फिर बदलेगा मौसम का मिजाज: दिल्ली-NCR समेत 6 राज्यों में आंधी और ओलावृष्टि का अलर्ट, यूपी-बिहार में झमाझम बारिश की चेतावनी

उत्तर और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में अक्टूबर की विदाई और गुलाबी ठंड की शुरुआत के बीच मौसम एक बार फिर बड़ा करवट लेने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा पूर्वानुमान जारी करते हुए चेतावनी दी है कि हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय हुए एक तीव्र पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और बंगाल की खाड़ी से उठने वाली नम पुरवइया हवाओं के टकराव के कारण देश के कम से कम छह राज्यों में मौसम बेहद बिगड़ने वाला है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और पूरे एनसीआर क्षेत्र सहित पंजाब, हरियाणा, उत्तरी राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी, बादलों की भारी गर्जना और छिटपुट ओलावृष्टि (Hailstorm) की प्रबल आशंका जताई गई है। मौसम में इस अप्रत्याशित बदलाव से जहां एक तरफ दिन के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की सीधी गिरावट दर्ज की जाएगी, वहीं दूसरी ओर अचानक तेज हवाओं और ओलावृष्टि से खुले खेतों में खड़ी खरीफ फसलों और पककर तैयार धान की बालियों को भारी नुकसान पहुंचने का खतरा मंडरा रहा है।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में आगामी 48 से 72 घंटों के दौरान आसमान में घने बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में दोपहर बाद या देर शाम तेज गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी धूल भरी हवाएं चलने का अनुमान है, जिसके चलते पेड़ों की टहनियां टूटने और यातायात प्रभावित होने की संभावना है। तापमान की बात करें तो दिल्ली में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे लुढ़ककर 30 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा सकता है, जबकि न्यूनतम पारा 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा। तेज हवाओं और बारिश के इस दौर से दिल्ली-एनसीआर के वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में तो फौरी तौर पर सुधार देखने को मिलेगा, लेकिन हवा में ठंडक और नमी बढ़ने से सुबह के समय धुंध व कोहरे का असर भी गहरा सकता है।

उत्तर-पश्चिम भारत के कृषि प्रधान राज्यों पंजाब, हरियाणा और उत्तरी राजस्थान में इस मौसमी तंत्र का सबसे व्यापक असर देखने को मिल सकता है। पंजाब के अमृतसर, तरनतारन, जालंधर, लुधियाना और बठिंडा तथा हरियाणा के अंबाला, करनाल, कुरुक्षेत्र, हिसार और रोहतक में तेज आंधी-तूफान के साथ ओले गिरने की संभावना व्यक्त की गई है। राजस्थान के शेखावाटी अंचल—सीकर, झुंझुनूं, चूरू के साथ-साथ जयपुर, बीकानेर और अलवर जिलों में भी धूल भरी आंधी चलने और बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है। मौसम वैज्ञानिकों ने ओलावृष्टि के खतरे को देखते हुए मंडियों में खुले में रखी धान और बाजरे की बोरियों को तुरंत सुरक्षित स्थानों या तिरपाल से ढकने की सलाह दी है। किसानों से अपील की गई है कि वे मौसम सामान्य होने तक फसलों में किसी भी प्रकार की रासायनिक कीटनाशक दवा का छिड़काव या अतिरिक्त सिंचाई करने से बचें।

उत्तर प्रदेश और बिहार के मैदानी इलाकों में बंगाल की खाड़ी के चक्रवाती परिसंचरण का असर साफ तौर पर महसूस होगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों—गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या और राजधानी लखनऊ के गोमती नगर व हजरतगंज क्षेत्रों—में रुक-रुक कर तेज बौछारें पड़ने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने के आसार हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, अलीगढ़ और आगरा में भी गरज-चमक के साथ छिटपुट बारिश और ओले गिरने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। बिहार की बात करें तो पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर और दरभंगा में बादलों की गड़गड़ाहट और बिजली गिरने (Lightning Strike) को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। स्थानीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों ने आम जनता और विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों के लोगों को सलाह दी है कि तेज आंधी और आकाशीय बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास बिल्कुल शरण न लें।

पश्चिमी विक्षोभ के असर से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में सीजन की ताजी बर्फबारी का सिलसिला शुरू होने जा रहा है। हिमाचल के रोहतांग पास, लाहौल-स्पीति, मनाली और किन्नौर तथा उत्तराखंड के बद्रीनाथ, केदारनाथ, हेमकुंड साहिब और पिथौरागढ़ की ऊंची चोटियों पर बर्फ की सफेद चादर बिछने लगी है। पहाड़ों से टकराकर आने वाली बर्फीली और ठंडी उत्तरी हवाओं के कारण मैदानी इलाकों में तापमान तेजी से नीचे गिरेगा। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, इस आंधी-बारिश और ओलावृष्टि के दौर के समाप्त होते ही उत्तर भारत में रात और तड़के की गुलाबी ठंड अचानक रफ्तार पकड़ेगी और लोगों को हल्के गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस होने लगेगी।