ब्लैक सी में कमर्शियल जहाज MV OMORFI पर हमला: भारतीय नाविक की मौत पर भारत सरकार सख्त, रणधीर जायसवाल बोले—’ये बर्दाश्त नहीं’

ब्लैक सी (Black Sea) के अशांत जल क्षेत्र में व्यावसायिक जहाजों पर हो रहे जानलेवा हमलों को लेकर भारत सरकार ने अत्यंत कड़ा रुख अपनाया है। 18 जुलाई 2026 को रूसी समुद्री इलाके से गुजर रहे कमर्शियल जहाज ‘एमवी ओमोरफी’ (MV OMORFI) पर हुए हमले में एक भारतीय नाविक की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना पर विदेश मंत्रालय (MEA) ने गहरा दुख जताते हुए साफ शब्दों में कहा है कि अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में मर्चेंट जहाजों और निर्दोष नागरिकों की जान को खतरे में डालना किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। आइए एक इंटरनेशनल अफेयर्स और फॉरेन पॉलिसी रिपोर्टर के नजरिए से समझते हैं इस संवेदनशील घटनाक्रम की पूरी रिपोर्ट।

10 क्रू मेंबर्स में शामिल थे 3 भारतीय, एक की हुई मौत

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को इस दुखद घटना की पुष्टि करते हुए आधिकारिक बयान जारी किया:

  • घटना का ब्योरा: 18 जुलाई को जब व्यावसायिक जहाज MV OMORFI ब्लैक सी के रास्ते रूसी जल सीमा से गुजर रहा था, तभी उस पर अचानक हमला किया गया।

  • भारतीय नागरिक: जहाज पर कुल 10 क्रू सदस्य सवार थे, जिनमें 3 भारतीय नागरिक शामिल थे। इस हमले में एक भारतीय नाविक की मौके पर ही जान चली गई, जबकि दो अन्य भारतीय सुरक्षित बताए जा रहे हैं।

  • भारतीय मिशन की मदद: रूस स्थित भारतीय दूतावास ने स्थानीय अधिकारियों से तुरंत संपर्क साधा है। मृतक नाविक के पार्थिव शरीर को भारत लाने और पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया जारी है।

विदेश मंत्रालय का कड़ा संदेश: “नेविगेशन की स्वतंत्रता पर खतरा चिंताजनक”

MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कमर्शियल शिपिंग पर हो रहे इन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा:

“भारत कमर्शियल शिपिंग को निशाना बनाने और निर्दोष नागरिक क्रू सदस्यों की जान को खतरे में डालने वाले ऐसे हमलों की स्पष्ट रूप से निंदा करता है। यह बेहद गंभीर चिंता का विषय है कि अंतरराष्ट्रीय नेविगेशन की स्वतंत्रता और वैश्विक व्यापार के निर्बाध प्रवाह को बढ़ते खतरों का सामना करना पड़ रहा है। सभी पक्षों को अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करना चाहिए।”

‘एमवी गोल्डन लियो’ के ठीक बाद दूसरा बड़ा हादसा

MV OMORFI पर हुआ यह हमला कोई पहली घटना नहीं है। इससे ठीक एक दिन बाद, 19 जुलाई को गिनी-बिसाऊ के झंडे वाले एक अन्य कार्गो जहाज ‘एमवी गोल्डन लियो’ (MV Golden Lion) पर भी घातक हमला हुआ था।

  • ओडेसा बंदरगाह का हादसा: यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से निकलने के तुरंत बाद इस जहाज को निशाना बनाया गया था।

  • 4 भारतीयों की मौत: उस जहाज पर मौजूद 17 क्रू मेंबर्स (जिनमें ज्यादातर भारतीय और सीरियाई नागरिक थे) में से 5 भारतीय सवार थे। उस हमले में 4 भारतीय नाविकों की जान चली गई थी, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया था।

लगातार दो दिनों में हुए इन भीषण हमलों में 5 भारतीय नाविकों की जान जाने के बाद भारत सरकार ने वैश्विक समुदाय से समुद्री रास्तों की सुरक्षा (Maritime Security) और सप्लाई चेन को सुरक्षित रखने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की है।