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पुनर्वसु नक्षत्र और सिद्ध योग का महासंयोग, आज के सभी शुभ-अशुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

सनातन संस्कृति, भारतीय परंपरा और वैदिक ज्योतिष में किसी भी नए कार्य, मांगलिक अनुष्ठान, पूजा-पाठ या यात्रा की शुरुआत करने से पहले पंचांग देखने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। पंचांग के माध्यम से हमें किसी भी दिन की तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण के साथ-साथ सूर्योदय, सूर्यास्त और विशेष रूप से राहुकाल जैसी महत्वपूर्ण जानकारियों का सटीक ज्ञान प्राप्त होता है। आज 31 अक्टूबर 2026 का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से बेहद खास रहने वाला है। आज महीने के आखिरी शनिवार के साथ-साथ आसमान में कई अद्भुत खगोलीय और आध्यात्मिक योगों का मिलन हो रहा है। एस्ट्रोपत्री के जाने-माने ज्योतिषाचार्य आनंद सागर पाठक के अनुसार, आज के दिन कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि, अत्यंत पावन ‘सिद्ध योग’ और ‘पुनर्वसु नक्षत्र’ का एक दुर्लभ महासंयोग बन रहा है। यदि आप भी आज के दिन कोई नया कार्य शुरू करने की सोच रहे हैं, तो आइए विस्तार से जानते हैं कि आज का पूरा पंचांग, शुभ मुहूर्त और अशुभ समय क्या रहेगा।

आज का पंचांग और मुख्य तिथियां: जानिए क्या है आज का दिनमान

वैदिक पंचांग के अनुसार, आज शनिवार के दिन ग्रहों और नक्षत्रों की चाल बहुत ही विशिष्ट और सकारात्मक प्रभाव देने वाली है। आइए नजर डालते हैं आज के दिन की मुख्य पंचांगीय गणना पर:

  • संवत्: 2083

  • मास: कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष

  • दिन: शनिवार (कार्तिक मास का शनिवार न्याय के देवता शनिदेव की उपासना के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।)

  • तिथि: कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि आज शाम 04 बजकर 57 मिनट तक रहेगी, जिसके पश्चात सप्तमी तिथि की शुरुआत हो जाएगी।

  • योग: आज दिन भर ‘सिद्ध योग’ का प्रभाव रहेगा, जो शाम 05 बजकर 31 मिनट तक एक्टिव रहेगा, इसके बाद ‘साध्य योग’ शुरू होगा। ज्योतिष में सिद्ध योग को हर कार्य में सफलता दिलाने वाला माना गया है।

  • करण: वणिज करण शाम 04 बजकर 57 मिनट तक रहेगा, जिसके बाद विष्टि (भद्रा) करण का साया शुरू होगा जो अगले दिन यानी 1 नवंबर को तड़के 03 बजकर 51 मिनट तक रहेगा।

सूर्य, चंद्रमा और ग्रहों की स्थिति: किस राशि में विराजित हैं ग्रह

आज के दिन आकाशीय मंडल में ग्रहों की स्थिति जातकों के जीवन पर गहरा प्रभाव डालने वाली है। खगोलीय गणना के मुताबिक:

  • सूर्य देव: जगत के प्रकाशपुंज सूर्य देव वर्तमान में तुला राशि में विराजमान हैं, जहां वे तुला संक्रांति और संतुलन के प्रभाव को दर्शा रहे हैं।

  • चंद्रमा की स्थिति: मन के कारक चंद्र देव आज मिथुन राशि में गोचर कर रहे हैं और अगले दिन मध्यरात्रि 12:00 बजे के बाद कर्क राशि में प्रवेश करेंगे।

  • सूर्योदय और सूर्यास्त: आज सुबह सूर्योदय ठीक प्रातः 06 बजकर 32 मिनट पर हुआ, जबकि शाम को सूर्यास्त 05 बजकर 37 मिनट पर होगा।

