
भारतीय शेयर बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच देश की दिग्गज लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों ने मई महीने में अपनी निवेश रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। ICICI Prudential Life Insurance, SBI Life Insurance और HDFC Life Insurance जैसी मार्केट लीडर्स ने बाजार के दिग्गजों और कुछ चुनिंदा मिडकैप शेयरों पर भारी भरोसा जताया है। खुदरा निवेशकों के लिए इन बड़े इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) के पोर्टफोलियो को ट्रैक करना फायदे का सौदा साबित हो सकता है, क्योंकि इससे बाजार के आगामी ट्रेंड और सेक्टर्स के प्रति उनके सकारात्मक रुख का पता चलता है। आइए विस्तार से समझते हैं कि इन तीनों बड़ी कंपनियों ने मई के दौरान किन स्टॉक्स को अपने पोर्टफोलियो में सबसे ज्यादा जगह दी है और कहां से अपनी हिस्सेदारी घटाई है।
ICICI Pru Life ने इन सेक्टर्स में बढ़ाई अपनी हिस्सेदारी
मई महीने के पोर्टफोलियो डेटा के मुताबिक, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस ने मुख्य रूप से बैंकिंग, ऑटोमोबाइल और आईटी सेक्टर के मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों में खरीदारी को प्राथमिकता दी है। कंपनी ने अपने मौजूदा पोर्टफोलियो को रीबैलेंस करते हुए कुछ हाई-ग्रोथ वाले मिडकैप स्टॉक्स पर भी दांव खेला है। जानकारों का मानना है कि कंपनी का यह कदम आने वाले समय में मजबूत रिटर्न हासिल करने के उद्देश्य से उठाया गया है, क्योंकि डोमेस्टिक डिमांड में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है।
SBI Life Insurance के रडार पर रहे ये बड़े स्टॉक्स
देश की सबसे बड़ी प्राइवेट लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों में शुमार एसबीआई लाइफ ने मई में बेहद संतुलित रुख अपनाया है। एसबीआई लाइफ के फंड मैनेजर्स ने डिफेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर और कंजम्पशन से जुड़े शेयरों में अपनी पोजीशन को और मजबूत किया है। इसके साथ ही, कंपनी ने पीएसयू (सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम) बास्केट से कुछ चुनिंदा शेयरों को अपने रडार पर रखा है, जिनमें पिछले कुछ समय से शानदार मोमेंटम देखने को मिल रहा है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, एसबीआई लाइफ का यह पोर्टफोलियो रोटेशन लॉन्ग-टर्म वैल्यू क्रिएशन को ध्यान में रखकर किया गया है।
HDFC Life ने डिफेंसिव और ग्रोथ स्टॉक्स का बनाया बेहतरीन कॉम्बिनेशन
एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस ने मई के दौरान फार्मास्युटिकल्स और एफएमसीजी जैसे डिफेंसिव सेक्टर्स के साथ-साथ तेजी से उभरते हुए रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर के शेयरों में अपनी होल्डिंग्स को बढ़ाया है। कंपनी ने बाजार की वोलैटिलिटी से बचने के लिए लार्जकैप शेयरों पर अपना फोकस बनाए रखा, जबकि चुनिंदा क्वालिटी मिडकैप्स में भी खरीदारी की। इस रणनीति से साफ है कि एचडीएफसी लाइफ आने वाले तिमाहियों में बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच अपने रिस्क को कम करते हुए स्टेबिलिटी और ग्रोथ दोनों का फायदा उठाना चाहती है।
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