बेगूसराय सामूहिक दुष्कर्म मामला: पति को बंधक बना महिला से दरिंदगी; मेडिकल जांच में प्राइवेट पार्ट से जिंदा कारतूस और पत्थर निकलने से हड़कंप

बिहार के बेगूसराय जिले से कानून-व्यवस्था और इंसानियत को पूरी तरह झकझोर कर रख देने वाला एक बेहद खौफनाक मामला सामने आया है। यहां पांच दबंगों ने एक घर में जबरन घुसकर पहले महिला के पति को कमरे में बंद कर बंधक बना लिया, और फिर महिला का अपहरण कर सुनसान जगह पर ले जाकर उसके साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) की वारदात को अंजाम दिया।

इस रोंगटे खड़े कर देने वाले मामले में पीड़िता की हालत तब और गंभीर हो गई, जब अस्पताल में इलाज और विस्तृत मेडिकल जांच के दौरान डॉक्टरों ने उसके प्राइवेट पार्ट (निजी अंग) से एक जिंदा कारतूस (गोली), पत्थर और लकड़ी का टुकड़ा बरामद किया। इस वीभत्स खुलासे के बाद पूरे इलाके में भारी तनाव और आक्रोश का माहौल है।

आधी रात को घर में घुसे पांच आरोपी; विरोध करने पर ब्लेड से किया हमला

यह अमानवीय घटना बेगूसराय के चकिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव में 11 जून 2026 की रात घटित हुई। पीड़िता द्वारा दर्ज कराए गए आधिकारिक बयान के अनुसार, घटना की रात करीब 11:30 बजे वह घरेलू काम और शौच के सिलसिले में घर से बाहर निकली थी। इसी दौरान घात लगाकर आए पांच हथियारबंद बदमाश जबरन उसके घर के भीतर घुस गए।

  • पति को बनाया बंधक: आरोपियों ने सबसे पहले महिला के पति को हथियारों के बल पर डराया-धमकाया और उसे घर के ही एक सुनसान कमरे में बाहर से कुंडी मारकर बंद कर दिया।

  • अपहरण और बर्बरता: जैसे ही महिला घर के अहाते में वापस आई, आरोपियों ने चिल्लाने से रोकने के लिए उसका मुंह दबा दिया और उसे जबरन घसीटते हुए गांव से दूर एक सुनसान खंडहर वाले इलाके में ले गए। वहां पांचों आरोपियों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।

  • ब्लेड से किया वार: पीड़िता ने पुलिस को बताया कि जब उसने अपनी अस्मत बचाने के लिए पूरी ताकत से शोर मचाने और विरोध करने की कोशिश की, तो दरिंदों ने उसे जान से मारने की नीयत से ब्लेड से उसकी छाती, बांहों और जांघ पर कई वार किए, जिससे वह लहूलुहान होकर मौके पर ही बेहोश हो गई।

इलाज के दौरान हुआ चौंकाने वाला खुलासा; बेहोशी की हालत में की गई क्रूरता

घटना के बाद होश आने पर पीड़िता किसी तरह अपने घर पहुंची और पति को कमरे से बाहर निकाला। स्थानीय पुलिस को सूचना दिए जाने के बाद, पुलिस की देखरेख में पीड़िता को तुरंत इलाज के लिए नजदीकी बरौनी अस्पताल और बाद में बेहतर इलाज के लिए जिला सदर अस्पताल रेफर किया गया।

  • दर्द बढ़ने पर खुली पोल: शुरुआती प्राथमिक उपचार के दौरान डॉक्टरों ने महिला के शरीर पर मौजूद कट्स और ब्लीडिंग का इलाज किया और दर्द को हमले के दौरान लगी बाहरी चोटों का परिणाम माना। लेकिन दो दिन बीतने के बाद भी जब महिला का आंतरिक दर्द असहनीय हो गया और उसकी तबीयत बिगड़ने लगी, तो सीनियर सर्जन्स की देखरेख में उसकी गहन आंतरिक जांच (Internal Medical Examination) की गई।

  • प्राइवेट पार्ट से निकली गोली: इस विस्तृत मेडिकल जांच में डॉक्टर उस वक्त सन्न रह गए जब महिला के निजी अंगों के भीतर से एक जिंदा कारतूस, नुकीला पत्थर और लकड़ी का टुकड़ा फंसा हुआ मिला। डॉक्टरों ने तत्काल माइनर सर्जरी के जरिए इन चीजों को बाहर निकाला। पीड़िता का कहना है कि चूंकि वह वारदात के दौरान गंभीर चोटों और सदमे के कारण बेहोश हो गई थी, इसलिए दरिंदों द्वारा की गई इस पराकाष्ठा और क्रूरता के बारे में उसे खुद कोई जानकारी नहीं थी।

“तीन महीने पहले भी हुआ था हमला, पुलिस ने नहीं की कार्रवाई”

सदर अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही पीड़िता ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का दावा है कि करीब तीन महीने पहले भी इलाके के तीन नामजद बदमाश उसके घर में जबरन घुसे थे। उस समय भी उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई थी और यौन उत्पीड़न (Molestation) का प्रयास किया गया था। उस दौरान आरोपी घर में रखे हजारों रुपये कैश और सोने-चांदी के गहने लूटकर फरार हो गए थे।

महिला के मुताबिक, उस समय भी घटना की लिखित शिकायत स्थानीय थाने में दर्ज कराई गई थी, लेकिन पुलिस ने आरोपियों के रसूख के आगे घुटने टेक दिए और कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं की। पीड़िता का आरोप है कि यदि पुलिस ने तीन महीने पहले ही सख्त कदम उठाए होते, तो आज उसके साथ इतनी बड़ी और शर्मनाक वारदात न होती।

पुलिस का बयान: वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी, लापरवाही पर नपेंगे पुलिसकर्मी

इस संवेदनशील और गंभीर मामले पर बढ़ते जन-आक्रोश को देखते हुए जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं। मामले की जांच की कमान संभाल रहे डीएसपी आनंद कुमार पांडे ने मीडिया को बताया:

“इस पूरे मामले की वैज्ञानिक और फॉरेंसिक (Forensic) तरीके से गहन जांच की जा रही है। पीड़िता के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। प्रथम दृष्टया मेडिकल रिपोर्ट और डॉक्टरों की टीम ने महिला के निजी अंग से जिंदा कारतूस बरामद होने और गंभीर अंदरूनी चोटों की पुष्टि की है, जो पीड़िता के दावों को सच साबित करते हैं। आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की कई टीमें और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) लगातार छापेमारी कर रही हैं। इसके साथ ही, महिला द्वारा पूर्व में दी गई शिकायत पर लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी आंतरिक जांच की जा रही है; यदि किसी भी स्तर पर पुलिस की ढिलाई सामने आती है, तो संबंधित पुलिसकर्मियों को तुरंत सस्पेंड कर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।”

फिलहाल पीड़िता की हालत नाजुक लेकिन स्थिर बनी हुई है और अस्पताल में डॉक्टरों की एक विशेष टीम उसकी काउंसिलिंग और इलाज में जुटी है, जबकि पूरा बेगूसराय जिला आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी और उन्हें फांसी की सजा देने की मांग कर रहा है।