  • चंद्रोदय और चंद्रास्त: आज रात चंद्रमा का उदय 10 बजकर 32 मिनट पर होगा, जबकि दिन में चंद्रास्त दोपहर 11 बजकर 54 मिनट पर हो चुका होगा।

नक्षत्रों का विशेष प्रभाव: आर्द्रा से पुनर्वसु नक्षत्र तक का सफर

आज के पंचांग की सबसे बड़ी विशेषता नक्षत्रों का संयोग है। आज चंद्रदेव आर्द्रा और पुनर्वसु नक्षत्र के प्रभाव में रहेंगे:

  • आर्द्रा नक्षत्र: सुबह 07 बजकर 12 मिनट तक आर्द्रा नक्षत्र का प्रभाव रहा, जिसके स्वामी राहु और राशि स्वामी बुधदेव हैं। इसके देवता रुद्र (भगवान शिव का रूप) हैं। इस नक्षत्र में जन्मे या प्रभावित लोग बुद्धिमान, कूटनीतिज्ञ और सरल स्वभाव के होते हैं।

  • पुनर्वसु नक्षत्र: सुबह 07 बजकर 12 मिनट के बाद पुनर्वसु नक्षत्र शुरू हो गया है, जो अगले दिन 1 नवंबर को तड़के 05 बजकर 39 मिनट तक रहेगा। इस नक्षत्र के देवता अदिति (देवताओं की माता) हैं और इसके स्वामी बृहस्पतिदेव हैं। पुनर्वसु नक्षत्र के प्रभाव से व्यक्ति अत्यंत ज्ञानी, आशावादी, आत्मविश्वासी, आध्यात्मिक, भाग्यशाली और दयालु प्रवृत्ति का होता है।

आज के शुभ मुहूर्त: किस समय करें अच्छे कार्यों की शुरुआत

यदि आप आज के दिन कोई नया व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, गृह प्रवेश की योजना बना रहे हैं, कोई महत्वपूर्ण अनुबंध साइन करना चाहते हैं या किसी शुभ यात्रा पर निकलना चाहते हैं, तो इन खास मुहूर्तों का लाभ उठा सकते हैं:

  • अभिजीत मुहूर्त: दिन का सबसे श्रेष्ठ और दोषमुक्त मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 42 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 27 मिनट तक रहेगा। इस अवधि में किए गए सभी कार्य सफल और मंगलकारी होते हैं।

  • अमृत काल: रात्रि के अंतिम पहर में यानी अगले दिन तड़के 03 बजकर 24 मिनट से तड़के 04 बजकर 54 मिनट (1 नवंबर) तक अमृत काल रहेगा, जो साधना और आध्यात्मिक कार्यों के लिए सर्वोत्तम माना गया है।

आज के अशुभ समय और राहुकाल: इन अवधियों में रहें सतर्क

ज्योतिष शास्त्र में कुछ समय ऐसे बताए गए हैं जिनमें किसी भी प्रकार के नए या शुभ कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए, क्योंकि इनमें बाधाओं या असफलता की संभावना बढ़ जाती है:

  • राहुकाल: आज सुबह 09 बजकर 18 मिनट से लेकर प्रातः 10 बजकर 41 मिनट तक राहुकाल रहेगा। इस दौरान किसी भी नए काम की शुरुआत न करें।

  • गुलिकाल: सुबह 06 बजकर 32 मिनट से प्रातः 07 बजकर 55 मिनट तक गुलिकाल का समय रहेगा।

  • यमगण्ड काल: दोपहर 01 बजकर 28 मिनट से शुरू होकर दोपहर 02 बजकर 51 मिनट तक यमगण्ड रहेगा। इन सभी अशुभ अवधियों में महत्वपूर्ण निर्णयों से बचना ही श्रेयस्कर होता है। शनिवार के दिन शनिदेव और भगवान हनुमान की आराधना करने से सभी प्रकार के कष्ट दूर होते हैं और दिन मंगलमय बनता है।