
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा प्रधानमंत्री आवास के घेराव और सड़क पर धरने के बाद देश का राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। कांग्रेस के इस आक्रामक कदम पर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए जोरदार पलटवार किया है। सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्रियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी के इस कदम को पूरी तरह से ‘राजनीतिक ड्रामा’ और ‘सस्ता पब्लिसिटी स्टंट’ करार दिया है। सत्तापक्ष का कहना है कि जब संसद का सत्र चल रहा है और सरकार हर विषय पर नियम-कानून के तहत चर्चा कराने के लिए पूरी तरह तैयार है, तब इस तरह सड़कों पर धरना देना केवल सुर्खियां बटोरने की सोची-समझी साजिश है।
‘सड़क पर लेटना राहुल गांधी का पुराना नाटक, देश से तुरंत मांगे माफी’
बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों ने राहुल गांधी के सड़क पर लेटने और विरोध दर्ज कराने की शैली पर तंज कसते हुए कहा कि यह उनकी पुरानी आदत है। सरकार के प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया कि जब-जब देश में महत्वपूर्ण या संवेदनशील मुद्दों पर गंभीरता से समाधान निकालने की बात आती है, तब-तब कांग्रेस और राहुल गांधी अनर्गल ड्रामा करके मुख्य विषय को भटकाने की कोशिश करते हैं। केंद्रीय मंत्रियों ने मांग की कि संसद की मर्यादा को तार-तार करने और सुरक्षा बलों के काम में बाधा डालने के लिए राहुल गांधी को तुरंत देश की जनता और अभ्यर्थियों से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।
‘संसद में चर्चा से भाग रहा है विपक्ष, केवल हंगामा खड़ा करना ही एकमात्र मकसद’
सरकार ने विपक्ष के उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें यह कहा जा रहा था कि सरकार सदन में संवेदनशील मुद्दों पर बहस कराने से बच रही है। केंद्रीय मंत्रियों ने कहा कि संसद संवाद और चर्चा का सर्वोच्च मंच है, न कि राजनीतिक नौटंकी करने की जगह। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास रचनात्मक सुझाव देने के लिए कुछ नहीं है, इसलिए वे लगातार प्रक्रियात्मक नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। सरकार का दावा है कि केंद्रीय एजेंसियों और संबंधित मंत्रालयों द्वारा पूरे मामले की पारदर्शी जांच की जा रही है, लेकिन कांग्रेस सिर्फ भ्रम और अराजकता का माहौल बनाना चाहती है।
सड़क से संसद तक बढ़ा सियासी घमासान, सुरक्षा व्यवस्था और सख्त
पीएम आवास के बाहर हुए इस प्रदर्शन और उसके बाद सरकार के तीखे हमले से यह साफ हो गया है कि आने वाले दिनों में संसद के दोनों सदनों में गतिरोध और ज्यादा गहराने वाला है। एक तरफ जहां कांग्रेस और सहयोगी दल अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकार भी ईंट का जवाब पत्थर से देने के मूड में है। राजधानी दिल्ली में पीएम आवास, संसद भवन और महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों के आसपास सुरक्षा घेरा और ज्यादा कड़ा कर दिया गया है ताकि किसी भी अनधिकृत विरोध प्रदर्शन या शांति भंग की स्थिति से निपटा जा सके।
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