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मिलेंगे सिर्फ कॉ TRAI New Tariff Rules: सिर्फ कॉलिंग और SMS वाले सस्ते रिचार्ज प्लान्स का रास्ता साफ, फैसले के बाद वोडाफोन-आइडिया के शेयरों में जोरदार उछाल

भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने देश के करोड़ों मोबाइल उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए टेलीकॉम कंपनियों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ट्राई के इस बड़े फैसले के तहत अब रिलायंस जियो (Reliance Jio), भारती एयरटेल (Bharti Airtel) और वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea) जैसी प्रमुख कंपनियों को ऐसे रिचार्ज प्लान्स पेश करने होंगे जिनमें केवल वॉयस कॉलिंग और एसएमएस की सुविधा मिले। अब तक उपभोक्ताओं को कॉलिंग जारी रखने के लिए अनिवार्य रूप से महंगे डेटा पैक्स खरीदने पड़ते थे, जिससे खासकर ग्रामीण इलाकों के यूजर्स, बुजुर्गों और सेकेंडरी सिम रखने वालों की जेब पर भारी बोझ पड़ रहा था। इस घोषणा के सामने आते ही शेयर बाजार में वोडाफोन-आइडिया के शेयरों में हलचल तेज हो गई और कंपनी के स्टॉक में तेज बढ़त देखने को मिली।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में अभी भी लगभग 30 करोड़ से अधिक ऐसे ग्राहक हैं जो केवल फीचर फोन (Feature Phone Users) का इस्तेमाल करते हैं या जिन्हें इंटरनेट डेटा की जरूरत नहीं होती। पिछले कुछ समय में टेलिकॉम ऑपरेटरों द्वारा टैरिफ में की गई बढ़ोतरी के चलते न्यूनतम रिचार्ज की कीमत काफी बढ़ गई थी। ट्राई ने पाया कि लाखों उपभोक्ता ऐसे डेटा बंडल के लिए भुगतान कर रहे थे जिसका वे कभी उपयोग ही नहीं करते। नियामक का यह कदम डिजिटल समावेशन और ग्राहकों के अधिकारों के संरक्षण की दिशा में एक क्रांतिकारी बदलाव माना जा रहा है।

फीचर फोन यूजर्स को राहत और वोडाफोन-आइडिया के शेयरों पर सकारात्मक असर

ट्राई के इस निर्देश का सीधा फायदा उन मोबाइल धारकों को मिलेगा जो सिर्फ कॉलिंग के जरिए अपनों से जुड़े रहना चाहते हैं। नियामक ने स्पष्ट किया है कि टेलीकॉम कंपनियों को अपने टैरिफ पोर्टफोलियो में स्टैंडअलोन वॉयस और एसएमएस वाउचर शामिल करने होंगे, ताकि ग्राहकों को बिना डेटा खरीदे वैलिडिटी बढ़ाने का किफायती विकल्प मिल सके। इससे उन उपभोक्ताओं को सीधी बचत होगी जो हर महीने सिर्फ इनकमिंग और सीमित आउटगोइंग कॉल्स के लिए 200 से 300 रुपये तक खर्च करने को मजबूर थे।

जैसे ही यह खबर दलाल स्ट्रीट पर पहुंची, निवेशकों का रुख वोडाफोन-आइडिया (Vi) की ओर तेजी से मुड़ा। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि Vi के पास फीचर फोन और 2G यूजर्स का एक बड़ा आधार मौजूद है। यदि कंपनी आकर्षक और किफायती वॉयस-ओनली प्लान लेकर आती है, तो उसका यूजर बेस सुरक्षित रहेगा और सिम इनएक्टिव होने की दर (Churn Rate) में भारी गिरावट आ सकती है। इसके चलते बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर Vi के शेयरों में निवेशकों की भारी खरीदारी दर्ज की गई, जिससे शेयर की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला।

ट्राई के नए नियमों के अमल में आने के बाद आने वाले हफ्तों में टेलीकॉम कंपनियां अपने नए वॉयस-ओनली वाउचर की घोषणा करेंगी। इससे बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ने और आम उपभोक्ताओं के मोबाइल खर्च में 30 से 40 प्रतिशत तक की कमी आने की संभावना जताई जा रही है।