यूपी में मेडिकल कॉलेजों की संख्या और टॉप सरकारी संस्थान: कम फीस में डॉक्टर बनने का बेहतरीन मौका

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा (Medical Education) के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आए हैं। ‘हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज’ की नीति के तहत राज्य में मेडिकल सीटों और कॉलेजों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में कुल 157 से अधिक मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। चिकित्सा शिक्षा को आम जनता और गरीब छात्रों के लिए सुलभ बनाने के उद्देश्य से सरकार ने सरकारी तंत्र को काफी मजबूत किया है। इन कुल कॉलेजों में से:

यदि आप या आपके परिवार में कोई नीट (NEET) की तैयारी कर रहा है, तो उत्तर प्रदेश के ये 5 टॉप और प्रतिष्ठित सरकारी संस्थान बेहतरीन एकेडमिक एक्सीलेंस, शानदार रिसर्च और बेहद कम फीस के लिए पूरे देश में जाने जाते हैं:

1. किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU), लखनऊ

लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) उत्तर प्रदेश का सबसे पुराना और देश के सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थानों में से एक है।

  • सीटें और फीस: यहाँ एमबीबीएस (MBBS) कोर्स के लिए कुल 250 सीटें उपलब्ध हैं। केजीएमयू में एमबीबीएस की सालाना फीस लगभग 2.5 लाख रुपये है।

  • खूबी: यहाँ का ट्रॉमा सेंटर और प्रैक्टिकल क्लिनिकल ट्रेनिंग पूरे उत्तर भारत में सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है, जहाँ छात्रों को हर तरह के मरीजों के इलाज का व्यावहारिक अनुभव मिलता है।

2. बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU), वाराणसी

काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) का चिकित्सा विज्ञान संस्थान (IMS-BHU) अपनी वैश्विक रैंकिंग, आधुनिक रिसर्च और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए प्रसिद्ध है।

  • सीटें और फीस: बीएचयू में बहुत ही कम खर्च में मेडिकल की पढ़ाई पूरी की जा सकती है। यहाँ एमबीबीएस की सालाना फीस महज 1.5 लाख रुपये के आसपास है।

  • खूबी: केंद्रीय विश्वविद्यालय होने के कारण यहाँ देश भर के टॉप रैंकर्स एडमिशन लेते हैं। यहाँ का शांत और समृद्ध अकादमिक माहौल छात्रों के ऑल-राउंडर विकास में मदद करता है।

3. संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI), लखनऊ

एसजीपीजीआई मुख्य रूप से अपनी सुपर-स्पेशियलिटी चिकित्सा और उच्च स्तरीय शोध (Research) के लिए दुनिया भर में विख्यात है।

  • कोर्सेज: यहाँ छात्र एमबीबीएस (MBBS) के अलावा पोस्ट-ग्रेजुएशन और सुपर-स्पेशियलिटी कोर्सेज जैसे एमडी (MD), एमएस (MS), डीएम (DM) और एमसीएच (MCh) की उच्च स्तरीय पढ़ाई कर सकते हैं।

4. एम्स (AIIMS), गोरखपुर

पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल बॉर्डर से सटे इलाकों के लिए ‘ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज’ (एम्स) गोरखपुर चिकित्सा क्रांति का केंद्र बन चुका है।

  • कोर्सेज और लाभ: देश के शीर्षतम ब्रांड ‘एम्स’ का हिस्सा होने के कारण यहाँ छात्रों को बेहद मामूली और किफायती फीस में पढ़ने का मौका मिलता है। यहाँ एमबीबीएस, बीएससी नर्सिंग, एमडी, एमएस और एमएससी मेडिकल कोर्सेज की बेहतरीन पढ़ाई होती है।

5. अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), अलीगढ़

एएमयू का जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज (JNMC) अपनी बेहतरीन फैकल्टी और अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं (Labs) के लिए मेडिकल एस्पिरेंट्स के बीच काफी लोकप्रिय है।

  • सीटें और फीस: यहाँ एमबीबीएस की कुल 150 सीटें हैं और इस पाठ्यक्रम की सालाना फीस लगभग 2.20 लाख रुपये तक है। यहाँ छात्रों को बेहतरीन प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और रोटेशनल इंटर्नशिप की सुविधा मिलती है।

करियर टिप: इन सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में दाखिला पूरी तरह से नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट यानी NEET (UG/PG) की मेरिट और ऑल इंडिया व स्टेट कोटा काउंसलिंग के आधार पर होता है।