बिना JEE परीक्षा दिए IIT में पढ़ने का सुनहरा मौका! IIT कानपुर ने शुरू किया साइबर सिक्योरिटी का खास कोर्स

देश के सबसे प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में शुमार आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur) से उन युवाओं के लिए एक बेहद बड़ी और खुशखबरी सामने आई है, जो बिना संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE) पास किए देश के टॉप आईआईटी संस्थान से पढ़ाई करने का सपना देखते हैं। आईआईटी कानपुर ने तेजी से बढ़ते डिजिटल युग की मांग को देखते हुए एक नया और बेहद एडवांस साइबर सिक्योरिटी कोर्स (Cyber Security Course) शुरू करने का आधिकारिक फैसला लिया है। सबसे खास बात यह है कि इस कोर्स में दाखिला लेने के लिए छात्रों को कठिन मानी जाने वाली जेईई परीक्षा देने की कोई आवश्यकता नहीं होगी। संस्थान ने इस विशेष प्रोग्राम के लिए कुल 60 सीटों को मंजूरी दी है, जिसके बाद आईटी सेक्टर और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में करियर बनाने की चाह रखने वाले छात्रों के बीच भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।

तेजी से बढ़ते साइबर खतरों के बीच बढ़ी एक्सपर्ट्स की मांग

आज के समय में जब पूरी दुनिया डिजिटल हो रही है, तब बैंकिंग फ्रॉड, डेटा लीक और हैकिंग जैसी साइबर अपराध की घटनाएं भी रिकॉर्ड तेजी से बढ़ रही हैं। सरकारी मंत्रालयों से लेकर बड़ी-बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों (MNCs) तक अपनी डिजिटल संपत्तियों को सुरक्षित रखने के लिए कुशल साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की तलाश में हैं। इसी बढ़ती मांग और स्किल्ड प्रोफेशनल्स की कमी को पूरा करने के लिए आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों ने इस विशेष कोर्स का खाका तैयार किया है। इस कोर्स के जरिए छात्रों को एथिकल हैकिंग, नेटवर्क सिक्योरिटी, क्रिप्टोग्राफी और डिजिटल फॉरेंसिक जैसी आधुनिक तकनीकों की बारीकियों से अवगत कराया जाएगा, जिससे कोर्स पूरा करते ही देश-विदेश में शानदार प्लेसमेंट के रास्ते खुल सकें।

जानिए क्या है बिना जेईई के एडमिशन पाने का पूरा गणित और योग्यता

आईआईटी कानपुर के इस अनूठे साइबर सिक्योरिटी कोर्स में एडमिशन की प्रक्रिया को बेहद पारदर्शी और सुलभ बनाया गया है। पारंपरिक बीटेक कोर्स की तरह इसमें जेईई एडवांस के स्कोर की जरूरत नहीं होगी। इसके बजाय, संस्थान अपने स्तर पर एक विशेष एप्टीट्यूड टेस्ट, इंटरव्यू या फिर छात्रों के पिछले शैक्षणिक रिकॉर्ड (जैसे 12वीं या ग्रेजुएशन के अंक) के आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार कर सीधे 60 भाग्यशाली छात्रों का चयन करेगा। इस कोर्स के लिए विज्ञान और कंप्यूटर बैकग्राउंड वाले छात्र, कामकाजी प्रोफेशनल्स और वे सभी युवा आवेदन करने के पात्र होंगे जो कोडिंग और एथिकल हैकिंग की दुनिया में अपना एक नया और मजबूत मुकाम हासिल करना चाहते हैं।

कोर्स पूरा होते ही मिलेंगे लाखों-करोड़ों के धांसू सैलरी पैकेज

आईआईटी कानपुर से साइबर सिक्योरिटी की डिग्री या सर्टिफिकेट हासिल करने वाले छात्रों के लिए कॉरपोरेट जगत में नौकरियों की कोई कमी नहीं होने वाली है। मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में शुरुआती सैलरी पैकेज भी अन्य पारंपरिक इंजीनियरिंग ब्रांचों की तुलना में काफी बेहतर होता है। कोर्स पूरा करने के बाद छात्र चीफ इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी ऑफिसर (CISO), साइबर सिक्योरिटी एनालिस्ट, एथिकल हैकर और सिक्योरिटी आर्किटेक्ट जैसे प्रतिष्ठित पदों पर काम कर सकते हैं। आईआईटी कानपुर का टैग और यहां की बेहतरीन फैकल्टी से मिलने वाली ट्रेनिंग के दम पर छात्र आसानी से देश और दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियों में अपनी जगह पक्की कर सकेंगे।