
शेयर बाजार में आज भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है, जिससे निवेशकों की धड़कनें तेज हो गई हैं। सप्ताह के शुरुआती कारोबार में घरेलू बाजार सेंसेक्स और निफ्टी बुरी तरह से लड़खड़ा गए हैं। सेंसेक्स 100 अंकों से अधिक की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा है, वहीं निफ्टी 24,150 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे खिसक गया है। बाजार की इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण एशियाई बाजारों में आई बड़ी सुनामी है, विशेषकर कोरियाई इंडेक्स ‘कोस्पी’ (KOSPI) में आई 8% की ऐतिहासिक गिरावट ने वैश्विक निवेशकों को डरा दिया है।
क्यों गिर रहा है बाजार? जानिए बड़ी वजह
बाजार के जानकारों का मानना है कि घरेलू बाजार में यह गिरावट मुख्य रूप से ‘इफेक्ट ऑफ ग्लोबल सेंटीमेंट्स’ है। कोस्पी में आई भारी बिकवाली का असर अन्य एशियाई बाजारों के साथ-साथ भारतीय बाजारों पर भी दिख रहा है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की तरफ से हो रही बिकवाली और वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता के माहौल ने निवेशकों का कॉन्फिडेंस कम कर दिया है। इसके अलावा, तकनीकी स्तर पर निफ्टी के 24,150 के स्तर को होल्ड न कर पाने के कारण बाजार में और भी बिकवाली का दबाव बढ़ा है।
निवेशकों के लिए क्या है सलाह?
बाजार में आई इस गिरावट को देखते हुए एक्सपर्ट्स का मानना है कि घबराहट में आकर बिकवाली (Panic Selling) करना घाटे का सौदा हो सकता है। फिलहाल बाजार ‘अति-संवेदनशील’ (Hyper-sensitive) मोड में है। विशेषज्ञों की सलाह है कि लंबी अवधि के निवेशक इस गिरावट को एक अवसर की तरह देखें और अच्छे फंडामेंटल वाले शेयरों पर नजर रखें। हालांकि, इंट्राडे ट्रेडर्स को बहुत सावधानी बरतने की जरूरत है क्योंकि अगले कुछ घंटों में बाजार में बड़े उतार-चढ़ाव (Volatility) देखने को मिल सकते हैं।
अब आगे क्या होगा?
भारतीय बाजार की नजरें अब अमेरिकी बाजार के संकेतों और ग्लोबल कमोडिटी की कीमतों पर टिकी हैं। यदि निफ्टी 24,100 के निचले स्तर को डिफेंड कर लेता है, तो बाजार में रिकवरी की उम्मीद की जा सकती है। फिलहाल, निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने पोर्टफोलियो में ज्यादा रिस्क न लें और बाजार की स्थिरता का इंतजार करें। इस समय ग्लोबल मार्केट का दबाव घरेलू निवेशकों के लिए परीक्षा की घड़ी जैसा है, जहां धैर्य और सही स्टॉप-लॉस का उपयोग ही आपको बड़े नुकसान से बचा सकता है।
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