बिहार के 500 केंद्रों पर दूसरे चरण का कड़ा इम्तिहान, मुन्नाभाइयों और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए हाई-टेक चक्रव्यूह तैयार

बिहार के लाखों युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए इस वक्त की सबसे बड़ी, महत्वपूर्ण और प्रशासनिक मुस्तैदी से जुड़ी खबर सामने आ रही है। केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) द्वारा आयोजित की जा रही बिहार पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के दूसरे चरण का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। इस महा-परीक्षा को पूरी तरह से कदाचार मुक्त, पारदर्शी और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए बिहार पुलिस और राज्य प्रशासन ने इतिहास के सबसे कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। पूरे सूबे में बनाए गए लगभग 500 हाई-प्रोफाइल परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा का ऐसा अभेद्य चक्रव्यूह तैयार किया गया है, जिसे भेद पाना किसी भी सॉल्वर गैंग या जालसाज के लिए नामुमकिन होगा। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी करने वालों को सीधे जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

बायोमेट्रिक हाजिरी से लेकर जैमर तक, परीक्षा केंद्रों को डिजिटल किले में बदला गया

बिहार पुलिस मुख्यालय और परीक्षा आयोजन समिति से मिली आधिकारिक ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार फर्जीवाड़ा और स्कॉलर्स (मुन्नाभाइयों) को रोकने के लिए पारंपरिक तरीकों की जगह आधुनिक डिजिटल और हाई-टेक सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। परीक्षा केंद्र के मुख्य द्वार पर ही हर एक परीक्षार्थी की गहन फिजिकल चेकिंग के साथ-साथ एडवांस्ड बायोमेट्रिक अटेंडेंस (Biometric Attendance) ली जाएगी, जिसमें फिंगरप्रिंट और फेस रिकग्निशन (चेहरा पहचानना) अनिवार्य होगा। इसके अलावा, परीक्षा हॉल के भीतर किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, ब्लूटूथ डिवाइस या मोबाइल के जरिए पेपर लीक और नकल की कोशिशों को नाकाम करने के लिए सभी 500 केंद्रों पर हाई-फ्रीक्वेंसी वाले जैमर (Jammers) एक्टिवेट कर दिए गए हैं।

सीसीटीवी कैमरों से लाइव मॉनिटरिंग, पटना मुख्य कंट्रोल रूम से रखी जाएगी पल-पल की नजर

इस परीक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए हर एक परीक्षा केंद्र और हर एक कमरे को सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की जद में रखा गया है। इन कैमरों की सीधी लाइव स्ट्रीमिंग राजधानी पटना में बनाए गए राज्य स्तरीय केंद्रीय कंट्रोल रूम से जोड़ी गई है, जहां वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और आईटी एक्सपर्ट्स की टीमें हर एक सेंटर पर पल-पल की गतिविधियों की लाइव मॉनिटरिंग कर रही हैं। किसी भी केंद्र पर जरा सी भी संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत स्थानीय फ्लाइंग स्क्वाड और पुलिस कप्तानों को ऑन-द-स्पॉट एक्शन के लिए अलर्ट कर दिया जाएगा। साथ ही, परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 144 लागू रहेगी और अनधिकृत व्यक्तियों के घूमने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है।

सॉल्वर गैंग और अफवाह फैलाने वालों पर खुफिया तंत्र की पैनी नजर, थानों को हाई अलर्ट

विगत दिनों हुई परीक्षाओं के अनुभवों से सबक लेते हुए बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के साथ-साथ स्थानीय खुफिया तंत्र को बेहद सक्रिय कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के प्रशासनिक कॉरिडोर्स से लेकर देश के अन्य राज्यों की पुलिस भी इस तरह के बड़े एग्जाम सिक्योरिटी पैटर्न्स पर अपनी नजरें बनाए रखती है। पुलिस कप्तानों ने साफ किया है कि सोशल मीडिया पर पेपर लीक या फर्जी आंसर की (Answer Key) से जुड़ी अफवाहें फैलाने वाले तत्वों और भोले-भाले छात्रों को ठगने वाले सॉल्वर गैंग्स के खिलाफ पहले से ही छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। सभी संबंधित जिलों के थानों को हाई अलर्ट पर रखते हुए मुस्तैद रहने को कहा गया है।

डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और आधुनिक एआई (AI) जनरेटिव सर्च इंजनों पर लगातार ट्रेंड हो रही खबर

आज के इस आधुनिक डिजिटल और एआई (AI) संचालित युग में गूगल डिस्कवर और जनरेटिव सर्च इंजनों पर ‘बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा सेकंड फेज गाइडलाइंस’ और ‘सीएसबीसी कांस्टेबल एग्जाम सेंटर लिस्ट एंड सिक्योरिटी’ जैसे विषयों को लेकर प्रदेश भर के लाखों परीक्षार्थी और उनके अभिभावक लगातार सर्च कर रहे हैं। परिवहन विभाग ने भी दूर-दराज से आने वाले छात्रों की सुविधा के लिए विशेष बसों और ट्रेनों के परिचालन को लेकर स्थानीय स्तर पर दिशा-निर्देश जारी किए हैं ताकि अभ्यर्थियों को केंद्रों तक पहुंचने में कोई असुविधा न हो। प्रशासन ने सभी छात्रों से अपील की है कि वे किसी भी बहकावे में न आएं और पूरी ईमानदारी के साथ अपनी परीक्षा दें।