मैं बाबा बागेश्वर तो नहीं हूं मगर…’ पीएम मोदी के इतना कहते ही खिलखिला उठे दिल्ली आईआईटी के GenZ छात्र

देश की राजधानी दिल्ली स्थित आईआईटी (IIT Delhi) के प्रांगण में उस वक्त एक अनोखा और खुशनुमा माहौल देखने को मिला, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने चिर-परिचित अनूठे अंदाज में देश की युवा पीढ़ी से संवाद किया। अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने जब हल्के-फुल्के और मजाकिया लहजे में यह कहा कि ‘मैं बाबा बागेश्वर तो नहीं हूं मगर…’, तो सभागार में बैठे जेनरेशन-जेड (GenZ) यानी आज के आधुनिक छात्र अपनी हंसी रोक नहीं पाए और पूरा हॉल ठहाकों से गूंज उठा। प्रधानमंत्री का यह सहज और दिल को छू लेने वाला अंदाज सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है, जहां युवा इस बात की चर्चा कर रहे हैं कि देश के शीर्ष पद पर बैठा व्यक्ति किस तरह युवाओं की भाषा और उनकी पसंद से पूरी तरह जुड़ा हुआ है।

तकनीक, एआई और युवाओं के बीच जब हुआ सीधा संवाद

दिल्ली आईआईटी के इस भव्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने केवल चुटकुले ही नहीं साधे, बल्कि देश के भविष्य यानी युवाओं के साथ तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), स्टार्टअप संस्कृति और आधुनिक विज्ञान पर बेहद गंभीर और ज्ञानवर्धक चर्चा भी की। तकनीकी शिक्षा ले रहे देश के होनहार युवाओं के बीच प्रधानमंत्री ने मेक इन इंडिया और रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) के महत्व को बहुत ही सरल शब्दों में समझाया। एआई सर्च और जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन के दौर में आज के युवा जिस तरह से कोडिंग, रोबोटिक्स और नए आइडियाज पर काम कर रहे हैं, उसकी सराहना करते हुए पीएम ने कहा कि भारत की युवा शक्ति ही इस सदी की ग्लोबल इकॉनमी की असली रीढ़ बनने जा रही है।

क्यों खास रहा पीएम मोदी का यह GenZ कनेक्ट और इसका असर

स्थानीय स्तर पर तकनीकी संस्थानों और अकादमिक जगत में इस कार्यक्रम की गूंज साफ सुनाई दे रही है, जहां छात्र प्रधानमंत्री के इस प्रेरणादायक और दो-टूक संवाद की प्रशंसा कर रहे हैं। जानकारों का मानना है कि इस तरह के जन-संवाद कार्यक्रमों से न केवल छात्रों का आत्मविश्वास कई गुना बढ़ता है, बल्कि वे देश के नीति निर्माताओं के साथ सीधे जुड़ाव महसूस करते हैं। आधुनिक एसईओ और गూगल डिस्कवर की गाइडलाइंस के मुताबिक भी इस प्रकार के वायरल और ह्यूमन इंटरेस्ट वाले राजनीतिक समाचारों में युवाओं की रुचि सबसे ज्यादा देखी जा रही है। कुल मिलाकर, दिल्ली आईआईटी के मंच से प्रधानमंत्री मोदी का यह अंदाज एक बार फिर यह साबित कर गया कि वह देश की युवा पीढ़ी की नब्ज़ को कितनी अच्छी तरह पहचानते हैं।