Wednesday , October 14 2026

बिना अनुमति नाम इस्तेमाल करने पर भड़के शिखर धवन

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विस्फोटक सलामी बल्लेबाज और अपने जमाने के ‘गब्बर’ के नाम से मशहूर शिखर धवन इस समय खेल जगत में एक बड़े विवाद के चलते चर्चाओं के केंद्र में आ गए हैं। हाल ही में क्रिकेट जगत से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई, जिसमें दावा किया गया कि शिखर धवन आगामी ‘वर्ल्ड टी20 कॉन्टिनेंट कप’ (World T20 Continent Cup) का हिस्सा बनने जा रहे हैं और उन्हें एशिया वारियर्स टीम की स्क्वाड में शामिल किया गया है। जैसे ही यह खबर सोशल मीडिया और मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हुई, खुद शिखर धवन ने इस पर कड़ा संज्ञान लिया। उन्होंने इन सभी दावों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि आयोजकों ने उनकी बिना किसी सहमति, पूर्व जानकारी और अनुमति के उनके नाम का इस्तेमाल किया है। इस अनाधिकृत प्रचार और नाम के दुरुपयोग से आहत होकर पूर्व भारतीय ओपनर ने आयोजकों के खिलाफ कानूनी कदम उठाने की कड़ी चेतावनी दे दी है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए शिखर धवन ने तुरंत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) का सहारा लिया और अपने आधिकारिक हैंडल के जरिए पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने अपने संदेश में दो टूक शब्दों में लिखा कि उन्होंने किसी भी टूर्नामेंट के लिए कोई सहमति नहीं दी है। धवन ने अपने पोस्ट में लिखा, “मैंने देखा है कि मेरा नाम वर्ल्ड टी20 कॉन्टिनेंट कप में एक प्रतिभागी के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। आयोजकों द्वारा मेरा नाम मेरी जानकारी या अनुमति के बिना इस्तेमाल किया गया है, और मेरी कानूनी टीम इस मामले से निपटने के लिए आवश्यक और उचित कानूनी कदम उठाएगी।” इसके साथ ही उन्होंने अपने चाहने वाले करोड़ों प्रशंसकों और मीडिया संस्थानों से यह अपील की है कि वे इस तरह की किसी भी अनाधिकृत और झूठी घोषणाओं पर भरोसा न करें और न ही ऐसी खबरों का प्रसार करें।

गौरतलब है कि आगामी दिसंबर के महीने में ‘वर्ल्ड टी20 कॉन्टिनेंट कप’ के पहले संस्करण (Inaugural Edition) का आयोजन प्रस्तावित है, जिसमें दुनिया भर के कई दिग्गज और सेवानिवृत्त क्रिकेटर्स (Retired Cricketers) हिस्सा लेने वाले हैं। इस टूर्नामेंट में कुल चार टीमों—एशिया वारियर्स, यूरोप चैंपियंस, अफ्रीका लायंस और नॉर्थ अमेरिका ईगल्स के बीच मुकाबले खेले जाने की योजना बनाई गई है। आयोजकों द्वारा इस टूर्नामेंट की मार्केटिंग और पब्लिसिटी के लिए कई बड़े खिलाड़ियों के नाम आगे बढ़ाए जा रहे थे, ताकि दर्शकों का ध्यान खींचा जा सके। लेकिन शिखर धवन का नाम उनकी मर्जी के बिना जोड़े जाने और कमर्शियल इस्तेमाल किए जाने के बाद से यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी खिलाड़ी के नाम का इस तरह से बिना अनुमति के कमर्शियल या प्रचार प्रसार के लिए उपयोग करना सीधे तौर पर कॉपीराइट और प्राइवेसी कानूनों का उल्लंघन है।

शिखर धवन द्वारा उठाए गए इस सख्त कदम के बाद खेल जगत और फ्रेंचाइजी लीग के आयोजकों के बीच हड़कंप मच गया है। पूर्व खिलाड़ियों के नाम का इस तरह से बिना पुष्टि के इस्तेमाल किए जाने की घटना ने लीग के प्रबंधन की पारदर्शिता पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। क्रिकेट फैंस भी सोशल मीडिया पर शिखर धवन के समर्थन में उतर आए हैं और उनका कहना है कि किसी भी खिलाड़ी की प्रतिष्ठा के साथ इस तरह खिलवाड़ नहीं किया जाना चाहिए। धवन की कानूनी टीम अब इस मामले में आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रही है, जिससे यह साफ हो गया है कि आने वाले दिनों में आयोजकों की मुश्किलें और अधिक बढ़ सकती हैं। फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया है कि खिलाड़ी अपने अधिकारों और व्यक्तिगत ब्रांडिंग को लेकर अब पहले से कहीं अधिक सतर्क और मुखर हो चुके हैं।