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महारत्न PSU का बड़ा धमाका: लगातार 33वें साल शेयरहोल्डर्स पर बरसा पैसा, NTPC ने बांटा ₹8,727 करोड़ का कुल डिविडेंड; जानिए प्रति शेयर कमाई

नई दिल्ली। सरकारी कंपनियों (PSUs) में निवेश करने वाले शेयरधारकों और नियमित पैसिव इनकम चाहने वाले रिटेल निवेशकों के लिए ऊर्जा क्षेत्र की दिग्गज महारत्न कंपनी एनटीपीसी लिमिटेड (NTPC Ltd) ने एक बार फिर शानदार तोहफा दिया है। देश की सबसे बड़ी बिजली उत्पादक कंपनी ने शेयरधारकों को डिविडेंड भुगतान के मामले में लगातार 33वें साल अपना ऐतिहासिक ट्रैक रिकॉर्ड कायम रखा है। कंपनी ने अपने ताजा फाइनल डिविडेंड का भुगतान पूरा कर लिया है, जिसके साथ ही वित्त वर्ष के लिए कंपनी का कुल संचयी डिविडेंड पेआउट बढ़कर ₹8,727 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है।

शेयर बाजार में जब भी सुरक्षित रिटर्न, मजबूत कैश फ्लो और लगातार लाभांश (डिविडेंड) देने वाले शेयरों की बात होती है, तो सीपीएसई (CPSE) बास्केट में महारत्न कंपनियों का नाम सबसे ऊपर आता है। एनटीपीसी ने इस बार भी साबित कर दिया है कि वह न केवल देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में रीढ़ की हड्डी है, बल्कि अपने लाखों छोटे-बड़े शेयरधारकों की जेब भरने में भी सबसे आगे रहती है।

एनटीपीसी के ताजा कॉर्पोरेट फाइलिंग और आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी ने अपने शेयरधारकों को ₹3,393.83 करोड़ के फाइनल डिविडेंड का भुगतान सफलतापूर्वक पूरा कर दिया है। इससे पहले कंपनी चालू वित्त वर्ष के दौरान अंतरिम डिविडेंड की किस्तें भी जारी कर चुकी थी।

कंपनी के कुल डिविडेंड वितरण का विवरण:

वित्तीय पैमाना विवरण / आंकड़े
कंपनी का नाम एनटीपीसी लिमिटेड (NTPC Ltd – महारत्न PSU)
कुल संचयी डिविडेंड (Cumulative FY Payout) ₹8,727 करोड़
ताजा फाइनल डिविडेंड राशि ₹3,393.83 करोड़
कुल डिविडेंड प्रति शेयर ₹9.00 प्रति शेयर
शेयर की फेस वैल्यू ₹10 प्रति शेयर
लगातार डिविडेंड देने का रिकॉर्ड 33 वर्ष (अटूट सिलसिला)

प्रति शेयर कुल ₹9 के लाभांश का अर्थ है कि कंपनी ने अपनी ₹10 की फेस वैल्यू पर 90% का भारी-भरकम डिविडेंड वितरित किया है। इस विशाल डिविडेंड का सबसे बड़ा हिस्सा भारत सरकार के खजाने में गया है, जो कंपनी की बहुलांश प्रमोटर शेयरधारक है। इसके अलावा म्युचुअल फंड्स, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) और लाखों आम खुदरा निवेशकों के बैंक खातों में भी डिविडेंड की सीधी रकम क्रेडिट हुई है।

एनटीपीसी की इस निरंतर लाभांश देने की क्षमता के पीछे उसका मजबूत परिचालन मॉडल और स्थिर राजस्व प्रवाह है। भारत में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर छू रही है, जिसका सीधा फायदा कंपनी के पावर प्लांट्स को मिल रहा है। कंपनी के पास देश भर में कोयला, गैस, हाइड्रो और अब सौर व पवन ऊर्जा (रिन्यूएबल एनर्जी) के विशाल प्रोजेक्ट्स का नेटवर्क है।

कंपनी की लंबी अवधि के बिजली खरीद समझौतों (PPAs) पर आधारित आय संरचना यह सुनिश्चित करती है कि बाजार के उतार-चढ़ाव का कंपनी के कोर कैश फ्लो पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े। इसके साथ ही, दीपम (DIPAM) के दिशानिर्देशों के तहत केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों को अपने शुद्ध लाभ का कम से कम 30% या नेटवर्थ का 5% लाभांश के रूप में वितरित करना अनिवार्य होता है। एनटीपीसी ने इस मानक को पार करते हुए लगातार अपने निवेशकों को आकर्षक डिविडेंड यील्ड प्रदान की है।

एनटीपीसी केवल अपने पारंपरिक थर्मल पावर कारोबार पर निर्भर नहीं है, बल्कि कंपनी ने स्वच्छ ऊर्जा (Green Energy) के क्षेत्र में भी आक्रामक विस्तार योजना बनाई है। एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (NGEL) के जरिए कंपनी वर्ष 2032 तक 60 गीगावाट (GW) रिन्यूएबल ऊर्जा क्षमता हासिल करने के लक्ष्य पर तेजी से काम कर रही है।

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि जो निवेशक शेयर बाजार में कम जोखिम के साथ स्थिर डिविडेंड आय (Dividend Yield) और लंबी अवधि में वेल्थ क्रिएशन की तलाश में रहते हैं, उनके लिए ऐसे महारत्न पीएसयू शेयर लंबे समय से पसंदीदा विकल्प बने हुए हैं। 33 वर्षों का यह निरंतर लाभांश ट्रैक रिकॉर्ड कंपनी की वित्तीय साख, कुशल वित्तीय प्रबंधन और शेयरधारक-हितैषी नीतियों का स्पष्ट प्रमाण है।