
देश के तकरीबन 22.79 लाख मेडिकल परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए आज रविवार, 21 जून का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। पेपर लीक के विवादों को झेलने के बाद, डॉक्टर बनने का सपना देखने वाले ये छात्र आज एक बार फिर नीट यूजी 2026 (NEET UG 2026) के रण में उतर रहे हैं। यह परीक्षा न केवल छात्रों के भविष्य के लिए, बल्कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की साख और देश के सुरक्षा तंत्र के लिए भी एक बड़ी अग्निपरीक्षा है। परीक्षा के सुचारू आयोजन के लिए एनटीए ने उम्मीदवारों के लिए सख्त एडवाइजरी और गाइडलाइंस जारी की हैं।
परीक्षा केंद्र जाने से पहले जरूर जांच लें ये 3 चीजें, एनटीए ने दी सलाह
एनटीए ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए परीक्षार्थियों के लिए आखिरी समय की गाइडलाइंस जारी की हैं। परीक्षा केंद्र में प्रवेश पाने के लिए छात्रों को अपने साथ निम्नलिखित दस्तावेज ले जाना अनिवार्य है:
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एडमिट कार्ड: नीट यूजी 2026 री-एग्जाम का आधिकारिक एडमिट कार्ड।
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वैलिड फोटो आईडी प्रूफ: आधार कार्ड, पैन कार्ड या अन्य कोई सरकारी पहचान पत्र।
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पासपोर्ट साइज फोटो: उम्मीदवारों को अपने साथ दो पासपोर्ट साइज तस्वीरें भी रखनी होंगी।
एनटीए ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंचें ताकि सुरक्षा जांच की प्रक्रिया बिना किसी हड़बड़ी के पूरी हो सके और वे शांत मन से परीक्षा दे सकें।
देश-विदेश के 565 शहरों में दोपहर 2 बजे से शुरू होगा महामुकाबला
नीट यूजी 2026 की यह दोबारा परीक्षा भारत के 551 शहरों और विदेशों के 14 शहरों में एक साथ आयोजित की जा रही है। परीक्षा का समय दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक निर्धारित किया गया है, जो पूरी तरह से पेन-एंड-पेपर (ऑफलाइन) मोड में होगी। वहीं, दिव्यांग (PwD/PwBD) श्रेणी के योग्य उम्मीदवारों को नियमानुसार अतिरिक्त समय दिया जाएगा, जिससे वे शाम 6:20 बजे तक अपनी परीक्षा पूरी कर सकेंगे। इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सफल बनाने के लिए देश भर में 2 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को ड्यूटी पर लगाया गया है।
थ्री-लेयर सिक्योरिटी और रियल-टाइम सीसीटीवी सर्विलांस से लैस परीक्षा केंद्र
इस बार परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए एनटीए ने केंद्रों पर अभेद्य सुरक्षा कवच तैयार किया है। सभी परीक्षा केंद्रों को सुरक्षा एजेंसियों के हवाले कर दिया गया है, जहां तीन-स्तरीय (Three-Level) सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी:
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बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन: परीक्षा केंद्रों पर नकल और फर्जी उम्मीदवारों को रोकने के लिए सख्त बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
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जीपीएस और पैरामिलिट्री फोर्स: प्रश्न पत्रों और आंसर बुकलेट के सुरक्षित ट्रांसपोर्टेशन के लिए जीपीएस-इनेबल्ड वाहनों का उपयोग किया जा रहा है, और इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी पैरामिलिट्री फोर्स के पास है।
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कंट्रोल रूम से लाइव मॉनिटरिंग: 5,000 से अधिक केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी लाइव फीड सीधे एनटीए के हाई-लेवल मॉनिटरिंग सेंटर को मिलती रहेगी। यह सेंटर सोशल मीडिया और इंटरनेट पर किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर भी पैनी नजर रख रहा है।
प्रशासनिक अमला और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, हजारों अधिकारी तैनात
परीक्षा को बिना किसी गड़बड़ी के संपन्न कराने के लिए स्थानीय प्रशासन, पुलिस और शिक्षा विभाग के बीच एक मजबूत तालमेल बनाया गया है। जमीनी स्तर पर निगरानी के लिए एक बड़ी टीम तैनात की गई है, जिसमें शहर-स्तरीय व्यवस्थाओं को संभालने के लिए 674 सिटी कोऑर्डिनेटर नियुक्त किए गए हैं। इसके साथ ही, केंद्रों पर स्वतंत्र रूप से पैनी नजर रखने के लिए 6,669 ऑब्जर्वर भेजे गए हैं। हर सेंटर पर सेंटर सुपरिटेंडेंट और इनविजिलेटर की मुस्तैदी के साथ-साथ जिला प्रशासन और पुलिस की विशेष एस्कॉर्ट टीमें गोपनीय परीक्षा सामग्री की सुरक्षा में तैनात हैं।
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