक्कर में रीढ़ की हड्डी पर जोर पड़ता है, जिससे वह बिल्कुल सीधी और मजबूत होती है। कुछ ही दिनों में आप महसूस करेंगे कि आपका झुककर चलने या बैठने का पुराना तरीका अपने आप सुधरने लगा है और पीठ के पुराने दर्द से राहत मिल रही है।
जोड़ों और टखनों को मिलती है मजबूती, बुढ़ापे में गिरने का डर होगा खत्म
अक्सर देखा जाता है कि उम्र बढ़ने के साथ ही शरीर के जोड़ों और टखनों (Ankles) की ताकत कम होने लगती है, जिससे अचानक संतुलन बिगड़ने और गिरने का खतरा बढ़ जाता है। रोजाना सुबह एक-एक मिनट के लिए दोनों पैरों पर बारी-बारी से खड़े होकर ब्रश करने से पैर के निचले हिस्से की हड्डियों और जोड़ों की डेंसिटी बेहतर होती है। यह एक्टिविटी आपके टखनों को इतनी मजबूती दे देती है कि बुढ़ापे में भी आपका शरीर पूरी तरह स्टेबल और बैलेंस्ड रहता है। तो देर किस बात की, कल सुबह से ही सेहत से जुड़े इस जादुई और बिना खर्च वाले 2 मिनट के फॉर्मूले को अपनी रूटीन का हिस्सा जरूर बनाएं।
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