रामपुर में सपा का शक्ति प्रदर्शन: आजम खान के समर्थन और जौहर यूनिवर्सिटी बचाने पहुंचे बड़े नेता

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर रामपुर केंद्र बिंदु बन गया है। पूर्व मंत्री और समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता मोहम्मद आजम खान द्वारा स्थापित ‘मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी’ (Mohammad Ali Jauhar University) पर प्रशासन की ओर से की जा रही संभावित ध्वस्तीकरण (बुलडोजर) कार्रवाई के विरोध में समाजवादी पार्टी पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर पार्टी का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल रामपुर पहुंचा है, ताकि जमीन पर जाकर पूरी स्थिति का जायजा लिया जा सके और आजम खान व यूनिवर्सिटी प्रशासन के पक्ष में बड़ा सियासी संदेश दिया जा सके। आइए एक ग्राउंड रिपोर्टर के नजरिए से समझते हैं कि रामपुर में अचानक तनाव और हलचल क्यों बढ़ गई है।

40 में से 38-30 भवनों को ‘अवैध’ बताकर 15 दिन का थमाया नोटिस

रामपुर प्रशासन और राजस्व विभाग ने जौहर यूनिवर्सिटी परिसर में बने 40 प्रमुख भवनों में से 30 से अधिक इमारतों को बिना वैध नक्शे और नियमों के विपरीत निर्मित बताते हुए 15 दिनों के भीतर खाली करने या गिराने का कड़ा नोटिस थमाया है।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह भूमि सरकारी या शत्रु संपत्ति के दायरे में आती है और कोर्ट के पिछले आदेशों के अनुपालन में यह कार्रवाई की जा रही है। वहीं, दूसरी ओर जौहर यूनिवर्सिटी प्रशासन और आजम खान समर्थकों का आरोप है कि शिक्षा के इस बड़े केंद्र को राजनीतिक विद्वेष के तहत मटियामेट करने की योजना बनाई जा रही है।

सपा प्रतिनिधिमंडल का रामपुर दौरा और राजनीतिक लामबंदी

आजम खान और उनके परिवार के समर्थन में पहुंचे सपा प्रतिनिधिमंडल में विधायक, पूर्व सांसद और जिले के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हैं।

  • जमीनी निरीक्षण: प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय परिसर का दौरा कर उन इमारतों की समीक्षा की, जिन पर बुलडोजर चलने का खतरा मंडरा रहा है।

  • रणनीतिक बैठक: नेताओं ने स्थानीय पदाधिकारियों और समर्थकों के साथ बैठक कर कानूनी और राजनीतिक लड़ाई एक साथ लड़ने की रणनीति बनाई है।

  • सरकार पर हमला: सपा नेताओं का कहना है कि जहां एक तरफ गरीब और पिछड़े वर्ग के युवाओं को पढ़ाने के लिए इतना बड़ा संस्थान खड़ा किया गया, वहीं दूसरी तरफ सरकार इसे प्रशासनिक नोटिस के जरिए बर्बाद करना चाहती है।

रामपुर में सुरक्षा कड़ी, आगे क्या होगा?

सपा नेताओं के रामपुर आगमन और जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर कार्रवाई के अलर्ट को देखते हुए पूरे जिले में पुलिस और पीएसी (PAC) की अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात कर दी गई हैं। प्रशासन किसी भी तरह के विरोध या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट पर है।

अब देखना यह होगा कि 15 दिनों की समय-सीमा पूरी होने के बाद क्या विश्वविद्यालय प्रशासन को कोर्ट से कोई स्टे (रोक) मिलता है या फिर रामपुर में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक एक्शन देखने को मिलता है।