मॉनसून की विदाई के बीच बदला मिजाज: देश भर में आंधी और बारिश का नया अलर्ट

अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े की शुरुआत के साथ ही देश के मौसम में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। जहां एक तरफ उत्तर-पश्चिम भारत से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी की प्रक्रिया चल रही है, वहीं हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने चक्रवाती हवाओं के घेरे (Cyclonic Circulation) ने मिलकर मौसम तंत्र को फिर से सक्रिय कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 के लिए देश के 17 से अधिक राज्यों में तेज आंधी, आकाशीय बिजली चमकने और मूसलाधार से लेकर मध्यम बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम में इस अचानक बदलाव से जहां दिन के उमस भरे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी, वहीं उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में सुबह और शाम की गुलाबी ठंड की दस्तक भी तेज होगी।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और पूरे एनसीआर क्षेत्र (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद) में सोमवार को बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में 12 अक्टूबर को तेज गरज-चमक के साथ छिटपुट बारिश और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। राजधानी में अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है। पंजाब और हरियाणा में भी मौसम का मिजाज काफी बिगड़ा हुआ रहेगा। पंजाब के अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला, गुरदासपुर और चंडीगढ़-मोहाली बेल्ट में आंधी-तूफान के साथ मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। खेतों में धान की कटाई और मंडियों में रखी फसलों को भीगने से बचाने के लिए किसानों को विशेष सावधानी बरतने और कटी फसल को तिरपाल से ढकने की सख्त सलाह दी गई है।

मध्य भारत के प्रमुख राज्य छत्तीसगढ़ में बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के चलते मौसम पूरी तरह करवट ले चुका है। छत्तीसगढ़ के बस्तर, रायपुर, बिलासपुर, सरगुजा और दुर्ग संभाग के कई जिलों में 12 अक्टूबर को आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश और आकाशीय बिजली (लाइटनिंग) गिरने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि खुले मैदानों में काम करने वाले किसान और ग्रामीण खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास बिल्कुल न खड़े हों। वहीं मध्य प्रदेश के पूर्वी और उत्तरी हिस्सों—जैसे रीवा, शहडोल, जबलपुर और ग्वालियर-चंबल संभाग—में भी 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के झोंके चलने और छिटपुट बारिश होने की संभावना है, जबकि भोपाल और इंदौर में आसमान में आंशिक बादल छाए रहने से मौसम सुहावना रहेगा।

उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में निचले वायुमंडल में बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण मौसम में नमी बनी हुई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों—जैसे गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या और राजधानी लखनऊ—में 12 अक्टूबर को बादलों की आवाजाही के साथ गरज-चमक और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। लखनऊ में अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहने के आसार हैं। पश्चिमी यूपी के मेरठ, अलीगढ़ और आगरा में भी हल्की से मध्यम बारिश दर्ज हो सकती है। बिहार की बात करें तो पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और पूर्णिया में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है। झारखंड के रांची, जमशेदपुर और धनबाद में भी 50 किमी प्रति घंटे की आंधी के साथ रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रह सकता है।

उत्तर से दक्षिण भारत तक मौसम के तेवर तल्ख बने हुए हैं। दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी और तटीय कर्नाटक में पूर्वोत्तर मॉनसून के शुरुआती संकेतों और चक्रवाती सिस्टम के असर से भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट बना हुआ है। इन इलाकों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है। उधर, उत्तर के पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के चलते ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और निचले इलाकों में तेज आंधी के साथ बारिश से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। देहरादून और शिमला में पारा तेजी से नीचे लुढ़क रहा है, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों के साथ-साथ मैदानी इलाकों में भी आने वाले दिनों में ठंड का असर तेजी से बढ़ने जा रहा है।