
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पिछले कुछ दिनों से जारी मूसलाधार मानसून आफत के बीच सोशल मीडिया पर एक फर्जी सरकारी अधिसूचना तेजी से वायरल हो रही है। इस वायरल फॉरवर्डेड मैसेज में दावा किया जा रहा था कि बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने लगातार खराब मौसम को देखते हुए बुधवार, 8 जुलाई 2026 को शहर के सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है और साथ ही प्राइवेट ऑफिसों के लिए वर्क फ्रॉम होम (WFH) का कड़ा निर्देश जारी किया है। इस मैसेज के फैलते ही कामकाजी लोगों और अभिभावकों के बीच भारी असमंजस की स्थिति पैदा हो गई। हालांकि, बीएमसी ने तुरंत सक्रिय होते हुए अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से एक पोस्ट साझा कर इस पूरी खबर का खंडन किया और साफ किया कि नगर निगम प्रशासन की ओर से ऐसा कोई भी आदेश जारी नहीं किया गया है।
बीएमसी की जनता से अपील: अफवाहों से दूर रहें, किसी भी असमंजस में डायल करें ‘1916’
नागरिक निकाय (Civic Body) ने मुंबईकरों को गुमराह करने वाले और बिना पुष्टि वाले संदेशों पर भरोसा न करने की सख्त हिदायत दी है। बीएमसी ने स्पष्ट किया कि स्कूलों के संचालन और निजी दफ्तरों के कामकाजी तौर-तरीकों को लेकर किया जा रहा दावा पूरी तरह से मनगढ़ंत और झूठा है।
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे इस तरह के संवेदनशील मौसम में केवल आधिकारिक और प्रमाणित स्रोतों पर ही विश्वास करें। किसी भी आपातकालीन स्थिति या मौसम व सार्वजनिक सेवाओं से जुड़ी सही जानकारी के लिए नागरिक बीएमसी की आपदा प्रबंधन टीम द्वारा जारी केंद्रीय हेल्पलाइन नंबर 1916 पर कॉल करके सीधे वस्तुस्थिति का पता लगा सकते हैं।
24 घंटे की भीषण आफत: बाढ़ के पानी में दो नाबालिगों की मौत, शहर भर में सैकड़ों पेड़ गिरे
भले ही मंगलवार सुबह से बारिश की रफ्तार थोड़ी धीमी होने से जलभराव वाले इलाकों और सड़क परिवहन को थोड़ी राहत मिली है, लेकिन पिछले 24 घंटे में हुई विनाशकारी बारिश ने मुंबई में भारी तबाही मचाई है। आपदा नियंत्रण कक्ष के अधिकारियों के मुताबिक, बाढ़ के गहरे पानी की चपेट में आने से दो नाबालिग लड़कों की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, एक अन्य घटना में शहर के एक सार्वजनिक उद्यान में तेज हवाओं के कारण सीमेंट की भारी चादरें गिरने से दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं।
सोमवार को हुई अत्यधिक बारिश का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पूरे मुंबई क्षेत्र में पेड़ और उनकी बड़ी शाखाएं गिरने की रिकॉर्ड 428 घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि अलग-अलग इलाकों में दीवारों और जर्जर मकानों के ढहने के 28 मामले सामने आए हैं।
आईएमडी का नया ऑरेंज अलर्ट: 70 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, मध्य रेलवे ट्रैक बहाली में जुटा
इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई और उसके उपनगरीय इलाकों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ (Orange Alert) जारी रखते हुए चेतावनी दी है कि मानसून का खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले कुछ घंटों में शहर के कुछ हिस्सों में रुक-रुक कर मूसलाधार से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है, जिस दौरान तटीय इलाकों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चल सकती हैं।
दूसरी ओर, परिवहन बुनियादी ढांचे की बात करें तो मुंबई-पुणे रेल मार्ग के भोर घाट खंड में भारी भूस्खलन (Landslide) के कारण तीन लाइनें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थीं। रेलवे के तकनीकी इंजीनियरों और रेस्क्यू टीमों ने दिन-रात काम करके प्रभावित अप-लाइन को यातायात के लिए आंशिक रूप से बहाल कर दिया है, जिससे मुंबई और पुणे के बीच फंसे हजारों दैनिक यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
पालघर और विरार में उतरा पानी: पटरी पर लौटने लगी चर्चगेट लोकल सेवा
सोमवार को मुंबई से सटे पालघर जिले के विरार-वसई और नालासोपारा खंड पूरी तरह समुद्र में तब्दील हो गए थे, जिससे पश्चिमी रेलवे की जीवनरेखा मानी जाने वाली उपनगरीय ट्रेनें पूरी तरह ठप हो गई थीं। हालांकि, मंगलवार तड़के से आसमान साफ होने और बारिश की तीव्रता कम होने के बाद पटरियों पर जमा पानी धीरे-धीरे कम होने लगा।
पश्चिम रेलवे के मुख्य प्रवक्ता ने राहत भरी जानकारी साझा करते हुए बताया कि विरार ट्रैक से पानी हटने के बाद तड़के 3:57 बजे दक्षिण मुंबई के चर्चगेट स्टेशन के लिए पहली डाउन लोकल ट्रेन को सुरक्षित रवाना किया गया। वर्तमान में वेस्टर्न और सेंट्रल दोनों ही लाइनों पर लोकल ट्रेनें अपनी निर्धारित समय सारणी के अनुसार सामान्य रूप से दौड़ रही हैं, लेकिन प्रशासन ने यात्रियों को बदलते मौसम को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है।
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