रविचंद्रन अश्विन ने खोला टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर के असली स्वभाव का बड़ा राज

भारतीय क्रिकेट टीम के ड्रेसिंग रूम का माहौल, खिलाड़ियों और मुख्य कोच के बीच आपसी तालमेल को लेकर हमेशा से ही क्रिकेट प्रेमियों के मन में गहरी उत्सुकता बनी रहती है। जब से भारतीय टीम की कमान रोहित शर्मा और विराट कोहली के बाद नए युग में आगे बढ़ रही है और गौतम गंभीर ने मुख्य कोच की जिम्मेदारी संभाली है, तब से उनके सख्त और आक्रामक अंदाज को लेकर मीडिया में तमाम तरह की चर्चाएं होती रहती हैं। इस बीच, टीम के अनुभवी और दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने गौतम गंभीर के असली स्वभाव और ड्रेसिंग रूम के अंदर के माहौल को लेकर एक ऐसा बड़ा खुलासा किया है, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। अश्विन ने खुलकर बताया है कि कैमरे के सामने गंभीर भले ही गंभीर नजर आते हों, लेकिन असल जिंदगी और पर्दे के पीछे उनका व्यवहार कैसा होता है। इस दिलचस्प खुलासे के बारे में आइए विस्तार से जानते हैं।

कैमरे के सामने दिखने वाले गुस्से से बिल्कुल अलग है गंभीर का असल रूप

अक्सर मैदान पर या मीडिया के कैमरों के सामने गौतम गंभीर के तेवर काफी सख्त और गंभीर दिखाई देते हैं, जिसके चलते कई लोग उन्हें आक्रामक या गुस्सैल स्वभाव का मान लेते हैं। इस पर खुलकर बात करते हुए आर अश्विन ने अपने एक इंटरव्यू में साफ किया कि मीडिया में जो छवि पेश की जाती है, हकीकत उससे काफी अलग है। ड्रेसिंग रूम के भीतर खिलाड़ियों के साथ काम करते समय गंभीर किसी भी तरह का बनावटी ड्रामा या दिखावा पसंद नहीं करते हैं। वह अपने खिलाड़ियों के साथ पूरी तरह से पारदर्शी और ईमानदार रवैया अपनाते हैं। कैमरे के पीछे वे एक बेहद शांत, समझदार और अपने खिलाड़ियों की हर छोटी-बड़ी जरूरत को समझने वाले इंसान हैं, जो हमेशा टीम को आगे रखने के लिए काम करते हैं।

ड्रेसिंग रूम की इनसाइड स्टोरी: खिलाड़ियों को मिलती है पूरी आजादी

अश्विन ने भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम की अंदरूनी कहानी साझा करते हुए बताया कि गौतम गंभीर कभी भी खिलाड़ियों पर अपनी मर्जी थोपने में विश्वास नहीं रखते हैं। हेड कोच के रूप में उनका मुख्य फोकस टीम में अनुशासन और जीत की भूख पैदा करने पर रहता है, लेकिन इसके साथ ही वे हर खिलाड़ी को अपनी स्किल के मुताबिक खुलकर खेलने की पूरी आजादी देते हैं। ड्रेसिंग रूम के अंदर माहौल हमेशा सकारात्मक रहता है जहां युवा और सीनियर खिलाड़ी खुलकर अपनी राय रख सकते हैं। गंभीर मैदान के बाहर अपने खिलाड़ियों के सबसे बड़े ढाल बनकर खड़े रहते हैं और किसी भी मुश्किल वक्त में उनका पूरा साथ निभाते हैं, जो टीम के लिए एक बहुत बड़ा मोटिवेशन साबित होता है।

आक्रामकता के पीछे छिपा है जीत के प्रति अटूट समर्पण

क्रिकेट जगत में गौतम गंभीर की पहचान एक ऐसे खिलाड़ी और कोच के रूप में रही है जो हार बिल्कुल बर्दाश्त नहीं कर सकते और मैदान पर हमेशा अपना 100 प्रतिशत देने में विश्वास रखते हैं। अश्विन का मानना है कि गंभीर की यह आक्रामकता और प्रतिबद्धता किसी दिखावे के लिए नहीं होती, बल्कि यह देश के लिए मैच जीतने के उनके जूनून का हिस्सा है। जब खिलाड़ी यह देखते हैं कि उनका कोच उनके लिए कितनी मेहनत कर रहा है, तो टीम का मनोबल स्वतः ही सातवें आसमान पर पहुंच जाता है। ड्रेसिंग रूम के इस सच्चे और प्रेरणादायक रूप के सामने आने के बाद फैंस के बीच गौतम गंभीर को लेकर सम्मान और अधिक बढ़ गया है।