यूपी में एक्सप्रेसवे का बिछेगा महाजाल! योगी सरकार ने ₹47,600 करोड़ के 4 नए एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स को दी मंजूरी, जानिए पूरा रूट और प्लान

‘एक्सप्रेसवे प्रदेश’ के रूप में अपनी पहचान बना चुके उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे और विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए योगी सरकार ने एक और ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई यूपी कैबिनेट की बैठक में राज्य के एक्सप्रेसवे नेटवर्क का विस्तार करने के लिए ₹47,600 करोड़ से अधिक की 4 प्रमुख परियोजनाओं को मंजूरी दे दी गई है। इस बड़े फैसले के तहत राज्य में दो नए स्वतंत्र एक्सप्रेसवे बनाए जाएंगे और साथ ही प्रमुख एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ने वाले दो नए ‘ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे’ का निर्माण किया जाएगा।

जानिए कौन-कौन से हैं ये 4 नए एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स:

  1. विंध्य एक्सप्रेसवे (Vindhya Expressway):

    • अनुमानित लागत: ₹26,315 करोड़

    • लंबाई व रूट: यह 333 किलोमीटर लंबा 6-लेन (8-लेन विस्तारणीय) ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे होगा। यह प्रयागराज (गंगा एक्सप्रेसवे के समाप्त बिंदु जूदापुर दांडू) से शुरू होकर भदोही, मिर्जापुर, सोनभद्र के राबर्ट्सगंज व रेनूकूट होते हुए छत्तीसगढ़ सीमा तक जाएगा।

    • लाभ: धार्मिक और पर्यटन केंद्रों जैसे प्रयागराज और विंध्याचल (मिर्जापुर) के साथ-साथ सोनभद्र के खनिज और औद्योगिक क्षेत्रों को सीधी व तेज कनेक्टिविटी मिलेगी।

  2. विंध्य-पूर्वांचल स्पर लिंक (Vindhya-Purvanchal Spur Link):

    • अनुमानित लागत: ₹9,039 करोड़

    • रूट: गाजीपुर से चुनार (मिर्जापुर) और चंदौली के बीच 117 किलोमीटर लंबा यह स्पर लिंक पूर्वांचल और विंध्य क्षेत्र को आपस में जोड़ेगा।

  3. आगरा-लखनऊ से पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे:

    • अनुमानित लागत: ₹4,775.84 करोड़

    • लंबाई: 50.98 किलोमीटर लंबा 6-लेन ग्रीनफील्ड लिंक मार्ग, जो आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को सीधे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से कनेक्ट करेगा।

  4. आगरा-लखनऊ से गंगा एक्सप्रेसवे लिंक (वाया फर्रुखाबाद):

    • अनुमानित लागत: ₹7,488.74 करोड़

    • लंबाई: 90.84 किलोमीटर लंबा यह 6-लेन लिंक एक्सप्रेसवे फर्रुखाबाद के रास्ते आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा।

एक मजबूत ‘एक्सप्रेसवे ग्रिड’ का होगा निर्माण, 36 महीने में पूरा होगा काम

सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य के अलग-अलग कोनों से आ रहे प्रमुख एक्सप्रेसवे (आगरा-लखनऊ, पूर्वांचल, बुंदेलखंड और गंगा एक्सप्रेसवे) को आपस में जोड़कर एक एकीकृत ‘एक्सप्रेसवे ग्रिड’ (Expressway Grid) तैयार करना है। इससे यात्रा के समय में भारी कमी आएगी, ईंधन की बचत होगी और राज्य में माल ढुलाई (Logistics) बेहद सुगम हो जाएगी। डेवलपर कंपनियों का चयन ईपीसी (EPC) मॉडल पर निविदा प्रक्रिया के जरिए किया जाएगा और काम शुरू होने के बाद 36 महीनों के भीतर निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।