News India Live, Digital Desk: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है। इस बार विवाद का केंद्र बना है मुख्यमंत्री का विमान। ममता बनर्जी ने गंभीर आरोप लगाया है कि भाजपा ने जानबूझकर हवाई अड्डे पर अपने ‘चुने हुए’ अधिकारियों को तैनात किया है, ताकि उनके चुनावी दौरों में देरी की जा सके। मुख्यमंत्री ने दहाड़ते हुए कहा कि उनके विमान को रनवे पर 30 मिनट तक बेवजह इंतजार कराया गया, जो उनके कार्यक्रमों को बाधित करने की एक सोची-समझी साजिश है।
‘हेमंत सोरेन के साथ भी यही हुआ’
ममता बनर्जी ने इस घटना की तुलना झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ हुई हालिया स्थिति से की। उन्होंने आरोप लगाया कि झारग्राम में पीएम मोदी के ‘झालमुड़ी’ खाने के कार्यक्रम के कारण हेमंत सोरेन के चॉपर को लैंड करने की अनुमति नहीं दी गई थी। ममता ने कहा, “ठीक वैसा ही अब मेरे साथ किया जा रहा है। हमारे कार्यक्रमों को रोकने के लिए हवाई अड्डे से लेकर प्रशासन तक में भाजपा के पसंदीदा चेहरों को बैठाया गया है।”
प्रशासन पर भाजपा का कब्जा और ‘बदला’ लेने की चेतावनी
खड़दहा में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि टीएमसी को रैलियों और बैठकों की अनुमति लेने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक खास व्यक्ति, जो खुद को भाजपा का बड़ा नेता समझता है, उसे चुनाव ड्यूटी पर लगाया गया है और वह लोगों के लिए समस्याएं खड़ी कर रहा है। ममता ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “वे जानबूझकर मुझे रोक रहे हैं ताकि कार्यक्रमों में देरी हो जाए। हम इस अपमान और घमंड का लोकतांत्रिक तरीके से करारा जवाब देंगे और इसका बदला लेंगे।”
कार्यकर्ताओं पर ‘झूठे केस’ और गिरफ्तारी की साजिश
मुख्यमंत्री ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि चुनाव जीतने के लिए टीएमसी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा, “भाजपा ने हमारे कार्यकर्ताओं पर नशीले पदार्थों (Drugs) से जुड़े झूठे केस थोपने और उन्हें गिरफ्तार करने की योजना बनाई है। जो अधिकारी यहाँ इंचार्ज है, वह कोई भी अनुमति देने से पहले भाजपा कार्यालय से मंजूरी लेता है।” ममता ने प्रशासनिक अधिकारियों से बिना किसी भेदभाव के काम करने की अपील की।
ईवीएम और सेना की मौजूदगी पर उठाए सवाल
जनसभा के दौरान ममता बनर्जी ने खड़दहा विधानसभा क्षेत्र से टीएमसी उम्मीदवार देवदीप पुरोहित के पक्ष में वोट मांगे। साथ ही उन्होंने मतदाताओं को आगाह किया कि वे ईवीएम (EVM) में होने वाली संभावित गड़बड़ियों और मतदान की अनियमितताओं के प्रति सचेत रहें। उन्होंने राज्य में चुनाव के दौरान भारी संख्या में सेना और केंद्रीय बलों की मौजूदगी पर भी सवाल उठाते हुए इसे डराने-धमकाने की राजनीति करार दिया।
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