
इंग्लैंड क्रिकेट टीम के रेड-बॉल फॉर्मेट यानी टेस्ट कोच के पद से अचानक हटाए गए ब्रेंडन मैकुलम ने अब इंग्लिश फैंस से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। पिछले साढ़े चार साल के कार्यकाल में थ्री लायंस (इंग्लैंड टीम) के मनचाहे नतीजे न दे पाने और भारत व ऑस्ट्रेलिया जैसी बड़ी टीमों के खिलाफ सीरीज में मिली हार के बाद मैकुलम का यह बड़ा बयान सामने आया है। हालांकि उन्हें टेस्ट कोचिंग की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है, लेकिन वह अभी भी व्हाइट-बॉल टीम के हेड कोच के रूप में अपनी सेवाएं जारी रखे हुए हैं और उनका पूरा ध्यान आगामी मुकाबलों व ट्रॉफ़ी जीतने पर है।
नतीजों के बिजनेस में नाकाम रहने का पूरा सम्मान
भारत के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज से ठीक एक पूर्व आयोजित चर्चा के दौरान ब्रेंडन मैकुलम ने अपने कार्यकाल के अंत और कड़े फैसलों पर पूरी विनम्रता के साथ प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्हें इस फैसले से निराशा जरूर हुई थी, लेकिन वे प्रबंधन के निर्णय का पूरा सम्मान करते हैं क्योंकि खेल जगत पूरी तरह से प्रदर्शन और परिणामों पर चलता है। उनके अनुसार, जब टीम उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं ला पाती है, तो ऐसे बदलाव अनिवार्य हो जाते हैं और अब वे इस पद से हटकर किसी अन्य को कोशिश करने का मौका देने की बात स्वीकार करते हैं।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नहीं मिले मनचाहे परिणाम
अपने कार्यकाल के दौरान ‘बैजबॉल’ शैली के खेल से काफी सुर्खियां बटोरने के बावजूद इंग्लैंड की टीम मुख्य और बड़ी श्रृंखलाओं में सफलता हासिल नहीं कर सकी। मैकुलम ने स्वीकार किया कि 2024 में भारत के खिलाफ और 2025-26 की एशेज सीरीज के दौरान टीम के पास बेहतरीन मौके थे, लेकिन वे उन मुकाबलों को अपने पक्ष में मोड़ने में असफल रहे। उन्होंने माना कि फैंस की असल उम्मीदें बड़ी सीरीज जीतने से जुड़ी होती हैं और वे उन अपेक्षाओं पर पूरी तरह खरे नहीं उतर पाए, जिसका उन्हें गहरा दुख है।
अब पूरा ध्यान व्हाइट-बॉल क्रिकेट और भविष्य पर
टेस्ट कोचिंग के अध्याय को पीछे छोड़ते हुए ब्रेंडन मैकुलम ने अब अपना पूरा जोश, ध्यान और रणनीतिक अनुभव सीमित ओवरों के खेल यानी व्हाइट-बॉल क्रिकेट पर केंद्रित करने का संकल्प लिया है। उन्होंने पिछले साढ़े चार सालों में खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ द्वारा दिखाए गए समर्पण के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि वे भविष्य में अपनी व्हाइट-बॉल टीम को ऐसी मजबूत स्थिति में ले जाएंगे जहाँ वे प्रतिष्ठित ट्रॉफियां उठाकर इंग्लिश फैंस और क्रिकेट प्रेमियों को मैदान पर एक शानदार और गौरवशाली प्रतिनिधित्व दे सकें।
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