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बीड-पुणे के बीच 17 सितंबर से शुरू होगी पहली सीधी ट्रेन, बस से आधे खर्च में मिलेगा आरामदायक सफर

महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र के निवासियों के लिए दशकों पुराना इंतजार आखिरकार खत्म होने जा रहा है। मध्य रेल (Central Railway) ने 17 सितंबर यानी ऐतिहासिक ‘मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम दिवस’ के पावन अवसर पर बीड और पुणे के बीच पहली सीधी रेल सेवा शुरू करने का औपचारिक ऐलान किया है। अब तक रेल संपर्क से कटे रहे बीड जिले को सीधे पश्चिमी महाराष्ट्र के प्रमुख औद्योगिक और शैक्षणिक केंद्र पुणे से जोड़ने के लिए यह सेवा शुरू की जा रही है। इस नई रेल कनेक्टिविटी से न केवल दोनों शहरों के बीच आवागमन सुगम और सुरक्षित होगा, बल्कि यह सफर प्राइवेट और राज्य परिवहन की बसों की तुलना में काफी कम किराए में पूरा हो सकेगा।

अहिल्यानगर–बीड–परली वैजनाथ नई रेल लाइन परियोजना के तहत अहिल्यानगर से बीड खंड के पूर्ण होने के बाद यह ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। इस रूट पर ट्रेन शुरू होने से बीड, आष्टी और आसपास के ग्रामीण इलाकों की जनता में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

मध्य रेल प्रशासन के अनुसार, 17 सितंबर को बीड रेलवे स्टेशन से इस ऐतिहासिक सेवा का औपचारिक हरी झंडी दिखाकर उद्घाटन किया जाएगा। उद्घाटन के मौके पर विशेष ट्रेन संख्या 01401 बीड से पुणे के लिए रवाना होगी। इस उद्घाटन स्पेशल के सफल संचालन के तुरंत बाद रेलवे द्वारा बीड और पुणे के बीच नियमित दैनिक एक्सप्रेस ट्रेन सेवा (ट्रेन नंबर 11434 / 11433) का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।

यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस ट्रेन की कोच संरचना बेहद संतुलित और आधुनिक रखी गई है। ट्रेन में एसी 2-टियर (AC 2-Tier), एसी 3-टियर (AC 3-Tier), स्लीपर क्लास और अनारक्षित सामान्य द्वितीय श्रेणी (General Second Class) के डिब्बे शामिल किए गए हैं। इससे दैनिक यात्रियों, निम्न-मध्यम वर्गीय परिवारों और प्रीमियम श्रेणी के यात्रियों को अपनी जरूरत और बजट के अनुसार यात्रा का विकल्प मिलेगा।

बीड से पुणे तक के सफर के दौरान यह ट्रेन दोनों क्षेत्रों के कई महत्वपूर्ण कस्बों और स्टेशनों को कवर करेगी, जिससे स्थानीय स्तर पर कनेक्टिविटी मजबूत होगी। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस ट्रेन के प्रमुख ठहराव (स्टॉपेज) इस प्रकार निर्धारित किए गए हैं:

  • अमलनेर भांड्याचे (Amalner Bhandyache)

  • न्यू आष्टी (New Ashti)

  • नारायणडोह (Narayandoho)

  • अहिल्यानगर (पूर्व में अहमदनगर)

  • श्रीगोंदा रोड (Shrigonda Road)

  • दौंड कॉर्ड लाइन (Daund Chord Line)

  • उरुली (Uruli)

दौंड कॉर्ड लाइन से गुजरने के कारण ट्रेन को मुख्य दौंड जंक्शन पर इंजन रिवर्सल की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे यात्रा के समय में खासी बचत होगी और यात्री बिना किसी अतिरिक्त रुकावट के समय पर पुणे पहुंच सकेंगे।

वर्तमान में बीड से पुणे के बीच यात्रा करने के लिए आम नागरिकों को मुख्य रूप से महाराष्ट्र राज्य परिवहन (MSRTC) की बसों या निजी ट्रेवल्स की लक्जरी बसों पर निर्भर रहना पड़ता था। त्योहारों और छुट्टियों के दौरान निजी बस ऑपरेटर मनमाना किराया वसूलते हैं, जहां एक तरफ का किराया 500 से 1200 रुपये तक पहुंच जाता है। इसके अलावा घुमावदार और ट्रैफिक वाले रास्तों पर बस का सफर काफी थकाऊ और जोखिम भरा रहता है।

रेलवे द्वारा नियमित ट्रेन शुरू किए जाने से यात्रियों को मात्र 100 से 150 रुपये के न्यूनतम सामान्य टिकट और किफायती स्लीपर किराए में सुरक्षित, आरामदायक और समयबद्ध सफर की सुविधा मिलेगी। ट्रेन में स्लीपर और एसी कोच की उपलब्धता से वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और मरीजों को बिना किसी झटके और थकान के सफर करने में आसानी होगी।

पुणे को ‘पूरब का ऑक्सफोर्ड’ और महाराष्ट्र की आईटी राजधानी कहा जाता है, जहां बीड और मराठवाड़ा के हजारों छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और उच्च शिक्षा के लिए रहते हैं। सीधी ट्रेन सेवा शुरू होने से इन छात्रों और उनके परिजनों के लिए घर आना-जाना बेहद आसान और किफायती हो जाएगा।

इसके साथ ही, बीड एक प्रमुख कृषि प्रधान जिला है। ट्रेन सेवा शुरू होने से स्थानीय किसान और फल-सब्जी उत्पादक अपने कृषि उत्पादों को पुणे की विशाल थोक मंडियों तक तेजी से और कम भाड़े में पहुंचा सकेंगे। गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए पुणे के बड़े अस्पतालों में जाने वाले मरीजों के लिए भी यह सीधी ट्रेन संजीवनी साबित होगी। इतना ही नहीं, परली वैजनाथ ज्योतिर्लिंग और कंकालेश्वर मंदिर जैसे तीर्थस्थलों की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को भी इस कनेक्टिविटी का सीधा लाभ मिलेगा।

मध्य रेल का यह कदम केवल एक ट्रेन चलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पिछड़े माने जाने वाले मराठवाड़ा के सुदूर इलाकों को सीधे राज्य की मुख्य आर्थिक धारा से जोड़ने का बड़ा प्रयास है। सरकार और रेल प्रशासन का लक्ष्य है कि आने वाले समय में अहिल्यानगर–बीड–परली रेल परियोजना के पूरे खंड को तैयार कर बीड को सीधे देश की आर्थिक राजधानी मुंबई (पनवेल) से भी तेजस या एक्सप्रेस ट्रेनों के जरिए जोड़ा जाए।

17 सितंबर से शुरू हो रही यह बीड-पुणे ट्रेन सेवा मराठवाड़ा के आधारभूत ढांचे और क्षेत्रीय विकास के इतिहास में एक नया मील का पत्थर साबित होने जा रही है।