
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में हुए एक सनसनीखेज आतंकवादी हमले के बाद घाटी की राजनीति में उबाल आ गया है। इस कायराना हमले के बाद प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के अध्यक्ष फारुख अब्दुल्ला का एक बड़ा बयान सामने आया है, जिसने नए राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है। अब्दुल्ला ने सवालिया लहजे में कहा है कि आखिर ऐसा क्यों होता है कि जब-जब उनकी पार्टी या नेता राज्य में ‘पूर्ण राज्य’ (Statehood) के दर्जे की मांग को तेज करते हैं, ठीक उसी समय ऐसी टार्गेटेड हत्याएं क्यों शुरू हो जाती हैं? उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम की गहराई से उच्च-स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
क्या था कुलगाम हमला और कैसे की गई प्रवासी मजदूरों की निर्मम हत्या
घाटी में सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हुए शुक्रवार देर रात कुलगाम में पहलगाम शैली में आतंकियों ने खूनी खेल खेला। छत्तीसगढ़ के रहने वाले दो प्रवासी मजदूर इलाके में मजदूरी कर रहे थे, जिन्हें आतंकवादियों ने अपना निशाना बनाया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आतंकियों ने दोनों मजदूरों से पहले उनका नाम पूछा और इसके तुरंत बाद उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। इस क्रूर हमले में दीपक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल भूपिंदर ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और मजदूरों में भारी दहशत का माहौल है।
‘कुछ ताकतें नहीं चाहतीं मिले पूर्ण राज्य’, सत्ताधारी दल और मंत्रियों के तीखे सुर
पिछले कुछ हफ्तों से सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस पार्टी जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा वापस दिलाने के लिए आक्रामक रुख अपनाए हुए है। इसके लिए पार्टी दिल्ली तक धरना-प्रदर्शन भी कर चुकी है, वहीं महबूबा मुफ्ती की पीडीपी भी 5 अगस्त को अनुच्छेद 370 और स्टेटहुड की वापसी को लेकर बड़े प्रदर्शन की तैयारी में है। कुलगाम की इस घटना के बाद, राज्य के उप मुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी सहित कई मंत्रियों ने भी इशारों में कहा है कि कुछ बाहरी और छिपी हुई ताकतें नहीं चाहती हैं कि जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का अधिकार मिले। हालांकि, चूंकि यहाँ पुलिस प्रशासन सीधे केंद्रीय गृह मंत्रालय और राज्यपाल के अधीन कार्य करता है, इसलिए स्थानीय सत्ताधारी दल के पास सीधी जाँच का अधिकार नहीं है।
फारुख अब्दुल्ला के बयान पर भड़की बीजेपी, कहा- ‘आतंकियों का हौसला बढ़ा रहे हैं’
पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला के इस विवादास्पद बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी के नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने फारुख अब्दुल्ला पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे संदेहास्पद बयान देकर वह सीधे तौर पर आतंकवादियों का मनोबल और हौसला बढ़ाने का काम कर रहे हैं। बीजेपी नेता ने दो टूक कहा कि पूर्ण राज्य का दर्जा देना देश की संसद का आंतरिक और संवैधानिक विषय है, जिसका आतंकवाद जैसी क्रूर घटनाओं से कोई सीधा लेना-देना नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब-जब देश की सुरक्षा एजेंसियां आतंकवादियों के सफाए के लिए कार्रवाई करती हैं, तब-तब यही नेता उन्हें मासूम साबित करने मैदान में आ जाते हैं।
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