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रसोई गैस बुकिंग का नया नियम: 1 अक्टूबर से बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन अनिवार्य, बिना ई-केवाईसी नहीं मिलेगी सब्सिडी

देशभर के करोड़ों घरेलू रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और तेल विपणन कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। 1 अक्टूबर से घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग और सरकारी सब्सिडी के नियमों में बदलाव प्रभावी होने जा रहा है। नए नियमों के तहत अब केवल उन्हीं उपभोक्ताओं को नियमित खुदरा विक्रय मूल्य (RSP) और लागू सब्सिडी के साथ 14.2 किलोग्राम का सिलेंडर बुक करने की अनुमति होगी, जिन्होंने अपनी बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन (BAA / e-KYC) प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली है।

सरकार का स्पष्ट कहना है कि इस कदम का उद्देश्य किसी भी वास्तविक लाभार्थी का गैस कनेक्शन काटना नहीं है, बल्कि सरकारी खजाने से दी जाने वाली सब्सिडी का लाभ सही और पात्र परिवारों तक सीधे पहुंचाना है।

पेट्रोलियम मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 19 सितंबर तक देश भर के लगभग 27.43 करोड़ सक्रिय घरेलू एलपीजी उपभोक्ता (करीब 89.9 प्रतिशत) पहले ही अपना बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण पूरा करा चुके हैं।

  • जिन्होंने ऑथेंटिकेशन करा लिया है: उन उपभोक्ताओं को कुछ भी नया करने की जरूरत नहीं है। वे पहले की तरह सामान्य रूप से सब्सिडी वाले सिलेंडर की बुकिंग जारी रख सकेंगे।

  • जिन्होंने ऑथेंटिकेशन नहीं कराया है: 1 अक्टूबर के बाद ऐसे उपभोक्ता रियायती दर पर सब्सिडी वाला 14.2 किलो का सिलेंडर तब तक बुक नहीं कर पाएंगे जब तक कि वे अपनी ई-केवाईसी पूरी नहीं कर लेते। प्रमाणीकरण पूरा होते ही उनकी सब्सिडी युक्त बुकिंग फिर से तुरंत शुरू हो जाएगी।

  • जो ऑथेंटिकेशन नहीं कराना चाहते: यदि कोई उपभोक्ता बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण नहीं कराना चाहता, तो उसे तेल कंपनियों के डिजिटल पोर्टल, ऐप या आईवीआरएस पर जाकर यह विकल्प दर्ज करना होगा। ऐसे ग्राहकों को बिना सब्सिडी के बाजार दर (मार्केट प्राइस) पर 5 किलोग्राम या 10 किलोग्राम वाले सिलेंडर की आपूर्ति की जाएगी।

घरेलू एलपीजी सिलेंडरों पर सरकार और तेल विपणन कंपनियों द्वारा भारी सब्सिडी वहन की जाती है। सितंबर में 14.2 किलोग्राम के घरेलू सिलेंडर पर अंतर्निहित सब्सिडी करीब ₹210 प्रति सिलेंडर रही है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों की घरेलू एलपीजी पर संचित अंडर-रिकवरी अगस्त के अंत तक ₹62,000 करोड़ से अधिक पहुंच चुकी है।

ऐसी स्थिति में सब्सिडी के दुरुपयोग को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है:

  1. फर्जी व डुप्लीकेट कनेक्शनों की समाप्ति: एक ही नाम या पते पर चल रहे अवैध और दोहरे गैस कनेक्शनों को व्यवस्था से बाहर करना।

  2. व्यावसायिक दुरुपयोग पर रोक: घरेलू उपयोग के लिए मिलने वाले सस्ते और सब्सिडी युक्त सिलेंडरों को होटलों, ढाबों और उद्योगों में अवैध रूप से डायवर्ट होने से बचाना।

  3. लक्षित सब्सिडी वितरण: प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और मध्यमवर्गीय वैध परिवारों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) को शत-प्रतिशत पारदर्शी बनाना।

उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए तेल कंपनियों ने सत्यापन की प्रक्रिया को बेहद सरल और बहुआयामी बनाया है, जिसे निम्नलिखित तरीकों से पूरा किया जा सकता है:

1. मोबाइल ऐप के जरिए खुद घर बैठे (Self e-KYC):

  • सबसे पहले गूगल प्ले स्टोर से UIDAI का आधिकारिक ‘AadhaarFaceRd’ ऐप डाउनलोड करें।

  • इसके बाद अपनी संबंधित गैस कंपनी का आधिकारिक ऐप डाउनलोड करें:

    • इंडेन (Indane) उपभोक्ता: IndianOil ONE

    • भारत गैस (Bharatgas) उपभोक्ता: HelloBPCL

    • एचपी गैस (HP Gas) उपभोक्ता: HP PAY

  • ऐप में अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से लॉगिन करें और प्रोफाइल सेक्शन में जाकर ‘e-KYC’ या ‘Aadhaar Verification’ विकल्प चुनें।

  • मोबाइल कैमरे के सामने अपना चेहरा स्कैन (Face Authentication) करके तुरंत घर बैठे सत्यापन पूरा करें।

2. सिलेंडर डिलीवरी के समय:

जब डिलीवरी बॉय आपके घर पर एलपीजी सिलेंडर देने आए, तो आप उसके पास मौजूद हैंडहेल्ड मोबाइल ऐप के माध्यम से फिंगरप्रिंट या फेस-स्कैनिंग करवाकर मौके पर ही ऑथेंटिकेशन पूरा करा सकते हैं।

3. अपनी नजदीकी गैस एजेंसी (Distributor Showroom) पर जाकर:

उपभोक्ता अपने नजदीकी गैस वितरक के कार्यालय में जाकर बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट स्कैनर या आइरिस स्कैनर के जरिए मात्र 2 मिनट में अपनी ई-केवाईसी पूरी करा सकते हैं।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (गोमती नगर, अलीगंज, इंदिरानगर, चौक), कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, नोएडा और दिल्ली-एनसीआर समेत देश भर के ग्रामीण व शहरी इलाकों में गैस एजेंसियों द्वारा विशेष कैंप लगाए गए हैं। तेल कंपनियों ने अब तक 12 करोड़ से अधिक एसएमएस और व्हाट्सएप संदेश भेजकर ग्राहकों को जागरूक किया है।

यदि आपको सत्यापन कराने या गैस सेवा से संबंधित किसी प्रकार की तकनीकी सहायता की आवश्यकता है, तो उपभोक्ता आधिकारिक राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-2333-555 पर संपर्क कर सकते हैं। 1 अक्टूबर की समयसीमा से पहले सभी छूटे हुए उपभोक्ताओं को अपनी ई-केवाईसी पूरी करने की सलाह दी गई है ताकि उनकी मासिक गैस आपूर्ति और सब्सिडी में कोई व्यवधान न आए।